महाराष्ट्र: जालना में आयुष्मान भारत योजना के तहत थैलेसीमिया से पीड़ित दो भाई-बहनों को मुफ्त इलाज मिला
जालना, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के जालना जिले में एक परिवार के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबीपीएम-जय) एक बड़ी राहत बनकर आई है। इस योजना के तहत थैलेसीमिया से पीड़ित दो भाई-बहनों का संजीवनी अस्पताल में मुफ्त इलाज हो रहा है।
जालना के नूतन वसाहत इलाके में रहने वाले संदीप साबले के परिवार के लिए, खून से जुड़ी एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे अपने दो बच्चों के इलाज का खर्च उठाना एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन गया था, हालांकि केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना के तहत मिली चिकित्सा सहायता ने परिवार की मदद की, जिससे वे पूरा आर्थिक बोझ उठाए बिना अपने बच्चों का इलाज जारी रख सके।
साबले के बेटे, संबोधि को लगभग एक साल की उम्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। जांच के बाद पता चला कि उसे थैलेसीमिया है। यह खून से जुड़ी एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें अक्सर नियमित रूप से खून चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की जरूरत पड़ती है।
शुरुआत में साबले ने अपने बेटे के इलाज के लिए अपनी बचत का इस्तेमाल किया, लेकिन बार-बार होने वाले चिकित्सा खर्चों को उठाना परिवार के लिए धीरे-धीरे मुश्किल होता गया।
इस दौरान डॉक्टरों ने परिवार को आयुष्मान भारत योजना के फायदों के बारे में बताया। इसके बाद इस योजना के तहत संबोधि का इलाज मुफ्त में शुरू हो गया।
परिवार की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब लगभग चार साल बाद उनकी बेटी संघप्रिया को भी थैलेसीमिया होने का पता चला।
दूसरे बच्चे को भी बीमारी का पता चलने के बाद परिवार के सामने दोनों बच्चों के लिए नियमित चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था करने की चुनौती आ गई। इसके बाद संघप्रिया का इलाज भी आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आ गया।
परिवार के अनुसार, दोनों बच्चों को लगभग हर 21 दिन में खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, इसलिए उन्हें लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।
साबले ने बताया कि इस योजना के तहत मिली स्वास्थ्य सहायता से परिवार का आर्थिक बोझ काफी कम हो गया है और इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि दोनों बच्चों को जरूरी इलाज मिलता रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना ने मुश्किल समय में उनके परिवार को बहुत बड़ी मदद दी है।
उन्होंने आर्थिक तंगी का सामना कर रहे अन्य पात्र परिवारों से भी अपील की कि वे इस योजना के बारे में जानकारी लें और इसके लाभ उठाएं।
--आईएएनएस
एससीएच/वीसी
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UP Election 2027: गाजियाबाद की 5 विधानसभा सीटें बनेंगी यूपी सियासत की राह
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में मुख्य 5 विधानसभा क्षेत्र हैं और वर्तमान में सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हैं. इनमें लोनी से नंद किशोर गुर्जर, मुरादनगर से अजीत पाल त्यागी, साहिबाबाद से सुनील कुमार शर्मा, गाजियाबाद शहर से संजीव शर्मा और मोदीनगर से डॉ. मंजू शिवाच विधायक हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन पांच में से चार सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि गाजियाबाद शहर सीट पर 2024 के उपचुनाव में पार्टी के संजीव शर्मा ने जीत हासिल की.
साहिबाबाद सीट पर सुनील कुमार शर्मा ने 2022 में 2,14,835 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी, जबकि लोनी में मुकाबला अपेक्षाकृत कड़ा रहा था. मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र प्रशासनिक रूप से गाजियाबाद जिले का हिस्सा है, लेकिन यह बागपत लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. मुख्य सीटों के अलावा धौलाना विधानसभा क्षेत्र का कुछ हिस्सा गाजियाबाद जिले से जुड़ा है, लेकिन यह मुख्य रूप से हापुड़ जिले में आता है. ‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात गाजियाबाद जिले की...
जिले के बारे में
गाजियाबाद की स्थापना 1740 में वजीर गाजी-उद-दीन ने की थी. उस समय इसे गाजीउद्दीननगर कहा जाता था, लेकिन रेलवे लाइन शुरू होने के बाद इसका नाम छोटा करके गाजियाबाद कर दिया गया. पहले यह मेरठ जिले की एक तहसील हुआ करता था. 14 नवंबर 1976 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने इसे जिले का दर्जा दिया. दिल्ली से सटा होने और सड़क व रेल मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण गाजियाबाद को उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है. समय के साथ औद्योगिक और आर्थिक विकास के चलते यह प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक जिलों में शामिल हो गया. तहसीलों के पुनर्गठन और हापुड़ जिले के गठन के बाद वर्तमान में गाजियाबाद जिले में गाजियाबाद, मोदीनगर और लोनी तीन तहसीलें हैं.
कितनी है जनसंख्या?
2011 की जनगणना के अनुसार, हापुड़ जिले के अलग होने के बाद गाजियाबाद जिले की आबादी करीब 33.23 लाख थी और साक्षरता दर लगभग 85 प्रतिशत आंकी गई थी. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जिले में प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 878 थी, जबकि जनसंख्या घनत्व करीब 3,200 से 3,669 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर के बीच बताया गया है. हालांकि, पुरुषों और महिलाओं की आबादी तथा साक्षरता से जुड़े कुछ आंकड़े पुराने संयुक्त जिले के हैं, इसलिए उन्हें वर्तमान गाजियाबाद जिले के संशोधित आंकड़ों से अलग समझना चाहिए.
कितनी है धार्मिक जनसंख्या?
2011 की जनगणना के अनुसार, गाजियाबाद जिले की कुल आबादी 46,81,645 थी. इनमें 72.93 प्रतिशत हिंदू और 25.35 प्रतिशत मुस्लिम थे. इसके अलावा, जिले में सिख समुदाय की आबादी 0.49 प्रतिशत, ईसाई समुदाय की 0.41 प्रतिशत और जैन समुदाय की 0.35 प्रतिशत थी. बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की हिस्सेदारी 0.07 प्रतिशत, जबकि अन्य धर्मों के लोगों की आबादी 0.01 प्रतिशत दर्ज की गई थी.
जानें जिले में सभी सीटों के बारे में
1. लोनी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में गाजियाबाद जिले की लोनी सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी नंद किशोर गुर्जर ने 1,27,410 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के उम्मीदवार मदन भैया को 8,676 वोटों के अंतर से हराया था. मदन भैया को 1,18,734 वोट मिले थे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी रंजीता धामा 27,289 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं. वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवार हाजी अकील चौधरी 25,717 वोट हासिल कर चौथे स्थान पर रहे थे.
2. मुरादनगर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में गाजियाबाद जिले की मुरादनगर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी अजीत पाल त्यागी ने 1,69,290 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार मुन्नी को 97,095 वोटों के बड़े अंतर से हराया था. सुरेंद्र कुमार मुन्नी को 72,195 वोट मिले, जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रत्याशी अय्यूव खान 20,589 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
3. साहिबाबाद
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी सुनील कुमार शर्मा ने 3,22,882 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. समाजवादी पार्टी (SP) के उम्मीदवार अमरपाल शर्मा 1,08,047 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रत्याशी अजीत कुमार पाल को 24,136 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे थे.
4. गाजियाबाद (सदर)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में गाजियाबाद सदर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी अतुल गर्ग ने 1,50,205 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के उम्मीदवार विशाल वर्मा को 1,05,537 वोटों के बड़े अंतर से हराया था. विशाल वर्मा को 44,668 वोट मिले, जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रत्याशी कृष्ण कुमार उर्फ केके शुक्ला 32,691 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. अतुल गर्ग को इस सीट पर कुल वोटों के करीब 61.37 प्रतिशत वोट मिले थे.
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5. मोदीनगर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में गाजियाबाद जिले की मोदीनगर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रत्याशी डॉ. मंजू शिवाच ने 1,13,349 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के उम्मीदवार सुदेश शर्मा को 34,619 वोटों के अंतर से हराया था. सुदेश शर्मा को 78,730 वोट मिले, जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रत्याशी डॉ. पूनम गर्ग 26,729 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं.
6. धौलाना (आंशिक)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में धौलाना विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी धर्मेश सिंह तोमर ने 1,25,028 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के उम्मीदवार असलम अली उर्फ असलम चौधरी को 12,628 वोटों के अंतर से हराया था. असलम अली को 1,12,400 वोट मिले, जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रत्याशी बासिद प्रधान 32,999 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
साल 2027 में क्या होगी स्थिति?
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर गाजियाबाद जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दबदबा बरकरार रहने की संभावना के बीच विपक्षी दलों के सामने चुनौती पेश करने की तैयारी है. जिले की पांच प्रमुख सीटों लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद सदर और मोदीनगर पर भाजपा का मजबूत जनाधार है. 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने इन सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी.
हालांकि, गाजियाबाद सदर सीट पर अतुल गर्ग के सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के संजीव शर्मा विधायक निर्वाचित हुए. दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के साथ शहरी वोटरों को साधने की कोशिश कर सकते हैं. वहीं, बहुजन समाज पार्टी के अलग चुनाव लड़ने पर कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है. हालांकि, 2027 के चुनाव में सीटवार मुकाबले और उम्मीदवारों की स्थिति गठबंधन, प्रत्याशियों तथा चुनावी मुद्दों पर निर्भर करेगी.
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