Responsive Scrollable Menu

भोपाल: 23 अक्टूबर को फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव, मत्स्य उद्योग में निवेश के नए अवसर पर होगा मंथन

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 23 अक्टूबर 2026 को भोपाल में फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026 के साथ मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन की संभावनाओं को नई दिशा देना है।

शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस कॉन्क्लेव में देश के प्रमुख निवेशक, निर्यातक, मत्स्य उद्यमी, स्टार्ट-अप्स और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेकर मत्स्य उद्योग में निवेश  और व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। कॉन्क्लेव में ‘मध्यप्रदेश राज्य मत्स्य निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026’ तथा अंतर्देशीय राज्यों की मत्स्य निर्यात क्षमता को बढ़ाने से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का विमोचन किया जाएगा।

इसके अलावा कार्यक्रम में एकीकृत केज कल्चर इकाइयों का वर्चुअल उद्घाटन भी होगा। साथ ही प्रदेश के जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से संबंधित परियोजनाओं के प्रशासनिक स्वीकृति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ  ही मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), मत्स्य सहकारी समितियों, स्टार्ट-अप्स तथा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्य मंत्री  नारायण सिंह पंवार ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश सहित देश के अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन को आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड-चेन अधोसंरचना, मूल्य संवर्धन और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निर्यात बाजारों से जोड़ना है। इससे मत्स्य क्षेत्र में नवीन निवेश आकर्षित करने, आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने को गति मिलेगी।

बता दें कि मध्यप्रदेश में लगभग 4 लाख 50 हजार हेक्टेयर जल क्षेत्र उपलब्ध है, जो अंतर्देशीय मत्स्य पालन, केज कल्चर और मत्स्य आधारित उद्योगों के विकास की व्यापक संभावनाएं प्रदान करता है। राज्य सरकार का प्रयास इस जल संपदा का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को प्रोत्साहित करना तथा मत्स्य पालकों की आय एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है।

Continue reading on the app

ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल चलाने पर 1000 रुपये जुर्माना, चेतावनी के बाद भी नहीं मानें तो हो सकती है जेल

ट्रेन में मोबाइल पर तेज आवाज में गाने सुनना, वीडियो और रील चलाना या स्पीकर पर बात करना मुसीबत का सबब बन सकता है। दक्षिण रेलवे ने ऐसी गतिविधियों से दूसरे यात्रियों को होने वाली परेशानी रोकने के लिए मौजूदा नियमों के तहत सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।

रेलवे अधिनियम की धारा 145(2)(a) के तहत उपद्रव करने पर 1,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। चेतावनी के बाद भी ऐसा व्यवहार जारी रखने पर छह महीने तक की साधारण कैद या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

दक्षिण रेलवे ने जारी किया पत्र

रेलवे ने यात्रियों से सफर के दौरान मोबाइल पर गाने सुनने और वीडियो देखने के लिए ईयरफोन इस्तेमाल करने तथा फोन पर धीमी आवाज में बात करने की अपील की है। दक्षिण रेलवे के चेन्नई मुख्यालय से 6 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर मोबाइल स्पीकर से तेज आवाज में संगीत और वीडियो चलाने से होने वाली परेशानी का उल्लेख किया गया है। इसमें यात्रियों को जागरूक करने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और नोटिस के माध्यम से निर्देशों का प्रचार करने पर जोर दिया गया है।

पत्र में हैं ये बातें

दक्षिण रेलवे के पत्र में रेलवे बोर्ड के 23 जुलाई 2012 के निर्देशों का भी हवाला दिया गया है। इन निर्देशों में यात्रियों को ट्रेन के भीतर, विशेषकर एसी कोच में, मोबाइल पर ऊंची आवाज में बात करने, लंबी बातचीत करने और तेज या आपत्तिजनक रिंगटोन बजाने से बचने की सलाह दी गई थी। साथ ही, दूसरे यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए थे।

इस पत्र में कहा गया है कि मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सार्वजनिक स्थानों पर स्पीकर के जरिए वीडियो और अन्य सामग्री चलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे सहयात्रियों के आराम और सुविधा पर असर पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए दक्षिण रेलवे ने रेलवे अधिनियम की धारा 145(2)(a) के तहत कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया है।

जुर्माने से जेल तक की सजा का प्रावधान

  • रेलवे अधिनियम की धारा 145(2)(a): ट्रेन या रेलवे परिसर में उपद्रव करने, अशोभनीय व्यवहार करने या आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर कार्रवाई।
  • पहली बार उल्लंघन: यात्री को रेलवे से हटाया जा सकता है और उसका पास या टिकट जब्त करने के साथ 1,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • चेतावनी के बाद भी उपद्रव जारी रखने पर: छह महीने तक की साधारण कैद या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

यात्रियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान

रेलवे ने यात्रियों को मोबाइल का इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। गाने सुनने, वीडियो देखने या रील चलाने के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल करें। मोबाइल को साइलेंट या वाइब्रेशन मोड पर रखें और फोन पर तेज आवाज में बात करने से बचें। खासकर रात के समय सहयात्रियों की नींद और आराम का ध्यान रखें। अगर कोई यात्री तेज आवाज में मोबाइल चलाकर दूसरों को लगातार परेशान करता है तो रेलवे कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जा सकती है। यात्री शिकायत के लिए रेल मदद सेवा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

Continue reading on the app

  Sports

क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर लगा एक महीने का बैन, साथ में लगा फाइन; जानिए क्यों मिली उन्हें ये सजा?

क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने 30 दिन का सस्पेंशन और 255 यूरो का फाइन लगाया है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान पुर्तगाल टीम छोड़ दी थी। Tue, 20 Oct 2026 07:25:06 +0530

  Videos
See all

LIVE: SP-Congress की बढ़ी मुश्किलें! | UP Politics | CM Yogi | Owaisi | Akhilesh Yadav | AIMIM #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T02:44:36+00:00

Kalpana Soren took blessings from Baba Ramdev कल्पना सोरेन ने लिया बाबा रामदेव का आशीर्वाद #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-20T02:44:35+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers