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जरूरत की खबर- क्या आप एसेंशियल ऑयल यूज करते हैं:तो न करें ये 10 गलतियां, डॉक्टर से जानें सही इस्तेमाल और 10 जरूरी सावधानियां

सोशल मीडिया पर अक्सर एसेंशियल ऑयल्स के इस्तेमाल से जुड़े वीडियोज वायरल होते रहते हैं। कोई इन्हें बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह देता है, तो कोई त्वचा को चमकदार बनाने और तनाव कम करने के लिए। इन वीडियोज और घरेलू नुस्खों को देखकर कई लोग एसेंशियल ऑयल्स का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। नेचुरल चीजों से बने होने के कारण लोग इन्हें पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका गलत तरीके से इस्तेमाल फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है? दरअसल, एसेंशियल ऑयल्स बहुत ज्यादा गाढ़े और कंसंट्रेटेड होते हैं। इन्हें सीधे स्किन पर लगाने, जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने या बिना सही जानकारी के उपयोग करने से स्किन में जलन, एलर्जी, सिरदर्द और दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में एसेंशियल ऑयल्स खरीदने से लेकर इस्तेमाल करने और स्टोर करने तक कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम एसेंशियल ऑयल्स के सही इस्तेमाल के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- एसेंशियल ऑयल क्या है? जवाब- एसेंशियल ऑयल लैवेंडर, पेपरमिंट, टी ट्री, यूकेलिप्टस और रोजमेरी जैसे पौधों के फूलों, पत्तियों, छाल, जड़ों या फलों से निकाले जाने वाले खास तरह के तेल होते हैं। इनमें पौधों की खास खुशबू और कुछ प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं। ये तेल काफी गाढ़े होते हैं, इसलिए इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका जानना जरूरी है। सवाल- एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल अमूमन किन कामों में किया जाता है? जवाब- इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से अरोमाथेरेपी, कमरे में खुशबू फैलाने, मसाज और स्किन व बालों की देखभाल के लिए किया जाता है। हर एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल एक जैसा नहीं होता। इसलिए इसके उपयोग से पहले सही जानकारी लेना और उचित सावधानियां बरतना जरूरी है। एसेंशियल ऑयल्स के सभी यूज ग्राफिक में देखिए- सवाल- सबसे पॉपुलर एसेंशियल ऑयल कौन-से हैं? जवाब- बाजार में कई तरह के एसेंशियल ऑयल्स मिलते हैं। इनमें कुछ तेल अपनी खुशबू और अलग-अलग इस्तेमाल के कारण काफी लोकप्रिय हैं, जैसेकि- सवाल- इनमें से कौन-सा एसेंशियल ऑयल किस काम आता है? जवाब- अलग-अलग एसेंशियल ऑयल्स का इस्तेमाल उनकी खुशबू और गुणों के आधार पर अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है, जैसेकि- सवाल- एसेंशियल ऑयल के इस्तेमाल में लोग क्या कॉमन गलतियां करते हैं? जवाब- इस दौरान लोग कई छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, जो त्वचा में जलन, एलर्जी और दूसरी परेशानियों की वजह बन सकती हैं। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए- आइए अब इन गलतियों को विस्तार से समझते हैं- गलती 1: सीधे स्किन पर लगाना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 2: सेंसिटिव जगहों पर लगाना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 3: ज्यादा मात्रा में यूज करना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 4: एसेंशियल ऑयल पीना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 5: छोटे बच्चों के लिए यूज करना क्यों गलत है? क्या करें? बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल न करें। गलती 6: लंबे समय तक डिफ्यूजर में यूज करना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 7: कई एसेंशियल ऑयल मिक्स करना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 8: एक्सपायर्ड ऑयल यूज करना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 9: गलत तरीके से स्टोर करना क्यों गलत है? क्या करें? गलती 10: फोटोसेंसिटिव सिट्रस ऑयल लगाना क्यों गलत है? क्या करें? सवाल- एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है? जवाब- एसेंशियल ऑयल के इस्तेमाल से पहले लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करना जरूरी है। इसका सही तरीका ग्राफिक में देखिए- सवाल- एसेंशियल ऑयल खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- इस दौरान सिर्फ खुशबू या कीमत देखने की बजाय क्वालिटी, लेबल और इस्तेमाल की जानकारी जरूर पढ़ें। सभी जरूरी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- एसेंशियल ऑयल का पैच टेस्ट कैसे करें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- किन लोगों को एसेंशियल ऑयल यूज करते हुए ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए? जवाब- कुछ लोगों को एसेंशियल ऑयल के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए, जैसेकि- सवाल- कौन-से संकेत दिखें तो एसेंशियल ऑयल का यूज बंद कर देना चाहिए? जवाब- एसेंशियल ऑयल यूज करने के बाद शरीर में कोई असामान्य प्रतिक्रिया दिखे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें, जैसेकि- सवाल- एसेंशियल ऑयल से एलर्जी या स्किन रिएक्शन हो तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ कदम उठाएं- सवाल- अगर एसेंशियल ऑयल आंखों में चला जाए तो क्या करें? जवाब- ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- अगर बच्चा गलती से एसेंशियल ऑयल पी ले तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत ये कदम उठाएं- *************** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ………………… जरूरत की खबर- महाराष्ट्र में 1,400 किलो केले जब्त: केमिकल में डुबोकर पका रहे थे, इसे खाने के हेल्थ रिस्क, ऐसे पहचानें केमिकल्स महाराष्ट्र ‘फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ (FDA) ने नवी मुंबई के APMC फ्रूट मार्केट में कार्रवाई की। यहां केमिकल से पकाए जा रहे करीब 1,400 किलो केले जब्त किए गए। जांच में सामने आया कि केलों को एथेफॉन केमिकल घोल में सीधे डुबोकर पकाया जा रहा था। जबकि यह तरीका सुरक्षित मानकों के विरुद्ध है। पूरी खबर पढ़िए

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फिजिकल हेल्थ- स्टूल में ब्लड आए तो इग्नोर न करें:हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत, डॉक्टर से जानें हेल्दी पूपिंग के 12 रूल्स

हमारे खानपान, दिनचर्या और पेट से जुड़ी परेशानियों का असर अक्सर स्टूल यानी मल में बदलाव के रूप में दिखाई देता है। कई बार लोग इन बदलावों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि इसके कुछ संकेत शरीर में पनप रही किसी गंभीर बीमारी का इशारा भी हो सकते हैं। स्टूल में ब्लड आना भी ऐसा ही एक संकेत है, जिसके पीछे बवासीर, डाइजेस्टिव सिस्टम में इंटरनल ब्लीडिंग, अल्सर, आंतों में सूजन या दूसरी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह आंतों के कैंसर से भी जुड़ा हो सकता है। चिंता की बात यह है कि शुरुआत में दिखने वाले इस लक्षण को नजरअंदाज करने से बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। वहीं समय पर ध्यान देकर भविष्य की बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में हम स्टूल में ब्लड आने की समस्या पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. रामराज वी. एन., सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, स्पर्श हॉस्पिटल, बेंगलुरु सवाल- स्टूल में ब्लड आने का क्या मतलब है? जवाब- इसका मतलब है कि पाचन तंत्र के किसी हिस्से में ब्लीडिंग हो रही है। इसे ऐसे समझिए- सवाल- स्टूल में ब्लड आने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? जवाब- इसके कई कारण हो सकते हैं। इनमें बवासीर से लेकर आंतों की सूजन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हैं। कुछ दवाओं के कारण भी ब्लीडिंग हो सकती है। सभी संभावित कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या ऐसा भी हो सकता है कि ब्लड आंखों से दिखाई न दे, लेकिन स्टूल में मौजूद हो? जवाब- हां, ऐसा हो सकता है। इसे ‘ऑकल्ट ब्लड’ कहते हैं। इसमें स्टूल में ब्लड की मात्रा इतनी कम होती है कि वह आंखों से दिखाई नहीं देती। इसका पता स्टूल टेस्ट से लगाया जा सकता है। हालांकि, स्टूल में ऑकल्ट ब्लड मिलने का मतलब किसी बीमारी की पुष्टि होना नहीं है। इसके पीछे बवासीर, आंतों में सूजन, पॉलीप्स या पाचन तंत्र में ब्लीडिंग जैसी कई वजहें हो सकती हैं। सवाल- फिर कैसे पता चलता है कि स्टूल में ब्लड है? जवाब- इसके लिए फीकल ऑकल्ट ब्लड टेस्ट (FOBT) किया जाता है। इसमें स्टूल के सैंपल की जांच करके उसमें मौजूद ब्लड का पता लगाया जाता है, भले ही वह आंखों से दिखाई न दे। सवाल- डॉक्टर कब ये टेस्ट करवाने के लिए कहते हैं? जवाब- डॉक्टर इन स्थितियों में ये टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं- सवाल- क्या बिना दर्द के भी स्टूल में ब्लड आ सकता है? जवाब- हां, बिना दर्द के भी स्टूल में ब्लड आ सकता है। बवासीर, आंतों में पॉलीप्स या कोलोरेक्टल कैंसर जैसी कंडीशंस में ब्लीडिंग बिना दर्द के हो सकती है। इसलिए दर्द न होने पर भी स्टूल में ब्लड दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सवाल- स्टूल में ब्लड दिखाई दे तो क्या करना चाहिए? जवाब- इसे नजरअंदाज न करें। बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें। ब्लड के रंग, मात्रा और साथ में दिखने वाले दूसरे लक्षणों पर ध्यान दें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार स्टूल टेस्ट, ब्लड टेस्ट या अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। सवाल- स्टूल में ब्लड आने पर कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए? जवाब- स्टूल में एक बूंद भी ब्लड दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। खासतौर पर इन स्थितियों में तुरंत मेडिकल हेल्प लें- सवाल- स्टूल में ब्लड आने पर संभावित बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर कौन-से टेस्ट करते हैं? जवाब- डॉक्टर मरीज की पूपिंग हैबिट्स, दूसरे लक्षणों और हेल्थ कंडीशंस के बारे में पूछते हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार ये जांच करा सकते हैं- डिजिटल रेक्टल एग्जाम: एनस और रेक्टम की जांच के लिए। एनोस्कोपी/प्रोक्टोस्कोपी: एनस और रेक्टम के निचले हिस्से की जांच के लिए। फ्लेक्सिबल सिग्मोइडोस्कोपी: बड़ी आंत के निचले हिस्से की अंदरूनी जांच के लिए। स्टूल टेस्ट: स्टूल में छिपे ब्लड का पता लगाने के लिए। कोलोनोस्कोपी: पूरी बड़ी आंत की जांच के लिए। अपर एंडोस्कोपी: पेट या छोटी आंत के शुरुआती हिस्से में ब्लीडिंग की आशंका होने पर। सवाल- पेट से संबंधित इन बीमारियों के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? जवाब- इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसेकि- हालांकि, कुछ बीमारियां संक्रमण, आनुवंशिक कारणों या इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी के कारण भी हो सकती हैं। सवाल- लाइफस्टाइल इन बीमारियों के लिए कैसे जिम्मेदार है? जवाब- खराब लाइफस्टाइल कई तरह से पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है, जैसेकि- सवाल- हेल्दी पूपिंग के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें? जवाब- इसके लिए खानपान और रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव करना जरूरी है। कौन-से बदलाव इसमें मददगार हो सकते हैं, ग्राफिक में देखिए- कुल मिलाकर, स्टूल में ब्लड आना पाचन तंत्र में चल रही किसी अंदरूनी समस्या का संकेत है। इसलिए इसे मामूली समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से जांच कराएं, ताकि ब्लीडिंग की सही वजह का पता चल सके और जरूरत के मुताबिक इलाज शुरू किया जा सके। ***************** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ……………… ये खबर भी पढ़ें फिजिकल हेल्थ- पेट दर्द को सिर्फ गैस न समझें:ये ‘पैंक्रियाटाइटिस’ हो सकता है, डॉक्टर से जानें इसका कारण, लक्षण, बचाव व सावधानियां पेट दर्द, मतली और उल्टी को लोग अक्सर गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार इसके पीछे ‘पैंक्रियाटाइटिस’ जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। यह पैंक्रियाज (अग्न्याशय) में होने वाली सूजन है। पैंक्रियाज भोजन को पचाने और ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाता है। पूरी खबर पढ़ें…

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