Italy में हिंसक प्रदर्शनों के बाद भारतीय Embassy ने जारी की Advisory
रोम स्थित भारतीय दूतावास ने इटली के कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सोमवार को भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की। दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पिछले सप्ताह इटली के कुछ शहरों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां हुई थीं। दूतावास ने कहा, “हम भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले इलाकों और उन स्थानों से बचने की सलाह देते हैं, जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
साथ ही, ऐसे आयोजनों के बारे में स्थानीय समाचारों पर नजर रखें।” दूतावास ने यह भी कहा कि आपात स्थिति में भारतीय नागरिक रोम स्थित और मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। जीवन-यापन की बढ़ती लागत के विरोध में रविवार को इटली के कई शहरों में प्रदर्शन शुरू हुए, जो शुरुआत में शांतिपूर्ण थे। हालांकि, मिलान में उपद्रवियों की पुलिसकर्मियों से झड़प हुई, दुकानों में लूटपाट की गई और संपत्तियों में आग लगा दी गई।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को हिंसा की निंदा करते हुए कहा था, “प्रदर्शन करना अधिकार है लेकिन अपने शहरों को आग के हवाले करना नहीं।” मेलोनी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज (रविवार को) शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले हजारों लोगों के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है। प्रदर्शन का मुद्दा चाहे जो भी हो, उसमें भागीदारी किसी भी लोकतंत्र की बुनियाद है।”
Canada सैन्य अड्डे पर आग से 4 सैनिकों की मौत, जांच में जुटे 50 अधिकारी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को कहा कि देश के एक सैन्य अड्डे पर आग लगने से चार सैनिकों की मौत और 39 अन्य के घायल होने के मामले की जांच के लिए 50 अधिकारियों को तैनात किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि पास में आग लगने की जानकारी होने के बावजूद सैनिकों का प्रशिक्षण जारी क्यों रखा गया। कार्नी ने ओटावा में संसद को संबोधित करते हुए कहा कि अल्बर्टा स्थित ‘कनाडियन फोर्सेज बेस वेनराइट’ में शनिवार को हुई इस त्रासदी की जांच ‘कनाडियन फोर्सेज नेशनल इन्वेस्टिगेशन सर्विस’, ‘रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस’ के सहयोग से कर रही है।
कार्नी के ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में संबोधन से पहले सांसदों ने एक मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी दिवंगत सैनिकों को याद किया। कार्नी ने कहा, ‘‘प्रशिक्षण क्षेत्र में आग धधक रही थी।
तेज हवाओं के कारण आग एक मिनट से भी कम समय में करीब एक किलोमीटर दूर उस स्थान तक पहुंच गई, जहां सैनिक मौजूद थे।’’ उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं लगा पाए हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










