न्यूजीलैंड दौरे से पहले बुमराह को रवि शास्त्री की सलाह, बोले – ‘टेस्ट सीरीज अहम, वनडे और टी20 में चुनिंदा मैच खेलें’
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड को लेकर अहम सलाह दी है। दरअसल उनका मानना है कि अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक बुमराह को तीनों फॉर्मेट में लगातार नहीं खेलना चाहिए। रवि शास्त्री चाहते हैं कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान दें और वनडे-टी20 में उनका इस्तेमाल चुनिंदा मैचों में ही किया जाए। बता दें कि न्यूजीलैंड दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बुमराह वापसी करेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से भी अहम है।
जानिए रवि शास्त्री ने बुमराह के वर्कलोड पर क्या कहा?
दरअसल रवि शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान कहा कि बुमराह को वनडे वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट में नियमित रूप से नहीं खेलना चाहिए। उनके मुताबिक बुमराह जैसे अहम तेज गेंदबाज को टेस्ट मैचों के लिए बचाकर रखना जरूरी है। वनडे और टी20 में उन्हें कभी-कभार ही मौका देना चाहिए न कि पूरी सीरीज या हर मैच में उतारना चाहिए। रवि शास्त्री की सलाह का मुख्य आधार बुमराह को चोट से बचाना और लंबे समय तक टीम के लिए उपलब्ध रखना है।
न्यूजीलैंड दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी की परीक्षा
वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को घरेलू परिस्थितियों में खेलने वाली मजबूत टीम की चुनौती मिलेगी। रवि शास्त्री ने कहा कि न्यूजीलैंड में उसे हराना आसान नहीं होता और इस दौरे पर युवा कप्तान शुभमन गिल के सामने भी बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों को कठिन बताते हुए कहा कि विदेशी दौरे पर कप्तानी करना युवा खिलाड़ी के लिए अच्छा अनुभव है। शुभमन गिल इससे पहले 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं। वह सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही थी। गिल ने उस दौरे पर बल्लेबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया और 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में गिल डॉन ब्रैडमैन के बाद दूसरे स्थान पर हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने श्रीलंका के खिलाफ अपने दूसरे विदेशी दौरे पर भारत को 1-0 से सीरीज जिताई थी।
भुवनेश्वर कुमार के चयन का शास्त्री ने किया समर्थन
वहीं रवि शास्त्री ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए भुवनेश्वर कुमार के चयन को भी सही बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 24 महीनों में भुवनेश्वर ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है उसे देखते हुए उनका चयन स्वाभाविक था। शास्त्री ने उनके चयन को ‘नो-ब्रेनर’ बताते हुए अनुभव की अहमियत पर जोर दिया। रवि शास्त्री के मुताबिक अनुभव का कोई विकल्प नहीं है और इसे खरीदा नहीं जा सकता। उन्होंने IPL में भुवनेश्वर के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उनका मौजूदा फॉर्म न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए उपयोगी हो सकता है। भुवनेश्वर का अनुभव और गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए अहम साबित हो सकती है खासकर ऐसे दौरे पर जहां परिस्थितियों के मुताबिक गेंदबाजी में बदलाव करना पड़ता है।
MP Weather Update: आज भोपाल-उज्जैन समेत 15 जिलों में बारिश के आसार, चलेगी तेज हवा, 22 अक्टूबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मानसून की विदाई के बाद निम्न दाब के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश में फिर बारिश की स्थिति बन गई है। रविवार को खंडवा, गुना, महू और सीहोर समेत कई जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। इससे पहले शनिवार को भी कई जिलों में मौसम बदला रहा। सोमवार, 19 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल, सागर, भोपाल और उज्जैन संभाग के 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
इसमें भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह जिले शामिल है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। दोपहर के बाद ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर कलां, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और निवाड़ी में बिजली चमकने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, विजयादशमी, 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश तेज हवा चलने के साथ बारिश हो सकती है। 21 और 22 अक्टूबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 23 अक्टूबर के बाद मौसम साफ होने लगेगा। अक्टूबर अंत से रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और ठंड का असर भी तेज होने लगेगा।
21-22 अक्टूबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, निम्न दाब के क्षेत्र के आज, सोमवार को और अधिक मजबूत होने की संभावना है। उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ अब औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर है। मध्य क्षोभमंडल में औसत समुद्र तल से 3.8 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ रेखा भी मौजूद है।
इसके अलावा दक्षिणी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर औसत समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैला ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्वी सागर तक औसत समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर फैली हुई है। इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से अरब सागर से नमी आ रही है, जिसके प्रभाव के कारण ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड और बघेलखंड के जिलों में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल 21-22 अक्टूबर तक मौसम का मिजाज यूहीं बना रहेगा।
इस साल कैसी हुई मानसून सीजन में बारिश
- इस बार मानसून 24 जून से 3 अक्टूबर 2026 यानि 100 दिन सक्रिय रहा। इस दौरान 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच (95.9%) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिलीमीटर ) होनी चाहिए थी।
- पूरे मानसूनी सीजन में प्रदेश में करीब 4% या 1.5 इंच बारिश कम हुई। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा। निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
- 55 में से 25 जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जिनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले शामिल हैं। अन्य जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा।
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