रमजान 2026: सऊदी अरब और भारत में कब रखा जाएगा पहला रोजा? इस दिन से शुरू होगा रमजान का महीना
रमजान के पाक महीने की शुरूआत होने वाली है। हालांकि नए चांद को देखने के बाद ही सही तारीख को पता चल पाएगा। नीचे विस्तार से जानें कि सऊदी अरब और भारत में कब पहला रोजा रखा जा सकता है?
IT Stocks Down: 2 दिन की तेजी के बाद इंफोसिस, विप्रो समेत आईटी स्टॉक्स 3 फीसदी तक गिरे, क्यों हुआ ऐसा?
IT Stocks sell off: दो दिन की तेजी के बाद बुधवार को आईटी शेयरों में अचानक ब्रेक लग गया। 18 फरवरी की सुबह ट्रेडिंग में इंफोसिस, पर्सिसटेंट सिस्टम्स, विप्रो समेत कई बड़ी कंपनियों के शेयर 2 से 3 फीसदी तक लुढ़क गए। इसकी बड़ी वजह रही ग्लोबल टेक सेलऑफ और एआई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता।
अमेरिकी एआई स्टार्टअप एंथ्रॉपिक ने अपना नया मॉडल क्लॉड सोनेट 4.6 लॉन्च किया है। कंपनी ने इसे अब तक का सबसे ताकतवर सोनेट मॉडल बताया है। यही नहीं, इसे फ्री और पेड दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। इस कदम ने सॉफ्टवेयर सेक्टर में एआई से बढ़ती प्रतिस्पर्धा की चिंताओं को फिर हवा दे दी।
बाजार पर इसका असर साफ दिखा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.5% गिरकर 32265.20 पर आ गया। पर्सिसटेंट सिस्टम्स, के शेयर 3% से ज्यादा टूटे। इंफोसिस भी करीब 3% नीचे फिसला। कोफोर्ज, टेक महिंद्रा और LTI माइंडट्री में भी लगभग 3% की गिरावट रही। विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और Mphasis 2% से ज्यादा टूटे, जबकि टीसीएस करीब 2% नीचे रहा।
क्लॉड सोनेट 4.6 को claude.ai में डिफॉल्ट मॉडल बनाया गया है। कीमत पहले जैसी ही रखी गई है। कंपनी का दावा है कि इसमें कोडिंग, लंबा कॉन्टेक्स्ट समझने, एजेंट प्लानिंग और डिजाइन जैसे कामों में बड़ी छलांग लगी है। एंथ्रॉपिक का कहना है कि अब एआई पुराने और जटिल सॉफ्टवेयर सिस्टम्स को भी इंसानों की तरह चला सकता है, जिससे कंपनियों को अलग-अलग कनेक्टर बनाने की जरूरत कम होगी।
लॉन्च के बाद वैश्विक टेक शेयर भी दबाव में रहे। कॉग्निजेंट और एक्सेंचर करीब 2% तक गिरे। NAB के विश्लेषकों के मुताबिक, एआई को लेकर अभी भी साफ तस्वीर नहीं है कि इससे कौन जीतेंगे और किस सेक्टर पर कितना असर पड़ेगा। यही अनिश्चितता बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा रही है।
दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले ही आईटी शेयरों में तेजी आई थी। इंफोसिस ने एंथ्रॉपिक के साथ रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया था। इंफोसिस अपने Topaz AI प्लेटफॉर्म में क्लॉड मॉडल्स को इंटीग्रेट करेगा और एक खास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाएगा।
एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि डेमो में काम करने वाला एआई और रेगुलेटेड इंडस्ट्री में काम करने वाला एआई अलग चीज है, और इस गैप को भरने के लिए डोमेन एक्सपर्टीज जरूरी है, जो इंफोसिस के पास है।
वहीं Infosys के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने निवेशकों से कहा कि एआई कंपनियों के लिए खतरा नहीं, बल्कि बड़ा मौका है। हालांकि पिछले हफ्ते निफ्टी आईटी इंडेक्स 8.2% गिरा था, 11 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट। विश्लेषकों का मानना है कि वैल्यूएशन अब ‘वैल्यू जोन’ में हैं, और एआई को लेकर डर शायद जरूरत से ज्यादा है।
(प्रियंका कुमारी)
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