Sensex 470 अंक और Nifty 147 अंक लुढ़के, बाद में SBI और Reliance ने संभाला
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में खरीदारी से ये बाद में थोड़ा संभल गए। बीएसई का 30 शेयर वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 470.50 अंक टूटकर 74,318 अंक पर और एनएसई का 50 शेयर वाला निफ्टी 147.10 अंक टूटकर 22,999.05 अंक पर रहा।
बाद में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने वापसी की। सेंसेक्स 46.49 अंक फिसलकर 74,682.78 पर जबकि निफ्टी 14.55 अंक की गिरावट के साथ 23,131.60 अंक पर कारोबार करने लगा। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एक्सिस बैंक का शेयर चार प्रतिशत से अधिक टूटा।
दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 39.4 प्रतिशत बढ़ने के बावजूद बैंक के शेयर में गिरावट आई। एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर और ट्रेंट के शेयर भी में गिरावट रहे। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अदाणी पोर्ट्स और एचसीएल टेक के शेयर में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में रहे, जबकि जापान का निक्की 225 गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। नैस्डैक कम्पोजिट 2.14 प्रतिशत टूटा, एसएंडपी 500 में 1.09 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.90 प्रतिशत घटकर 107.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि अब भी यह काफी ऊंचे स्तर पर है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों, तेल आपूर्ति में व्यवधान और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकियों से लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 1,165.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। सेंसेक्स शुक्रवार को 413.66 अंक और निफ्टी 148.80 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
RBI हस्तक्षेप से संभला Rupee, शुरुआती कारोबार में Dollar के मुकाबले 94.80 पर पहुंचा
रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में नौ पैसे मजबूत होकर 94.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विदेशी मुद्रा बाजार में संरचनात्मक हस्तक्षेपों से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपये में सात महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रुपये के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.90 प्रति डॉलर पर खुला। फिर मजबूत होकर 94.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले नौ पैसे की बढ़त है।
रुपया शुक्रवार को 10 पैसे मजबूत होकर 94.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 101.83 पर रहा। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 470.50 अंक टूटकर 74,318 अंक पर जबकि निफ्टी 147.10 अंक फिसलकर 22,999.05 अंक पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.88 प्रतिशत घटकर 107.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि अब भी यह काफी ऊंचे स्तर पर है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों, तेल आपूर्ति में व्यवधान और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकियों से लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 1,165.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
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