पूर्व छात्रा को आपत्तिजनक संदेश देने के आरोप में Symbiosis Nagpur के प्रोफेसर पर गिरी गाज
सिम्बियोसिस विश्वविद्यालय ने अपने नागपुर परिसर के एक प्रोफेसर को संस्थान की एक पूर्व छात्रा को कथित तौर पर अनुचित संदेश भेजने और उसे इस्लामी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए कहने के आरोपों के बाद अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया है। संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। इस मामले को लेकर कुछ दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बाद सिम्बियोसिस इंटरनेशनल (मानद विश्वविद्यालय) ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि आरोपों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, प्रोफेसर ने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, नागपुर पुलिस के अनुरोध के बावजूद छह महीने पहले संस्थान छोड़ चुकी छात्रा और उसके पिता ने अब तक न तो औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और न ही कथित संदेशों से जुड़ा कोई सबूत दिया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आरोपों में छात्रा को आपत्तिजनक संदेश भेजना और इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है। हालांकि, शिकायत या सहायक साक्ष्य नहीं होने के कारण इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया और प्रोफेसर को हटाने तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस उपायुक्त नित्यानंद झा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे विभिन्न संगठनों के 15 से 17 लोग विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए। पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के बीच बातचीत कराई। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मुलाकात की।
विश्वविद्यालय ने कहा कि उसने सोशल मीडिया पर सामने आई खबरों और शिकायत का संज्ञान लेते हुए आरोपों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है। संस्थान ने कहा कि वह विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा गरिमा के प्रति प्रतिबद्ध है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व छात्रा का परिवार इस मुद्दे को दक्षिणपंथी संगठनों के समक्ष उठाता रहा है, लेकिन तीन बार अनुरोध किए जाने के बावजूद पुलिस के पास नहीं पहुंचा।
पुलिस की जांच में पता चला कि छात्रा ने छह महीने पहले संस्थान छोड़ दिया था।
Tiger Shroff firing case: Kota Police का खुलासा, Lawrence Bishnoi गैंग से जुड़े आरोपी, Nepal भागने की फिराक में थे
कोटा की पुलिस अधीक्षक (SP) तेजस्वनी गौतम ने सोमवार को अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के बारे में नई जानकारी दी। एक खुफिया सूचना के आधार पर, राजस्थान के कोटा शहर में मुंबई से आ रही एक ट्रेन से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। कोटा पुलिस के अनुसार, इन तीनों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक साथी अनिल पंडित ने काम पर रखा था। इससे गैंग के उन दावों की पुष्टि होती है, जो उन्होंने फायरिंग के तुरंत बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किए थे।
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मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने आगे बताया कि घटना के तुरंत बाद ये तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए थे और जनरल बोगी में यात्रा कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने आगे बताया कि घटना के तुरंत बाद तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए थे और जनरल बोगी में यात्रा कर रहे थे। उनकी योजना जयपुर स्टेशन पर उतरने, फिर बस से दिल्ली जाने और वहां से नेपाल भाग जाने की थी। हालांकि, तीनों को ट्रेन से ही पकड़ लिया गया।
कोटा की SP तेजस्वनी गौतम ने कहा कि अभी तक हथियार नहीं मिले हैं। हालांकि, उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने हथियारों का क्या किया, और फिर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनकी योजना नेपाल भागने की थी। कोटा सिटी पुलिस ने उन्हें रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि अनिल पंडित, रेहान के संपर्क में था। अनिल पंडित का संबंध लॉरेंस बिश्नोई से है... वे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सफर कर रहे थे। उनकी योजना दिल्ली पहुंचकर नेपाल की तरफ भागने की थी। अब मुंबई पुलिस आ गई है, और हम उन्हें सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि आरोपी को पकड़ने के लिए हमने निकास बिंदुओं, प्लेटफॉर्म और कई अन्य जगहों पर घेराबंदी की। यह पुणे-जयपुर एक्सप्रेस थी। हमें सुबह लगभग 9:45 बजे सूचना मिली। मुंबई पुलिस आ गई है और हम आरोपी को उन्हें सौंप देंगे। शुरुआती पूछताछ के आधार पर पता चला है कि आरोपियों में से एक रैपिडो राइडर है। आगे की विस्तृत पूछताछ से और स्पष्टता आएगी। बाकी दो लोगों में से एक नाबालिग है, और दूसरा, रेहान, सोनीपत में मजदूर के तौर पर काम करता है। शुरुआती पूछताछ से पता चला कि उनकी योजना इस ट्रेन से दिल्ली जाने और वहां से नेपाल भाग जाने की थी। रेहान पहले भी अनिल पंडित के संपर्क में था।
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