कांग्रेस ने सत्ता परिवर्तन क आरोपों से किया किनारा, कहा-मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को लेकर है
कई रिपोर्ट में चुनाव आयोग की 'विशेष गहन पुनरीक्षण'(SIR) के विरोध में हुए प्रोटेस्ट को बड़ी साजिश बताया गया है. इसे सत्ता परिवर्तन को लेकर बड़ा प्लान बताया जा रहा है. लेकिन कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया ह. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को कहा, 'भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस'. उन्होंने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण विरोध में विश्वास रखता है. चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रहा है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष हिंसा का समर्थन नहीं करता है. शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में विश्वास रखता है. मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा, "मुझे लगता है कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस. मुझे नहीं लगता कि ये तुलनाएं बहुत प्रासंगिक हैं... फ्रांस में जो हिंसा हुई है, जैसे बसों और पुलिस स्टेशनों को आग लगाना, हम ऐसी किसी भी हिंसा का समर्थन कभी नहीं करेंगे.
लोगों के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई
उन्होंने कहा,' हम केवल शांतिपूर्ण विरोध में विश्वास करते हैं, मैंने भी ऐसे ही विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है,और मुझे लगता है कि विपक्ष भी आमतौर पर इसी तरह के विरोध का समर्थन करता है.' सत्ता परिवर्तन की मांग करने के आरोपों को खारिज करते हुए थरूर ने कहा कि विपक्ष की मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की है. उन्होंने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई.
ऐसी किसी कोशिश से कोई लेना-देना नहीं
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'जहां तक बड़े मामलों की बात है, तो 'सत्ता परिवर्तन' जैसे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का कोई मतलब नहीं है. हम तो बस स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रहे हैं. आज चिंता की बात यह है कि एक बेहद समस्यापूर्ण, अनियमित और आंशिक रूप से अवैध प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटा दिए गए हैं. ऐसे हम मांग कर रहे हैं कि इस पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जाए. यह एक संवैधानिक मुद्दा है. इसका सरकार को गिराने या ऐसी किसी कोशिश से कोई लेना-देना नहीं है.'
यूरोप में हो रहे प्रदर्शनों से तुलना करने पर उठाए सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की तुलना यूरोप में हो रहे प्रदर्शनों से करने वाले नैरेटिव पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, "भारत और यूरोप की तुलना करना बिल्कुल बेतुका है. वे फिर से एक पुरानी और खतरनाक सोच को सामने ला रहे हैं. हमने भारत में भी अक्सर इसी तरह की रणनीति और 'टूलकिट' का इस्तेमाल होते देखा है. हाल ही में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सांप्रदायिक तनाव भड़काने और हिंसा करने की कोशिश की. इनका मकसद क्या था? शिक्षा, चुनावी निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्याय के लिए चल रहे शांतिपूर्ण और जायज आंदोलनों को बदनाम करना है.
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Explainer: सितारों को धमकी, घरों के बाहर फायरिंग, आखिर कितनी सुरक्षित है बॉलीवुड की चमकती दुनिया?
Bollywood Celebrity Security: बॉलीवुड की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखाई देती है, सेलेब्स की लाइफ में उतने ही उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं. फिल्मों की शूटिंग, बड़े इवेंट्स और फैंस के बीच रहने वाले कलाकारों को कई बार सुरक्षा से जुड़ी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कभी किसी एक्टर को धमकी मिलती है, तो कभी उसके घर के बाहर फायरिंग की घटना सामने आती है. अब हाल ही में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले सलमान खान और फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर भी फायरिंग हो चुकी है. ऐसे में सवाल है कि बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा में कहां चुक आ रही है और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए क्या किया जा रहा है?
टाइगर श्रॉफ पर हमला
दरअसल, 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद वापस घर जा रहे थे. इसी दौरान बाइक पर आए हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाकर 7 राउंड गोलियां चलाईं. हालांकि टाइगर को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर और पास मौजूद एक अन्य व्यक्ति को हॉस्पिटल ले जाया गया. घटना के बाद मुंबई पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया. वहीं, तीनों आरोपियों को कोटा से गिरफ्तार किया गया और फिलहाला मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही हैं.
वहीं, इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा भी सामने आया है. इससे पहले सलमान खान, रोहित शेट्टी जैसे कलाकारों के घर के बाहर भी इसी गैंग ने गोलियां चलवाई थी. ऐसे में फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
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सेलिब्रिटीज को क्यों बनाया जा रहा निशाना?
सेलिब्रिटीज को निशाना बनाए जाने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. कुछ मामलों में रंगदारी वसूलने की कोशिश होती है, तो कुछ में पुरानी दुश्मनी, धमकी देकर दबाव बनाना या किसी गैंग का नाम फैलाना मकसद हो सकता है. कई बार तो सोशल मीडिया पर किसी हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया जाता है, ताकि लोगों के बीच डर पैदा किया जा सके. वहीं, सेलेब्स पॉपुलर होते हैं और उनके घर, शूटिंग की जगह, कार्यक्रम और आने-जाने के समय से जुड़ी जानकारी कई बार सोशल मीडिया पर मौजूद होती है. हालांकि ये जरूरी नहीं कि हर धमकी के पीछे किसी गैंग का ही हाथ हो.
VVIP स्तर की सुरक्षा की जरूरत
कुछ साल पहले तक बॉलीवुड सितारों के लिए बॉडीगार्ड का मतलब केवल फैंस से घेरकर बचाना होता था. बॉडीगार्ड्स या निजी सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ धक्का-मुक्की और ऑटोग्राफ मांगने वालों को संभालने के लिए होती थीं, लेकिन आज के समय में खतरा सिर्फ फैंस की दीवानगी का नहीं, बल्कि स सिंडिकेट्स, गैंगस्टर्स और सुनियोजित हमलों का है. बॉडीगार्ड्स या प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स भीड़ से तो लग सकते हैं, लेकिन हथियारों या गैंगवार के खतरों से निपटने के लिए सेलिब्रिटीज को वीवीआईपी (VVIP) स्तर की सुरक्षा की जरूरत है.
कानून-व्यवस्था और राज्य की जिम्मेदारी
मुंबई जैसा शहर, जो देश के सबसे सुरक्षित महानगरों में गिना जाता है, वहां इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो ये सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं. एक के बाद एक इस तरह की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द इसका हला निकालना चाहिए. पिछले कुछ समय से बॉलीवुड कलाकारों और उनके करीबियों को लगातार मिल रही धमकियां और हमले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि अपराध का ये नेटवर्क अब सिर्फ वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि ये फिल्म इंडस्ट्री के मनोवैज्ञानिक ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश कर रहा है.
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सेलिब्रिटीज की सुरक्षा में कहां आती है चुनौती?
बड़े सितारों की सुरक्षा केवल उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात करने तक सीमित नहीं है. उनकी सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर काम करना पड़ता है. इसमें पर्सनल सुरक्षा गार्ड, स्थानीय पुलिस, कार्यक्रम के आयोजक और जरूरत पड़ने पर विशेष सुरक्षा टीमों के बीच तालमेल जरूरी होता है. सेलेब्स अक्सर शूटिंग, इवेंट्स, होटल, जिम और पर्सनल पार्टीज में जाते हैं और हर जगह एक जैसी सुरक्षा व्यवस्था रखना आसान नहीं होता है. किसी कार्यक्रम की जानकारी पहले से पब्लिक हो जाए या वहां भीड़ ज्यादा जमा हो जाए, तो सुरक्षा संभालना और मुश्किल हो जाता है. ऐसे में क्राउड मैनेजमेंट वस्थित रखना भी जरूरी है.
क्या बॉलीवुड सितारे पूरी तरह सुरक्षित हैं?
बता दें, कई बड़े सितारों के पास निजी सुरक्षा टीम होती है और खतरे की आशंका होने पर पुलिस की ओर से भी सुरक्षा दी जाती है. लेकिन कोई भी सुरक्षा व्यवस्था हर खतरे को पूरी तरह खत्म करने की गारंटी नहीं देती है.टाइगर श्रॉफ, सलमान खान और रोहित शेट्टी से जुड़े मामलों में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत और अपडेट करने की जरूरत है. किसी सितारे को धमकी मिलने पर उसकी गंभीरता का आकलन करना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना, घर और कार्यक्रमों की सुरक्षा जांचना और पुलिस के साथ संपर्क बनाए रखना जरूरी है.
इन सितारों पर भी हुआ था हमला
इससे पहले 14 अप्रैल 2024 को सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर बाइक पर आए दो लोगों ने गोलियां चलाई थीं. उस समय सलमान खान और उनके परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे, लेकिन इस घटना में किसी को चोट नहीं आई. इस मामले के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई थी. बता दें, सलमान खान को पहले भी धमकियां मिल चुकी थीं. इसके बाद 1 फरवरी 2026 की रात फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर भी फायरिंग की घटना सामने आई थी. इस मामले में भी सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक अकाउंट से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था. सभी हमले में सलमान खान से दूर रहने की बात सामने आई थी.
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