भारत एआई को लेकर प्रबल आशावाद और विश्वास दिखाता है: ऋषि सुनक
नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को कहा कि एआई के मामले में भारत प्रबल आशावाद और विश्वास दिखाता है, जबकि पश्चिमी देश इस उभरती तकनीक को लेकर चिंतित हैं।
सुनक ने चेतावनी दी कि इस अंतर को पाटने के लिए लक्षित शासन प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने यहां चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में मेटा के मुख्य एआई अधिकारी अलेक्जेंडर वांग के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि मुझे लगता है कि इस विश्वास के अंतर को कम करना जितना तकनीकी कार्य है, उतना ही नीतिगत कार्य भी है।
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में, हम एआई के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोण देख रहे हैं। भारत जैसे देशों में अपार आशावाद और विश्वास है, जबकि पश्चिमी देशों में, हम देख रहे हैं कि एआई के प्रति चिंता अभी भी हावी है।
सुनक ने आगे कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसके डिजिटल क्षेत्र में अपार महत्वाकांक्षाएं और क्षमताएं हैं, और हाल ही में हुए एआई निवेशों के असाधारण पैमाने को रेखांकित किया।
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष, बड़ी एआई कंपनियां इस तकनीक को विकसित करने पर अमेरिका द्वारा मैनहट्टन प्रोजेक्ट (परमाणु बम निर्माण) पर खर्च किए गए पैसे से 20 गुना अधिक खर्च करने जा रही हैं।
वांग के अनुसार, हम इस समय प्रौद्योगिकी के लिए एक बेहद रोमांचक दौर में हैं। मुझे लगता है कि हम एक वास्तविक गति से विकास के शुरुआती चरण में हैं।
उन्होंने वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव की सराहना करते हुए इसे एक बेहद सकारात्मक उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि भारत में अब अमेरिका की तुलना में अधिक उपभोक्ता एआई स्टार्टअप हैं।
वांग ने कहा कि एआई एक नए प्रतिमान में प्रवेश कर रहा है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। इस शिखर सम्मेलन में विश्व भर से नीति निर्माता, उद्योगपति, शिक्षाविद, नवप्रवर्तक और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एक साथ आए हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भीड़तंत्र को नहीं स्वीकार करेगी रहमान सरकार, बांग्लादेश के नए गृहमंत्री ने किया साफ
ढाका, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की कमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने संभाल ली है। इसके साथ ही देश की छवि को लगातार खराब कर रहे भीड़तंत्र पर नकेल कसने की तैयारी सरकार ने कर ली है। देश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने मीडिया से बातचीत में सरकार की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि “मॉब कल्चर” किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बांग्लादेश में यह अब बंद होना चाहिए।
द डेली स्टार ने बताया कि गृहमंत्रालय के सर्वेसर्वा ने अपने कार्यालय के पहले दिन अधिकारियों के साथ बैठक की और उसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपद्रवी को चेतावनी दी। सलाहुद्दीन ने कहा कि डेमोक्रेटिक अधिकार बने रहेंगे, लेकिन गैर-कानूनी कामों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मैंने खास तौर पर कहा है कि बांग्लादेश में मॉब कल्चर खत्म होना चाहिए। मॉब कल्चर को किसी भी तरह से बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।”
रहमान सरकार की अगुवाई में अब लोगों को रैलियों और सभाओं के साथ ही अपनी मांगों को सही तरीके से रखने का अधिकार होगा।
उन्होंने कहा, “सभी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जाएंगे लेकिन मांगें पूरी करने के नाम पर हाईवे और सड़कों को जाम करना—यह मॉब कल्चर जारी नहीं रहेगा। मैं यह साफ कर रहा हूं।”
ढाका ट्रिब्यून ने पुलिस की साख को फिर से बनाने के उनके प्रण का उल्लेख किया। गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस और दूसरी एजेंसियों को अपनी खोई साख फिर से बनानी होगी। बोले, “हमारी पुलिस, और यहां कई दूसरे संगठन और एजेंसियां, नाकाफी हैं। अब मैं कह रहा हूं कि पुलिस को लोगों का दोस्त बनना चाहिए। जो इमेज पहले खराब हुई थी, उसे वापस पाना होगा।”
सलाउद्दीन ने कहा कि वह एक “पूरी तरह से भ्रष्टाचार-मुक्त” मंत्रालय बनाना चाहते हैं। “सभी के लिए अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी होनी चाहिए। किसी भी तरह का कोई गैर-कानूनी काम नहीं होगा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी बल में कोई भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाया गया, तो बिना देर किए एक्शन लिया जाएगा।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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