HFCL के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ तिमाही प्रदर्शन, MD Mahendra Nahata ने की नतीजों की घोषणा
दूरसंचार उपकरण बनाने वाली घरेलू कंपनी एचएफसीएल का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ कई गुना होकर 394.22 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि कृत्रिम मेधा (एआई) डेटा केंद्रों से ऑप्टिकल फाइबर केबल की मांग बढ़ने से उसके लाभ में यह वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में कंपनी ने करीब 72 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
एचएफसीएल के प्रबंध निदेशक महेंद्र नाहटा ने बयान में कहा, ‘‘यह कंपनी के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही प्रदर्शन है और हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ये नतीजे हमारे कारोबार के बढ़ते पैमाने, मजबूती और गति को दर्शाते हैं। साथ ही, इनसे हितधारकों के लिए निरंतर वृद्धि और दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की एचएफसीएल की क्षमता पर हमारा भरोसा मजबूत होता है।’’
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में राजस्व में सालाना आधार पर 80 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2028-29 के लिए तय समयसीमा से पहले ही वह 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व का आंकड़ा पार कर लेगी। नाहटा ने कहा, ‘‘हमने वित्त वर्ष 2028-29 तक 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा था।
कारोबार में मौजूदा गति को देखते हुए हमारा मानना है कि यह लक्ष्य काफी पहले हासिल किया जा सकता है।’’ समीक्षाधीन तिमाही में एचएफसीएल का परिचालन से एकीकृत राजस्व दोगुने से अधिक होकर 2,541.79 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 1,043.34 करोड़ रुपये था। कंपनी का शुद्ध लाभ मार्जिन सालाना आधार पर दोगुने से अधिक होकर 14.36 प्रतिशत हो गया, जो पहले 2.23 प्रतिशत था।
Malaysia Airlines लगा सकती है Green Levy, और महंगे हो सकते हैं हवाई टिकट
मलेशिया एयरलाइंस की मूल कंपनी मलेशिया एविएशन ग्रुप के प्रमुख कैप्टन नसरुद्दीन ए बकर ने सोमवार को कहा कि टिकाऊ विमानन ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई के लिए यात्रियों पर हरित शुल्क लगाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे हवाई टिकटों की कीमतें और बढ़ सकती हैं। बकर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दुनियाभर की विमानन कंपनियां कार्बन उत्सर्जन घटाने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही, वे टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) की अत्यधिक लागत और सीमित उपलब्धता की चुनौती से भी जूझ रही हैं।
सिंगापुर दुनिया का पहला देश है, जिसने जनवरी 2027 से सरकार की ओर से अनिवार्य हरित विमानन शुल्क लगाने की घोषणा की है। नसरुद्दीन ने विमानन क्षेत्र में टिकाऊपन पर आयोजित एक सम्मेलन से इतर ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) से कहा, ‘‘हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं के लिए इसे वहन करना संभव होना चाहिए। विमानन कंपनी के लिए भी इसे खरीद पाना संभव होना चाहिए।’’ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, विमानन क्षेत्र से होने वाला उत्सर्जन दुनिया के सालाना कुल कार्बन उत्सर्जन का करीब 2.5 प्रतिशत है। क्षेत्र में मांग बढ़ने के बीच संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन ने 2050 तक शुद्ध कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का लक्ष्य तय किया है।
संगठन के अनुसार, टिकाऊ विमानन ईंधन के इस्तेमाल से इस उद्योग का उत्सर्जन करीब 65 प्रतिशत तक घटाया जा सकता है। नसरुद्दीन ने कहा कि उनका समूह कार्बन उत्सर्जन घटाने की प्रतिबद्धता के तहत विमानों के बेड़े को आधुनिक बनाने और एसएएफ के इस्तेमाल पर ध्यान देगा। मलेशिया एयरलाइंस पहले ही ईंधन की कम खपत करने वाले 40 एयरबस ए330नियो और 55 बोइंग 737 मैक्स विमानों के ऑर्डर देकर अपने बेड़े का आधुनिकीकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरित शुल्क लगाने का फैसला सरकार को करना है। हालांकि, एसएएफ की लागत घटाने के लिए नियामकों, ईंधन आपूर्तिकर्ताओं और एयरलाइंस को मिलकर काम करना होगा। नसरुद्दीन ने साथ ही आगाह किया कि पूरी लागत उपभोक्ताओं पर डालने से हवाई यात्रा कम आकर्षक हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर लागत बहुत ज्यादा नहीं है, तो शायद इसका कुछ और हिस्सा यात्रियों पर डाला जा सकता है। अगर लागत बहुत ज्यादा है, तो हम ऐसा नहीं कर पाएंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि टिकटों की कीमतें और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नसरुद्दीन ने कहा, ‘‘मैं भविष्य के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकता।’’
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