अमेरिका के Gen-Z में क्यों बढ़ रहा है 'Chinamaxxing' क्रेज? जानिए इस नए ट्रेंड के पीछे की असली वजह
Chinamaxxing Trend: अमेरिका में चीनी चीजों के प्रति प्रेम लगातार बढ़ रहा है. इतना ही नहीं, यहां के लोग अब चाइनीज बनने लगे हैं. खासतौर पर जेन-जी जेनरेशन के लोग. टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे ट्रेंड 'चीनमैक्सिंग'के क्रेज के चलते ऐसा हो रहा है. दरअसल, बीजिंग के एक टूरिज्म सेक्टर में पारंपरिक कपड़े पहने एक महिला तस्वीर खिंचवाती दिखती है. अमेरिका सहित पश्चिमी देशों में तेजी से उभरे 'चीनमैक्सिंग' ट्रेंड के समर्थक अपने 'चीनीपन' का प्रदर्शन कर रहे हैं.
क्या है चीनमैक्सींग?
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. लोग पोस्ट में लिख रहे हैं- 'आप मुझसे मेरी जिंदगी के सबसे 'चीनी दौर में मिले' और खुद को 'चीनी स्टाइल' में ढालते नजर आ रहे हैं. कोई डिम सम का स्वाद ले रहा है, तो कोई वायरल हो चुकी एडिडास की चाइनीज जैकेट पहनकर फोटो शेयर कर रहा है.
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Chinese लाइफस्टाइल के दीवाने हुए लोग
इसमें लोग चीन की जीवनशैली को रोमांटिक अंदाज में पेश कर रहे हैं. सिर्फ तारीफ ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में चीनी संस्कृति, फैशन, खानपान और एस्थेटिक्स को तेजी से अपनाया जा रहा है. सोशल मीडिया की दुनिया में 'चीनमैक्सिंग' अब एक नए लाइफस्टाइल स्टेटमेंट के रूप में उभर रहा है.
सुबह से शाम, हर काम चीनी!
टिकटॉक और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर जेन-जी अमेरिकी इस ट्रेंड को इतना फॉलो कर रहे हैं कि वे सुबह उठकर चीनी लोगों की तरह गर्म पानी पीते हैं और रात को खाने के लिए चॉपस्टिक का इस्तेमाल कर रहे हैं. ट्रेंड में बीजिंग के बुजुर्गों जैसा लुक पाने के लिए एडिडास ट्रैकसूट भी पहन रहे हैं.
ये ट्रेंड भी हो रहे पॉपुलर
अमेरिका के लोगों में चीनी लोगों के और भी कई तौर-तरीके वायरल हो रहे हैं. यहां के लोग कमरे में आने से पहले जूते उतारते हैं और हर्बल टी का सेवन कर रहे हैं.
क्या है इसका कारण?
चीनमैक्सिंग ट्रेंड का कारण है कि Sherry Zhu. ये एक अमेरिकन-चाइनीज टिकटॉकर है. वे अपने अकाउंट में लाइफस्टाइल टिप्स शेयर करती हैं. उनके 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स है. वे कहती हैं कि कल से आप चीनी बन रहे हैं. एक पॉपुलर वामपंथी राजनीतिक स्टीमर हसन पिक्चर भी इस ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं. वे चीन की आर्थिक व्यवस्था और विकास की खुलकर तारीफ करते भी देखे जाते हैं. इतना ही नहीं वे अमेरिका की आलोचना भी करते हैं. अमेरिकी युवाओ को चीन एक स्वर्ग जैसा लगता है.
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अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना ने ताइवान नीति पर की राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना
वाशिंगटन, 18 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताइवान को हथियार बिक्री के संबंध में चीन से चर्चा वाली टिप्पणी पर एक सीनियर डेमोक्रेटिक सदस्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डोनाल्ड ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिकी नीति से पूरी तरह विपरीत है।
इंडियन अमेरिकन कांग्रेसी रो खन्ना, जो यूनाइटेड स्टेट्स और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के बीच स्ट्रेटेजिक कॉम्पिटिशन पर हाउस सिलेक्ट कमेटी के रैंकिंग मेंबर हैं, ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप की बातें खतरनाक थीं।
भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की बातें चिंताजनक थीं।
यूनाइटेड स्टेट्स और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच स्ट्रेटेजिक कॉम्पिटिशन पर हाउस सिलेक्ट कमेटी के रैंकिंग मेंबर रो खन्ना ने एक बयान में कहा, ट्रंप का यह मानना कि वह शी जिनपिंग के साथ ताइवान को भविष्य में अमेरिकी हथियारों की बिक्री पर चर्चा कर रहे हैं, तो यह चिंताजनक है और अमेरिकी नीति और सिक्स एश्योरेंस का स्पष्ट उल्लंघन है।
यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आईं, जिसमें उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ताइवान को लेकर अमेरिकी हथियारों की बिक्री पर परामर्श करने की बात की थी। यह मुद्दा यूएस-चीन रणनीतिक तनाव का मुख्य हिस्सा है।
खन्ना ने कहा कि ऐसी चर्चा अमेरिका के ताइवान के प्रति पहले से तय नीति के खिलाफ होगी, खासकर सिक्स एश्योरेंस के संदर्भ में, जो रिगन प्रशासन के समय से लागू हैं।
उन्होंने व्हाइट हाउस से नीति में स्पष्टता और निरंतरता की पुष्टि करने की अपील की। उन्होंने कहा, मैं राष्ट्रपति से आग्रह करता हूं कि वे सिक्स एश्योरेंस के लिए हमारी प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित करें और स्पष्ट करें कि ताइवान पर हमारी पॉलिसी नहीं बदली है।
सिक्स एश्योरेंस छह पॉलिसी प्रिंसिपल हैं। सिक्स एश्योरेंस छह नीतिगत सिद्धांतों का समूह है, जिनका पालन अमेरिकी प्रशासनों ने रिगन के समय से किया है। इनमें से दूसरा एश्योरेंस यह कहता है कि अमेरिका ने ताइवान को हथियारों की बिक्री पर बीजिंग से परामर्श करने पर सहमति नहीं दी थी।
ताइवान रिलेशंस एक्ट- 1979 में वाशिंगटन ने ताइपे से बीजिंग को राजनयिक मान्यता दी थी। यह ताइवान के साथ अनौपचारिक अमेरिकी संबंध की रूपरेखा है। यह अनिवार्य करता है कि अमेरिका ताइवान को रक्षा हथियार उपलब्ध कराए।
--आईएएनएस
डीसीएच/
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