जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश: Delhi Police की Crime Branch करेगी कॉजपा नेताओं के मामले की जांच
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के तुरंत बाद उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश के मामले को सोमवार को अपनी अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223ए (लोक सेवक द्वारा विधिवत लागू आदेश की अवहेलना), 332 (अपराध करने के लिए अनधिकृत प्रवेश) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
संसद मार्ग थाने में बीएनएस की धारा 221 (लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 121(1) (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट या गंभीर चोट पहुंचाना) और 3(5) (समान मंशा) के तहत एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने अब आगे की जांच के लिए मामले को अपराध शाखा की अंतरराज्यीय प्रकोष्ठ को सौंप दिया है। दास और रांका को जंतर-मंतर तक पहुंचने के लिए निजी परिसर में कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और शांति बनाए रखने के बॉण्ड का उल्लंघन करने के आरोप में 14 अक्टूबर को एक विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
उनके सहयोगी अजिंक्य शिंदे को छह महीने के लिए शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया तथा निजी मुचलके व जमानत पर रिहा कर दिया गया। तीनों और कॉजपा के अन्य सदस्यों को 13 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए जंतर-मंतर क्षेत्र में कथित तौर पर प्रवेश करने के बाद हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर परिसर में जाने के लिए निजी परिसरों में अनधिकृत प्रवेश किया और पुलिसकर्मियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने से रोका।
मंदिर मार्ग थाने में एक नए नियुक्त विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष सोमवार को पेश किए जाने के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को दो और दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
Tiger Shroff फायरिंग केस में गैंगस्टर Anil Pandit की संलिप्तता की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में अमेरिका से कथित तौर पर गिरोह चलाने वाला गैंगस्टर अनिल पंडित प्रमुख संदिग्ध के रूप में सामने आया है। पुलिस हरियाणा और दिल्ली में जबरन वसूली तथा लक्षित हमलों के एक दर्जन से अधिक मामलों से जोड़कर उसकी भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस दिल्ली में दर्ज कई मामलों में उसकी कथित संलिप्तता की जांच कर रही है।
इनमें एक मशहूर पंजाबी गायक के जिम के बाहर हुई गोलीबारी की घटना भी शामिल है। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि हरियाणा के पानीपत जिले का रहने वाला पंडित अमेरिका से अपना नेटवर्क संचालित करने और भारत में शूटरों के साथ समन्वय करने के संदेह के घेरे में है। श्रॉफ पर गोलीबारी के मामले में तीन कथित शूटरों को गिरफ्तार किया गया है।
इनमें दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है। उन्हें कोटा पुलिस ने गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सक्रिय शूटरों की जानकारी भी जुटा रही है और गिरोह के साथ उनके संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
पुलिस सूत्र ने बताया कि मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए करीब 10 टीम तैनात की गई हैं। जांचकर्ता सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट की भी पड़ताल कर रहे हैं, जिसमें पंडित ने कथित तौर पर इस घटना की जिम्मेदारी ली थी और फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों को धमकी दी थी। पुलिस दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र में गोलीबारी तथा जबरन वसूली के कई मामलों से अनिल पंडित के कथित संबंधों की जांच कर रही है।
सूत्र ने बताया कि दिल्ली के पश्चिम विहार में गायक गुरु रंधावा से जुड़े एक जिम के बाहर हुई गोलीबारी की जांच के दौरान भी पंडित का नाम सामने आया था। आरोप है कि यह आपराधिक नेटवर्क विभिन्न राज्यों, खासकर दिल्ली में सक्रिय शूटरों से संपर्क करने के लिए मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करता है। जांचकर्ता इसमें शामिल लोगों की भूमिका, हथियारों के स्रोत और शूटरों को संभावित रूप से दी गई आर्थिक मदद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
जांच के सिलसिले में पुलिस तिहाड़ और मंडोली जेलों में बंद उसके संदिग्ध सहयोगियों से भी पूछताछ कर सकती है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या आरोपियों ने दिल्ली में और हमले करने की योजना बनाई थी। एक कथित ऑडियो क्लिप कई मीडिया मंचों पर व्यापक रूप से प्रसारित हुई है।
इसमें 32 वर्षीय पंडित को कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि टाइगर श्रॉफ पर हमला इसलिए किया गया, क्योंकि उन्होंने अभिनेता सलमान खान के साथ काम नहीं करने की चेतावनी को नजरअंदाज किया था। इस क्लिप में पंडित कथित तौर पर सलमान खान से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने की मांग करता सुनाई देता है। सलमान खान पर 1998 में एक काले हिरण का शिकार करने का आरोप है।
बिश्नोई समुदाय में काले हिरण को पवित्र माना जाता है। कथित ऑडियो में पंडित धमकी देता सुनाई देता है कि यदि सलमान खान ने माफी नहीं मांगी तो फिल्म जगत की उन अन्य हस्तियों को भी निशाना बनाया जाएगा, जो सलमान के करीबी हैं।
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