Explained Tiger Shroff Firing Case | ताबड़तोड़ चलाई गईं 7 गोलियां, तकनीकी खराबी से जाम हुई पिस्तौल, जानें कैसे बाल-बाल बचे अभिनेता टाइगर श्रॉफ
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए सनसनीखेज हमले को लेकर एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने 'इंडिया टीवी' को जानकारी दी है कि हमलावरों ने अभिनेता पर कुल सात राउंड गोलियां चलाई थीं, जिनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो गोलियां चूक गईं। गनीमत यह रही कि अंतिम वक्त पर हमलावर की पिस्तौल जाम हो गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इनमें से पांच गोलियां अभिनेता की कार पर लगीं, जबकि दो गोलियां चूक गईं, जिससे ड्राइवर घायल हो गया।
हमले के तुरंत बाद, तीनों हमलावर - जिनकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है - एक बाइक पर सवार होकर मौके से भाग गए। यह बाइक अंधेरी स्टेशन से बरामद की गई है, जिससे इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि उन्होंने मुंबई से बाहर जाने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल किया हो सकता है।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि वे गुजरात के सूरत की ओर गए हैं। फोरेंसिक जांच से पता चला है कि उन्होंने संभवतः देसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया था, जो हमले के दौरान जाम हो गई थी।
रेकी और जाम हुई पिस्तौल
हमला करने से पहले आरोपियों ने इलाके की रेकी (निगरानी) की थी। सूत्रों ने इंडिया टीवी को बताया कि श्रॉफ के अपनी BMW कार में पहुंचने से पहले, वे करीब 45 मिनट तक पुष्पा पार्क के पास इंतजार करते रहे। उन्होंने गाड़ी की अगली विंडशील्ड और साइड की खिड़की को निशाना बनाते हुए कुल सात राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो चूक गईं।
पांचवीं गोली चलाने के बाद, हमलावर ने पैसेंजर साइड की खिड़की से श्रॉफ पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन पिस्तौल जाम हो जाने के कारण वह नाकाम रहा। बाद में उन्होंने दो और राउंड गोलियां चलाने की कोशिश की, लेकिन पिस्तौल में खराबी के कारण वे भी नहीं चल पाईं। सूत्रों के मुताबिक, इसी वजह से श्रॉफ बहुत करीब से गोली लगने से बच गए।
हमले के बाद, वे बाइक से भागकर अंधेरी स्टेशन पहुंचे। वहां से वे अलग-अलग दिशाओं में चले गए।
CCTV फुटेज की जांच जारी, 15 टीमें गठित
मुंबई पुलिस ने अलग-अलग रास्तों के CCTV फुटेज जुटाए हैं और उनकी जांच कर रही है। हमलावरों का पता लगाने के लिए 15 टीमें भी बनाई गई हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से बात की है और उन्हें हमलावरों को पकड़ने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
फडणवीस ने श्रॉफ से भी बात की और उन्हें पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी संभावना है कि हमलावर भारत के बाहर से काम कर रहे हैं, और इस मामले में राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी। फडणवीस ने कहा "वे चाहे जो भी कहें, मुझे पूरा यकीन है कि लोगों को मुंबई पुलिस पर भरोसा है और बॉलीवुड को भी इस फोर्स पर विश्वास है। मैंने टाइगर श्रॉफ को भरोसा दिलाया है कि उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। हम जिम्मेदार लोगों को ढूंढ निकालेंगे और उनकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
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Sunny Deol मना रहे 69वां Birthday, Punjab के Ajay Singh Deol बने Bollywood स्टार
फिल्म इंडस्ट्री में 'गदर' मचाने वाले सनी देओल आज यानी की 19 अक्तूबर को अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता सनी देओल बड़े पर्दे पर अपनी बुलंद आवाज और फौलादी इरादों के लिए जाने जाते हैं। उनका एक्शन अवतार हर किसी को पसंद आता है। लेकिन शायद इस बात की जानकारी बेहद कम लोगों को होगी कि पर्दे पर गरजने वाले सनी देओल अपनी असल जिंदगी में बेहद शर्मीले स्वभाव के हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अभिनेता सनी देओल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
पंजाब के सहनेवाल में 19 अक्तूबर 1957 को सनी देओल का जन्म हुआ था। उनका असली नाम अजय सिंह देओल है। उनके पिता का नाम धर्मेंद्र था, जोकि अपने समय के सुपरस्टार थे। वहीं उनकी मां का नाम प्रकाश कौर था। फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री करने से पहले उन्होंने अपना नाम सनी देओल रख लिया था। सनी देओल ने शुरूआती पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई इंग्लैंड जाकर की। उन्होंने बर्मिंघम में ओल्ड वर्ल्ड थिएटर से एक्टिंग की पढ़ाई की।
फिल्मी सफर
अपने पिता धर्मेंद्र की तरह सनी देओल भी बड़ा एक्टर बनने के ख्वाब देखते थे। वहीं फिल्म 'बेताब' से सनी देओल ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। शुरूआती करियर में ही अभिनेता बतौर एक्शन हीरो अपनी छाप छोड़ने में कामयाब थे। वहीं 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री में सनी देओल की तूती बोलती थी। उस दौरान एक्शन हीरो के रूप में किसी और अभिनेता के लिए सनी देओल को टक्कर दे पाना नामुमकिन सा था।
अभिनेता ने 'बॉर्डर', 'इंडियन', 'घातक', 'गदर: एक प्रेम कथा', 'घायल', 'दामिनी', 'जीत', 'अर्जुन पंडित', 'अर्जुन', 'जाप: द ट्रैप', 'नरसिम्हा', 'फर्ज', 'बिगब्रदर', 'बंटवारा', 'इक्का', 'निगाहें', 'चालबाज', 'यमला पगला दीवाना', 'हिम्मत', 'वर्दी' और 'सूर्या: अंत से आरंभ तक' जैसी कई फिल्मों में काम कर दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है।
अभिनेता जिस रफ्तार से अपने फिल्मी करियर में बुलंदी पर बढ़ रहे थे। उसी रफ्तार से सनी के बाकी को-स्टार्स से पंगे भी हो रहे थे। उनके शाहरुख खान और अनिल कपूर से कुछ ऐसे मनमुटाव हुए कि उनके साथ काम करने से मना कर दिया। सनी देओल ने जितने एक्शन सीन फिल्मों में किए, उतने की पंगे उनकी पर्सनल लाइफ में भी रहे।
जिस दौरान सनी देओल अपने करियर के पीक पर थे, उस समय उनको यश चोपड़ा की फिल्म 'डर' ऑफर हुई। सनी इस फिल्म के हीरो थे और शाहरुख खान विलेन का रोल कर रहे थे। उस दौरान सनी देओल की पॉपुलैरिटी ज्यादा थी और शाहरुख को इंडस्ट्री में आए ज्यादा समय नहीं हुआ था। लेकिन फिल्म की शूटिंग बढ़ने के साथ सनी को यह डर सताने लगा कि हीरो से ज्यादा विलेन को स्क्रीन टाइम मिल रहा है।
वहीं फिल्म रिलीज होने के बाद शाहरुख को सनी से ज्यादा पॉपुलैरिटी मिली। इस वजह से सनी देओल ने दोबारा यश चोपड़ा के साथ काम न करने की कसम खा ली। हीरो को विलेन से ज्यादा तवज्जो मिलने पर सनी देओल इतना गुस्सा हुए कि उनकी और शाहरुख की लड़ाई हो गई और दोनों ने 16 सालों तक एक-दूसरे से बात नहीं की।
पर्सनल लाइफ
सनी देओल ने साल 1984 में इंग्लैंड जाकर लिंडा से शादी कर ली। लिंडा को शादी के बाद पूजा देओल के नाम से जाना जाता है। पूजा हाल्फ ब्रिटिश और हाल्फ इंडियन हैं। वह पेशे से लेखिका रही हैं।
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