Vastu Tips: गलत दिशा में रखा मनीप्लांट बना देगा आपको कंगाल, जानें क्या है सही प्लेसमेंट
Vastu Tips: पौधे न सिर्फ घर की खूबसूरती को बढ़ाते हैं बल्कि लक को भी इनहेंस करते हैं. ये घर की ऊर्जा को सकारात्मक बनाते हैं. अमीरों के घर में आपको मनी प्लांट जरूर मिलेगा. वे अपने रसोई घर से लेकर ड्रॉइंग रूम में भी मनी प्लांट को स्थापित करते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट का पौधा घर में रखने से गरीबी, दरिद्रता और घर में मौजूद नकारात्मकताओं को दूर करता है. मगर क्या आपको पता है मनी प्लांट को गलत जगह रखने से नुकसान हो सकते हैं?
घर की इस दिशा में न रखें मनी प्लांट
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर की उत्तर-पूर्व दिशा देव गुरु बृहस्पति और शुक्र ग्रह की होती है. ये दोनों ग्रह आपस में विरोधी होते हैं. इसलिए, जब कोई अपने घर की इस दिशा में मनी प्लांट को रखता है तो नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती हैं.
इसके अलावा, घर की पश्चिम और पूर्व दिशा में भी मनी प्लांट नहीं रखना चाहिए. ये दिशाएं इस पौधे के लिए अशुभ मानी जाती है. इस स्थान पर पौधे को रखने से जातक के जीवन में खर्चे बढ़ते हैं. घर में तनाव बढ़ता है.
कहां रखें मनी प्लांट?
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, मनी प्लांट का पौधा घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए. इस दिशा के प्रतिनिधि शुक्र ग्रह होते हैं और इस दिशा को भगवान गणेश की भी माना जाता है. यहां मनी प्लांट रखने से आर्थिक लाभ होते हैं और निवेश से लाभ होता है.
मनी प्लांट रखने के नियम
वास्तुनुसार, मनी प्लांट का पौधा लगाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना होता है. घर में सूखा पौधा नहीं रखना चाहिए, यदि सूख जाए तो तुरंत बदल दें. मनी प्लांट को समय से पानी देना चाहिए. इसके पत्ते लटकने नहीं चाहिए.
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AI Summit 2026: सोशल मीडिया पर जमकर भड़के फ्रांसीसी राष्ट्रपति, कहा- ये फ्री स्पीच के लिए खतरनाक है
AI Summit 2026: भारत दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने AI, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और उनके प्रमुखों पर खुलकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर लोगों को यह नहीं पता कि उन्हें किस तरह कंटेंट दिखाया जा रहा है, तो फ्री स्पीच बकवास है.
मैक्रों ने कहा कि असली समस्या अभिव्यक्ति की आजादी नहीं, बल्कि वे ऐसे एल्गोरिदम हैं जो तय करते हैं कि यूजर क्या देखेगा और किस दिशा में जाएगा. मैक्रों ने कहा कि कुछ टेक कंपनियां खुद को फ्री स्पीच का समर्थक बताती हैं, लेकिन एल्गोरिदम को अपने कब्जे में रखा है.
सोशल मीडिया एल्गोरिदम नियमों और निर्देशों का एक ग्रुप है जो प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को छांटता है, प्राथमिकता देता है और व्यवस्थित करता है. यह यूजर के पिछले व्यवहार, पसंद-नापसंद, और सहभागिता का विश्लेषण करके, उनकी फीड में सबसे प्रासंगिक सामग्री को दिखाता है.
मैक्रों ने चेतावनी दी कि अगर लोगों को यह नहीं पता कि एल्गोरिदम कैसे बनाए गए, कैसे टेस्ट और ट्रेन किए गए, तो वे उन्हें किस दिशा में ले जा रहे हैं. इसके लोकतांत्रिक परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं.
मैक्रों ने इस दावे को भी खारिज किया कि प्लेटफॉर्म खुद को तटस्थ बता सकते हैं, जबकि वे चुपचाप यूजर्स को ज्यादा चरमपंथी कंटेंट की ओर धकेलते हैं.
उन्होंने कहा, “अगर आपको यह नहीं पता कि आपको किस तरह इस फ्री स्पीच की ओर ले जाया जा रहा है, तो यह फ्री स्पीच नहीं है. खासकर तब, जब आपको एक नफरती भाषण से दूसरे नफरती भाषण तक पहुंचाया जा रहा हो.”
उन्होंने कहा कि वे एक पारदर्शी व्यवस्था चाहते हैं, जहां अलग-अलग विचारों के बीच जाने का रास्ता साफ हो. साथ ही उन्होंने नस्लवादी और नफरती कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा उपायों की मांग की. मैक्रों ने कहा, “मैं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना चाहता हूं. मैं नस्लवादी और नफरती भाषण से बचना चाहता हूं.”
मैक्रों की सरकार पहले भी फ्रांस और यूरोपीय संघ में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी की वकालत करती रही है. उनका कहना है कि बिना नियंत्रण वाले एल्गोरिदम सिर्फ यूजर्स के लिए ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं.
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