मस्क अमेरिका के हर बच्चे को स्पेसएक्स का शेयर देंगे:देश में 7.2 करोड़ बच्चे, योजना पर ₹1 लाख करोड़ खर्च का अनुमान
दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को उनकी रॉकेट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स का एक शेयर गिफ्ट करेंगे। मस्क ने 19 अक्टूबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका ऐलान किया। हालांकि करोड़ों बच्चों तक इसे पहुंचाने की प्रोसेस क्या रहेगी? फिलहाल मस्क या उनकी कंपनी की तरफ से इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई हैं। अभी स्पेसएक्स के एक शेयर की कीमत 146 डॉलर यानी करीब 14 हजार रुपए के बराबर है। 7 करोड़ बच्चों को शेयर देने पर मस्क के खर्च होंगे ₹1 लाख करोड़ अमेरिका में लगभग 7 करोड़ बच्चे इस योजना के योग्य माने जा सकते हैं। स्टॉक मार्केट में स्पेसएक्स के मौजूदा शेयर प्राइस 146 डॉलर यानी करीब ₹14,000 है। इस हिसाब से देखें, तो मस्क का यह गिफ्ट प्लान कुल 10.2 बिलियन यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपए का बैठेगा। कौन से बच्चे पात्र होंगे, साफ नहीं मस्क ने अपनी पोस्ट में 'अमेरिका के हर बच्चे' की बात कही है, लेकिन इस पर कई पेंच फंसे हैं: बेचने या ट्रांसफर करने पर सवाल एक बड़ा सवाल यह भी है कि बच्चों के हाथ में शेयर कैसे पहुंचेगा। क्या शेयर सीधे बच्चे के नाम पर होगा, या फिर जब तक बच्चा बड़ा नहीं हो जाता तब तक यह माता-पिता के खाते में रहेगा? कंपनी ने यह भी नहीं बताया कि बच्चे या उनके पेरेंट्स इस शेयर को जब चाहें बेच सकेंगे या नहीं, या इसे किसी और के नाम ट्रांसफर किया जा सकेगा या नहीं। स्पेसएक्स में मस्क के 6.42 अरब शेयर, वैल्यू ₹80 लाख करोड़ 30 जून 2026 तक की एक रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक स्पेसएक्स में मस्क की कुल हिस्सेदारी 48.4% है। रिपोर्ट के वक्त इस हिस्सेदारी की कुल वैल्यू करीब 860 बिलियन डॉलर यानी करीब 80 लाख करोड़ रुपए थी। मस्क बोले- आगे और भी ऐलान करेंगे मस्क ने अपने पोस्ट में कहा कि यह कई योजनाओं में से सिर्फ पहली योजना है। इससे साफ है कि वे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, उनकी बाकी योजनाएं क्या हैं और उनके बारे में वे कब बताएंगे, इसका उन्होंने कोई टाइमटेबल नहीं दिया है। नाबालिगों को शेयर कैसे मिलते हैं? अमेरिका में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के नाम पर शेयर रखने के लिए 'कस्टोडियल अकाउंट्स' खोले जाते हैं। इसमें बच्चे के बालिग होने तक पूरा जिम्मा माता-पिता या गार्जियन के पास रहता है। स्पेसएक्स: रियूजेबल रॉकेट के जरिए स्पेस सेक्टर बदला साल 2002 में इलॉन मस्क ने स्पेस-एक्स कंपनी बनाई थी। स्पेस-एक्स ने 31 मई 2020 को कंपनी ने दुनिया का पहला प्राइवेट ह्यूमन मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन के तहत दो एस्ट्रोनॉट -रॉबर्ट बेहेनकेन और डगलस हर्ले स्पेस गए थे। मस्क की कंपनी ने रियूजेबल रॉकेट टेक्नोलॉजी डेवलप कर सैटेलाइट लॉन्चिंग और दूसरे स्पेस मिशन्स को सस्ता बनाया है।
जियो का ₹8,110 करोड़ का एंकर बुक 30-गुना सब्सक्राइब हुआ:₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां लगीं; ब्लैकरॉक और SBI म्यूचुअल फंड जैसे बड़े निवेशक शामिल
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का IPO आज, 19 अक्टूबर को एंकर इन्वेस्टर्स यानी बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए ओपन है। इसके एंकर बुक को अब तक 30 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन भी मिल चुका है। IPO में कुल 8,110 करोड़ रुपए के शेयरों को एंकर इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। जिसके मुकाबले एंकर इन्वेस्टर्स ने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की बोलियां लगाई हैं। यह किसी भी भारतीय IPO के लिए अब तक की सबसे बड़ी इंस्टीट्यूशनल बोली है। इस एंकर बुक में दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर्स, सोवरेन वेल्थ फंड्स, भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड्स शामिल हुए हैं। देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउसेज ने निवेश किया एंकर बुक में भारतीय इंस्टीट्यूशनल निवेशकों में देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउसेज शामिल हैं, जिनमें SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड प्रमुख हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों और पेंशन फंड्स ने एंकर बुक में हिस्सा लिया है। इसमें लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), HDFC लाइफ, SBI लाइफ, SBI पेंशन, HDFC पेंशन और ICICI प्रूडेंशियल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा टेक्नोलॉजी-फोर्स्ड ग्लोबल फंड्स और बड़े फैमिली ऑफिसों ने भी इसमें निवेश करने के लिए इंटरेस्ट दिखाया है। फॉरेन लॉन्ग-ओनली फंड्स की सबसे ज्यादा डिमांड जियो के इस एंकर बुक में ज्यादातर डिमांड फॉरेन लॉन्ग-ओनली फंड्स, सोवरेन वेल्थ फंड्स और पेंशन फंड्स की तरफ से आई है। इससे यह पता चलता है कि एंकर बुक में लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वाला इंस्टीट्यूशनल कैपिटल आया है। भारत में निवेश करने वाला लगभग हर बड़ा फंड इस इश्यू में हिस्सा ले रहा है और कोई भी प्रमुख फंड इससे दूर नहीं रहा है। IPO आम निवेशकों के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का देश का सबसे बड़ा IPO आम निवेशकों के लिए 21 से 23 अक्टूबर तक खुलेगा। इसके जरिए कंपनी 30,188 करोड़ रुपए जुटाएगी। IPO में कंपनी 27 करोड़ शेयर जारी करेगी। एक शेयर की कीमत यानी प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय है। वहीं जियो का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP अभी ₹250 के पार चल रहा है। लिस्टिंग के बाद इसका मार्केट कैप ₹10.30 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। आईपीओ में कर्मचारियों और शेयरहोल्डर्स के लिए ₹3,000 करोड़ रिजर्व इश्यू का ब्रेक-अप: किसके लिए कितना हिस्सा रिजर्व देश में अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा जियो प्लेटफॉर्म्स देश में अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। इसके जरिए कंपनी लगभग 30,200 करोड़ रुपए जुटाएगी। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,858 करोड़ रुपए का IPO देश का सबसे बड़ा IPO था। किन्हें मिलेगा शेयरहोल्डर रिजर्वेशन का फायदा? एलिजिबल रिलायंस शेयरहोल्डर्स में वे व्यक्ति और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) शामिल हैं, जिनके पास कंपनी के रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP दाखिल करने की तारीख यानी 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पब्लिक इक्विटी शेयर थे। यह छूट लागू एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और रेगुलेटरी नियमों के अधीन होगी। IPO के जरिए 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी होंगे RHP के मुताबिक, इस आईपीओ के जरिए कंपनी ₹10 की फेस वैल्यू वाले 27.5 करोड़ तक फ्रेश यानी नए शेयर जारी करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस जियो का टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज बिजनेस शामिल है। कंपनी ने 14 अक्टूबर को RHP दाखिल किया था IPO के लिए कंपनी ने 14 अक्टूबर को रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी RHP दाखिल किया था। गुजरात के अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास RHP फाइल किया गया था। इससे पहले कंपनी ने 19 जून को ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। 28 अगस्त को IPO के लिए SEBI से मंजूरी मिली थी। जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर जियो प्लेटफॉर्म्स इस समय देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है। 30 जून 2026 कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 53.3 करोड़ है। इसमें 28.49 करोड़ 5G यूजर्स हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा 5G कस्टमर बेस है। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है। क्या होता है एंकर बुक? एंकर बुक किसी भी बड़े IPO के पब्लिक होने से पहले इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स जैसे- बड़े म्यूचुअल फंड, विदेशी निवेशक और इंश्योरेंस कंपनियां के लिए रिजर्व हिस्सा होता है। एंकर इन्वेस्टर्स को शेयर अलॉट करने से बाजार में आईपीओ को लेकर भरोसा और पॉजिटिव माहौल बनता है। क्या होता है रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP)? यह एक ऐसा आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसे कोई कंपनी IPO लाने से पहले SEBI और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास जमा करती है। इसमें कंपनी के बिजनेस, फाइनेंशियल कंडीशन, प्रमोटर्स और रिस्क फैक्टर्स का पूरा ब्यौरा होता है। इसमें शेयरों की फाइनल कीमत (इश्यू प्राइस) या प्राइस बैंड और शेयर्स की संख्या की जगह अनुमानित दायरा होता है, जिसे बाद में तय किया जाता है।
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