अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना ने ताइवान नीति पर की राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना
वाशिंगटन, 18 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताइवान को हथियार बिक्री के संबंध में चीन से चर्चा वाली टिप्पणी पर एक सीनियर डेमोक्रेटिक सदस्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डोनाल्ड ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिकी नीति से पूरी तरह विपरीत है।
इंडियन अमेरिकन कांग्रेसी रो खन्ना, जो यूनाइटेड स्टेट्स और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के बीच स्ट्रेटेजिक कॉम्पिटिशन पर हाउस सिलेक्ट कमेटी के रैंकिंग मेंबर हैं, ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप की बातें खतरनाक थीं।
भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की बातें चिंताजनक थीं।
यूनाइटेड स्टेट्स और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच स्ट्रेटेजिक कॉम्पिटिशन पर हाउस सिलेक्ट कमेटी के रैंकिंग मेंबर रो खन्ना ने एक बयान में कहा, ट्रंप का यह मानना कि वह शी जिनपिंग के साथ ताइवान को भविष्य में अमेरिकी हथियारों की बिक्री पर चर्चा कर रहे हैं, तो यह चिंताजनक है और अमेरिकी नीति और सिक्स एश्योरेंस का स्पष्ट उल्लंघन है।
यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आईं, जिसमें उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ताइवान को लेकर अमेरिकी हथियारों की बिक्री पर परामर्श करने की बात की थी। यह मुद्दा यूएस-चीन रणनीतिक तनाव का मुख्य हिस्सा है।
खन्ना ने कहा कि ऐसी चर्चा अमेरिका के ताइवान के प्रति पहले से तय नीति के खिलाफ होगी, खासकर सिक्स एश्योरेंस के संदर्भ में, जो रिगन प्रशासन के समय से लागू हैं।
उन्होंने व्हाइट हाउस से नीति में स्पष्टता और निरंतरता की पुष्टि करने की अपील की। उन्होंने कहा, मैं राष्ट्रपति से आग्रह करता हूं कि वे सिक्स एश्योरेंस के लिए हमारी प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित करें और स्पष्ट करें कि ताइवान पर हमारी पॉलिसी नहीं बदली है।
सिक्स एश्योरेंस छह पॉलिसी प्रिंसिपल हैं। सिक्स एश्योरेंस छह नीतिगत सिद्धांतों का समूह है, जिनका पालन अमेरिकी प्रशासनों ने रिगन के समय से किया है। इनमें से दूसरा एश्योरेंस यह कहता है कि अमेरिका ने ताइवान को हथियारों की बिक्री पर बीजिंग से परामर्श करने पर सहमति नहीं दी थी।
ताइवान रिलेशंस एक्ट- 1979 में वाशिंगटन ने ताइपे से बीजिंग को राजनयिक मान्यता दी थी। यह ताइवान के साथ अनौपचारिक अमेरिकी संबंध की रूपरेखा है। यह अनिवार्य करता है कि अमेरिका ताइवान को रक्षा हथियार उपलब्ध कराए।
--आईएएनएस
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राजपाल यादव ने जिस शख्स से लिए थे 5 करोड़ उधार, उसने एक्टर की पत्नी को लेकर किया बड़ा दावा
Rajpal Yadav: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस केस मामले में 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था. हालांकि 12 दिन जेल में रहने के बाद एक्टर को फिलहाल रिहाई मिल गई है. लेकिन इन सबके बीच उस शख्स की चर्चा हो रही है, जिससे राजपाल ने 2010 में 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. इतना ही नहीं इस शख्स ने तो राजपाल की पत्नी राधा को लेकर भी बड़ा दावा किया है. चलिए जानते हैं, इस बारे में-
किससे लिया था राजपाल यादव ने उधार?
राजपाल यादव ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक माधव गोपाल अग्रवाल से 5 करोड़ रुपये लिए थे. मुरली ने ही एक्टर पर पैसे ना लौटाने के लिए केस किया है. अब हाल ही में 'न्यूज पिंच' को दिए इंटरव्यू में मुरली ने बताया कि उनकी राजपाल यादव से मुलाकात सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया के जरिए हुई थी. उस समय एक्टर की फिल्म 'अता पता लापता' लगभग पूरी हो चुकी थी. लेकिन एक्टर को फिल्म के लिए फंड्स की जरूरत थी. ऐसे में एक्टर ने मदद मांगी तो वो शुरुआत में पैसा देने के लिए तैयार नहीं थे.
राजपाल की पत्नी को लेकर किया दावा
मुरली गोपाल ने आगे दावा किया कि एक्टर की पत्नी राधा ने उन्हें कई बार उनसे संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई. ऐसे में इमोशनल मैसेज से अग्रवाल का दिल पसीज गया और वो मदद के लिए राजी हो गए. वहीं, उन्होंने इसी बातचीत में ये भी बताया कि उन्होंने फिल्म में कोई इन्वेस्ट नहीं किया था. वहीं, एक्टर ने अग्रीमेंट साइन करते वक्त गारंटी दी थी कि उन्हें पैसे लौटा दिए जाएंगे. मुरली गोपाल ने साफ किया कि उन्होंने फिल्म में इवेंट नहीं किया था बल्कि पैसों की मदद की थी.
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