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Dussehra 2026: बॉलीवुड की इन फिल्मों में दिखेगी रामलीला से लेकर रावण दहन की झलक, OTT पर हैं मौजूद

Dussehra 2026: दशहरा का त्योहार 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. ये दिन भगवान राम की ओर से रावण का वध और बुराई पर अच्छाई की जीत को प्रतिक माना जाता है. दशहरे के मौके पर अगर आप घर बैठे रामलीला, रावण दहन और रामायण से जुड़ी कहानियों देखना चाहते हैं, तो बॉलीवुड की कुछ फिल्मों को अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं. इन फिल्मों में भगवान राम की कहानी, उनके संघर्ष और बुराई पर अच्छाई की जीत जैसे पहलुओं को अलग-अलग अंदाज में दिखाया गया है. तो चलिए जानते हैं, लिस्ट में कौन-कौन सी फिल्में हैं और इन्हें किस ओटीटी पर देख सकते हैं.

1. दिल्ली 6 (Delhi 6)

अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) और सोनम कपूर (Sonam Kapoor) की फिल्म 'दिल्ली 6' में पुरानी दिल्ली की संस्कृति, गलियों और त्योहारों की खूबसूरत झलक देखने को मिलती है. फिल्म की कहानी दिल्ली के चांदनी चौक के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ उनके रीति-रिवाजों को भी दिखाया गया है. फिल्म में रामलीला का सीन भी है, जो दशहरे के त्योहार की याद दिलाता है. अगर आप दशहरे के मौके पर रामलीला और त्योहारों से जुड़ा माहौल देखना चाहते हैं, तो ये फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं. इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो या फिर नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है.

2.  रा-वन (Ra-One)

इस लिस्ट में शाहरुख खान (Shahrukh Khan) की  फिल्म ‘रा-वन’ का नाम भी शामिल है. साल 2011 में रिलीज हुई इस फिल्म में विलेन का अंत रावण दहन की तरह दिखाया जाता है. दशहरे के दिन आप इस फिल्म को घर बैठकर एंजॉय कर सकते हैं. इस ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर देखा जा सकता है.

3. रावण (Raavan)

अभिषेक बच्चन की फिल्म ‘रावण’ का नाम भी इस लिस्ट में है. इस फिल्म में डायरेक्टर मणिरत्नम ने रामलीला को बखूबी पर्दे पर उतारा था. फिल्म में दशहरे का त्योहार भी दिखाया गया था. फिल्म में अभिषेक और ऐश्वर्या राय बच्चन (Aishwarya Rai Bachchan) नजर आए थे. ये फिल्म भी प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम है और इस दशहरे पर इसे घर बैठे एंजॉय कर सकते हैं.

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4. ड्रीम गर्ल (Dream Girl)

साल 2019 में आई आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की इस फिल्म की शुरुआत रामलीला के मंचन से होती है, जिसमें एक्टर सीता के किरदार में नजर आए हैं. इसके अलावा फिल्म में दशहरा का भी सीन दिखाया गया है. साथ ही फिल्म में सामाजिक संदेश भी दिया गया है कि लोग दुनिया में कितने अकेले हैं और वो किसी से सार्थक प्रेम नहीं कर पाते. इस फिल्म को आप ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं.

5. मरजावां (Marjaavaan)

 साल 2019 में आई मिलाप जावेरी के निर्देशन में बनी 'मरजावां' में भी रावण दहन का सीन देखने को मिल है.  फिल्म में विलेन की भूमिका में रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh) हैं, जिन्हें रावण के रूप प्रदर्शित किया गया है. वहीं, सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) लीड रोल में नजर आए हैं. ये फिल्म बुराई पर अच्छाई की जीत को दिखाती है और ओटीटी पर ये प्राइम वीडियो पर एविलेबल है.

6. कहानी (Kahaani)

विद्या बालन (Vidya Balan) की फिल्म 'कहानी' साल 2012 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में भी  के पर्व को बेहद प्रभावशाली और संदेशपूर्ण तरीके से दिखाया गया था. साथ ही ये फिल्म  बुराई पर अच्छाई के संघर्ष को दिखाती है. फिल्म के क्लाइमैक्स में दशहरा का सीन है, जब एक्ट्रेस दशहरे की भीड़ के बीच अपने पति के लिए न्याय का प्रतीक बनती है. इसे भी प्राइम वीडियो में देख सकते हैं.

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Explainer: कैसे तय होता है कि कौन बनेगा BCCI का चयनकर्ता? जानें सेलेक्टर्स के चुनाव का पूरा प्रोसेस और योग्यता के कड़े नियम

बीसीसीआई ने भारतीय टीम की सीनियर पुरुष चयन समिति में एक बड़ा बदलाव किया है. पूर्व स्पिनर रमेश पोवार को समिति में नए सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. जबकि प्रज्ञान ओझा को चीफ सेलेक्टर बनाया गया है. बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, समिति का अध्यक्ष या चीफ सेलेक्टर वह बनता है जिसके पास सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का अनुभव हो. चूंकि वर्तमान समिति में पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा के पास सबसे ज्यादा 24 टेस्ट मैचों का अनुभव है, इसलिए वे टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर बनाए गए हैं और रमेश पोवार (2 टेस्ट मैच) समिति के सदस्य के रूप में काम करेंगे. अब सवाल उठता है कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों और इन सेलेक्टर्स को चुनने की पूरी प्रक्रिया क्या होती है? आइए इसे आसान शब्दों में एक पूरे एक्सप्लेनर के जरिए समझते हैं.

1. कैसे चुने जाते हैं टीम इंडिया के सेलेक्टर्स?

टीम इंडिया का चयन करने से पहले उन अनुभवी लोगों को चुनना बेहद जरूरी होता है, जो किसी भी दबाव में आए बिना पूरी तरह से निष्पक्ष फैसला ले सकें. यही वजह है कि हर कोई भारतीय टीम का सेलेक्टर नहीं बन सकता और बीसीसीआई इसके लिए एक बेहद कड़ा तथा पारदर्शी प्रोसेस अपनाती है.

सेलेक्टर चुनने के लिए योग्यता के कड़े नियम

• टेस्ट मैच का अनुभव: खिलाड़ी ने भारत के लिए कम से कम सात टेस्ट मैच खेले हों, या
• फर्स्ट-क्लास मैच का अनुभव: कम से कम 30 फर्स्ट-क्लास (घरेलू) मैच खेले हों, या
• वनडे और घरेलू मैच का अनुभव: भारत के लिए कम से कम 10 वनडे इंटरनेशनल मैच और साथ ही 20 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों.

इसके अलावा ये 2 नियम भी है जरूरी

• 5 साल का गैप: उम्मीदवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट (अंतरराष्ट्रीय और घरेलू) से संन्यास लिए हुए कम से कम पांच साल पूरे हो चुके होने चाहिए.
• कमेटी का कार्यकाल: वह बीसीसीआई की किसी भी दूसरी क्रिकेट कमेटी का सदस्य कुल मिलाकर पांच साल से ज्यादा समय तक न रहा हो.

2. आवेदन और इंटरव्यू

जब भी चयन समिति में कोई पद खाली होता है, तो बीसीसीआई आधिकारिक तौर पर आवेदन मंगवाती है. इसके बाद एक खास कमेटी, जिसे क्रिकेट सलाहकार समिति कहा जाता है, सभी आवेदकों के इंटरव्यू लेती है. इस वक्त अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे इस सीएसी के अध्यक्ष हैं. इसी सीएसी ने रमेश पोवार का इंटरव्यू लेकर उन्हें सर्वसम्मति से चुना.  

कैसे बनते हैं टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर? 

चयन समिति में कुल 5 सदस्य होते हैं, जो देश के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं. जब ये 5 चुन लिए जाते हैं, तो इनमें से जिस खिलाड़ी ने भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले होते हैं, उसे नियम के मुताबिक खुद-ब-खुद समिति का अध्यक्ष यानी चीफ सेलेक्टर बना दिया जाता है. यही वजह है कि 24 टेस्ट खेलने वाले प्रज्ञान ओझा चीफ सेलेक्टर बने हैं. 

इस वक्त पांच सिलेक्टर्स की टीम इस प्रकार है:

1. प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष / चीफ सेलेक्टर - साउथ जोन)
2. रमेश पोवार (सदस्य - वेस्ट जोन)
3. शिव सुंदर दास (सदस्य - ईस्ट जोन)
4. आरपी सिंह (सदस्य - सेंट्रल ज़ोन)
5. अजय रात्रा (सदस्य - नॉर्थ जोन)

साल 2000 से अब तक टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर्स की लिस्ट 

• 2026 से वर्तमान: प्रज्ञान ओझा*
• 2023 से 2026 तक: अजीत अगरकर
• 2020 से 2023 तक: चेतन शर्मा
• 2020 में: सुनील जोशी
• 2016 से 2020 तक: एमएसके प्रसाद
• 2012 से 2016 तक: संदीप पाटिल
• 2008 से 2012 तक: कृष श्रीकांत
• 2006 से 2008 तक: दिलीप वेंगसरकर
• 2004 से 2006 तक: किरण मोरे
• 2002 से 2004 तक: सैयद किरमानी
• 2000 से 2002 तक: चंदू बोर्डे

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क्या होता है चयन समिति का काम? 

बीसीसीआई की पांच सदस्यीय चयन समिति का मुख्य काम भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम (टेस्ट, वनडे और टी20) के लिए सबसे मजबूत 15 या 16 खिलाड़ियों का निष्पक्ष चयन करना होता है. इसके लिए सेलेक्टर्स साल भर देश के बड़े घरेलू टूर्नामेंट्स जैसे रणजी ट्रॉफी और आईपीएल के मैचों को लाइव देखने मैदान पर जाते हैं, ताकि प्रतिभावान खिलाड़ियों पर नजर रख सकें. मुख्य टीम चुनने के अलावा, ये सेलेक्टर्स कप्तान और उप-कप्तान की नियुक्ति करते हैं और 'इंडिया-ए' जैसी जूनियर टीमें तैयार करते हैं, ताकि भविष्य के लिए मजबूत बैकअप हमेशा तैयार रहे.

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क्या होता है चीफ सेलेक्टर का काम? 

चयन समिति के अध्यक्ष यानी चीफ सेलेक्टर के पास कुछ विशेष और अतिरिक्त अधिकार होते हैं, जिसमें सबसे प्रमुख काम टीम इंडिया के कप्तान और हेड कोच के साथ आधिकारिक चयन बैठकों का नेतृत्व करना है. जब भी किसी खिलाड़ी के चयन को लेकर सेलेक्टर्स के बीच असहमति होती है, तो चीफ सेलेक्टर के पास निर्णायक वोट देने का अधिकार होता है, जिससे अंतिम फैसला तय होता है. इसके साथ ही, टीम की घोषणा करने के बाद किसी खिलाड़ी को शामिल करने या बाहर करने की रणनीतिक वजह मीडिया और क्रिकेट फैंस को समझाना भी चीफ सेलेक्टर की ही जिम्मेदारी होती है. अब देखने वाली बात होगी कि इन सेलेक्शन कमेटी के मार्गदर्शन में टीम इंडिया का कैसा प्रदर्शन रहता है.

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