भीड़तंत्र को नहीं स्वीकार करेगी रहमान सरकार, बांग्लादेश के नए गृहमंत्री ने किया साफ
ढाका, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की कमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने संभाल ली है। इसके साथ ही देश की छवि को लगातार खराब कर रहे भीड़तंत्र पर नकेल कसने की तैयारी सरकार ने कर ली है। देश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने मीडिया से बातचीत में सरकार की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि “मॉब कल्चर” किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बांग्लादेश में यह अब बंद होना चाहिए।
द डेली स्टार ने बताया कि गृहमंत्रालय के सर्वेसर्वा ने अपने कार्यालय के पहले दिन अधिकारियों के साथ बैठक की और उसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपद्रवी को चेतावनी दी। सलाहुद्दीन ने कहा कि डेमोक्रेटिक अधिकार बने रहेंगे, लेकिन गैर-कानूनी कामों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मैंने खास तौर पर कहा है कि बांग्लादेश में मॉब कल्चर खत्म होना चाहिए। मॉब कल्चर को किसी भी तरह से बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।”
रहमान सरकार की अगुवाई में अब लोगों को रैलियों और सभाओं के साथ ही अपनी मांगों को सही तरीके से रखने का अधिकार होगा।
उन्होंने कहा, “सभी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जाएंगे लेकिन मांगें पूरी करने के नाम पर हाईवे और सड़कों को जाम करना—यह मॉब कल्चर जारी नहीं रहेगा। मैं यह साफ कर रहा हूं।”
ढाका ट्रिब्यून ने पुलिस की साख को फिर से बनाने के उनके प्रण का उल्लेख किया। गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस और दूसरी एजेंसियों को अपनी खोई साख फिर से बनानी होगी। बोले, “हमारी पुलिस, और यहां कई दूसरे संगठन और एजेंसियां, नाकाफी हैं। अब मैं कह रहा हूं कि पुलिस को लोगों का दोस्त बनना चाहिए। जो इमेज पहले खराब हुई थी, उसे वापस पाना होगा।”
सलाउद्दीन ने कहा कि वह एक “पूरी तरह से भ्रष्टाचार-मुक्त” मंत्रालय बनाना चाहते हैं। “सभी के लिए अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी होनी चाहिए। किसी भी तरह का कोई गैर-कानूनी काम नहीं होगा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी बल में कोई भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाया गया, तो बिना देर किए एक्शन लिया जाएगा।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
"यह पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान है...", कश्मीर नेशनल हाईवे पर सिर्फ उर्दू में लिखे होर्डिंग्स देख भड़का पर्यटक
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कश्मीर की यात्रा पर गया एक शख्स वहां के नेशनल हाईवे पर लगे साइन बोर्ड्स को लेकर अपनी शिकायत दर्ज करा रहा है. वीडियो में युवक श्रीनगर से आगे पहलगाम के पास एक टोल टैक्स पर खड़ा है और पीछे लगे होर्डिंग्स की तरफ इशारा करते हुए अपनी बात रख रहा है.
उर्दू से परहेज नहीं
युवक का कहना है कि वह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर सफर कर रहा है, लेकिन वहां लगे बोर्ड्स पर सब कुछ उर्दू में लिखा है. युवक ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "हमें कैसे पता चलेगा कि क्या लिखा है? हम सिर्फ सिंबल देखकर अंदाजा लगा सकते हैं, लेकिन भाषा समझ नहीं आती. यह हिंदुस्तान है, यहां बोर्ड्स पर हिंदी और अंग्रेजी भी होनी चाहिए ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को दिक्कत न हो."
नितिन गडकरी तक बात पहुंचाने की अपील
वीडियो में युवक आगे कहता है कि उसे उर्दू भाषा से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन नेशनल हाईवे पर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की भाषाओं (हिंदी-अंग्रेजी) का होना जरूरी है. उसने यह भी कहा, "यह पाकिस्तान नहीं है." युवक ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि इस वीडियो को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंचाया जाए, ताकि इस व्यवस्था में सुधार हो सके.
सोशल मीडिया पर लोगों की राय
यह वीडियो इंटरनेट पर काफी शेयर किया जा रहा है और इस पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. ज्यादातर लोगों का मानना है कि पर्यटक स्थलों और नेशनल हाईवे पर भाषा ऐसी होनी चाहिए जो सबके समझ में आए. लोगों का कहना है कि स्थानीय भाषा (उर्दू) के साथ हिंदी और अंग्रेजी का इस्तेमाल होने से यात्रियों का सफर आसान और सुरक्षित होगा.
Hlo @nitin_gadkari @NHAI_Official Why the signboards in Kashmir are only in Urdu?? Where are Hindi & English signboards?
— Hindutva Don (@HindutvaDon_) February 18, 2026
Is Kashmir in Pakistan? pic.twitter.com/VT4Bc92IMp
वीडियो की सच्चाई क्या है?
हालांकि, यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि यह वीडियो किस तारीख का है. न्यूज नेशन इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
ये भी पढ़ें- AI ने महाभारत को बना दिया 3D अनुभव! भारत मंडपम में देखें धर्म और गीता का नया रूप
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation






















