'मौत आनी है तो वहां आए जहां मेरे माता-पिता का खून बहा', दिसंबर में बांग्लादेश लौटने पर अड़ी शेख हसीना
Bangladesh News in Hindi: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने घोषणा की है कि मौत और गिरफ्तारी के भारी जोखिम के बावजूद वह दिसंबर में अपने देश वापस लौटेंगी. वाशिंगटन में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि डर उनके कर्तव्य और फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकता. शेख हसीना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है और उनके प्रत्यर्पण की मांग की जा रही है. हसीना का कहना है कि अगर उन्हें मौत आनी है तो उस जगह आए जहां उनके माता-पिता का खून बहा था.
दिल्ली की दम तोड़ती खेल संस्कृति: क्रिकेट के अलावा कहां हैं दर्शक, टूर्नामेंट और भविष्य की ठोस योजना?
राजधानी दिल्ली में खेल संस्कृति क्रिकेट तक सिमटती जा रही है. फुटबॉल और हॉकी जैसे खेलों के लिए नियमित टूर्नामेंट, दर्शकों की भागीदारी और मजबूत जमीनी ढांचे की कमी चिंता बढ़ाती है. कभी डूरंड कप दिल्ली की फुटबॉल पहचान था, लेकिन इसके बाहर जाने से राजधानी ने बड़ा आकर्षण खोया. सुब्रतो कप और नेहरू हॉकी टूर्नामेंट जैसे आयोजनों को स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय क्लबों से जोड़ना जरूरी है. दिल्ली सरकार, खेल महासंघों और स्थानीय संस्थाओं को सालभर का खेल कैलेंडर बनाकर जवाबदेही तय करनी चाहिए. क्रिकेट की लोकप्रियता बरकरार रहे, लेकिन राजधानी की खेल पहचान बहुआयामी भी बने.
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