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फिजिकल हेल्थ- हीमोग्लोबिन क्या है:शरीर के हर कोने तक पहुंचाता ऑक्सीजन, डॉक्टर से जानें कमी के संकेत, लेवल बढ़ाने के लिए ये खाएं

जब हम सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों तक पहुंचती है। लेकिन उसे शरीर के कोने-कोने तक पहुंचाने का जिम्मा ब्लड और उसमें मौजूद हीमोग्लोबिन संभालता है। इसे आप शरीर का सबसे वफादार 'कूरियर बॉय' कह सकते हैं। हीमोग्लोबिन दो शब्दों से मिलकर बना है। 'हीमो' यानी आयरन और 'ग्लोबिन' यानी एक खास प्रकार का प्रोटीन। इन दोनों के मेल से बना हीमोग्लोबिन शरीर को जिंदा और सक्रिय रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह रेड ब्लड सेल्स (RBC) में मौजूद होता है। अगर शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल बहुत कम हो जाए तो हार्ट, ब्रेन और दूसरे ऑर्गन्स का काम प्रभावित होता है। गंभीर मामलों में आर्गन डैमेज या फेलियर भी हो सकता है। इसलिए आज 'फिजिकल हेल्थ' में हीमोग्लोबिन के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट– डॉ. रोहित शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन का क्या काम है? जवाब- हीमोग्लोबिन का मुख्य काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को लेकर उसे शरीर के सभी अंगों और कोशिकाओं तक पहुंचाना है। हीमोग्लोबिन का लेवल यह बताता है कि शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कितनी अच्छी है। हीमोग्लोबिन के सभी काम ग्राफिक में देखिए- सवाल- हीमोग्लोबिन की सामान्य रेंज क्या है? जवाब- शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल ग्राम प्रति डेसीलीटर (g/dL) में मापा जाता है। इसकी सामान्य रेंज पुरुष, महिला और बच्चों में अलग-अलग होती है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी क्यों होती है? जवाब- इसके कई कारण हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- आयरन की कमी से विटामिन्स की कमी से ब्लड लॉस की वजह से मेडिकल कंडीशंस की वजह से सवाल- हीमोग्लोबिन की कमी के क्या संकेत हैं? जवाब- शरीर में हीमोग्लोबिन (Hb) की कमी होने पर कुछ संकेत दिखाई देते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन बीमारियों या हेल्थ कंडीशंस में हीमोग्लोबिन कम हो सकता है? जवाब- शरीर में लंबे समय तक हीमोग्लोबिन का स्तर कम रहना कई बीमारियों या हेल्थ कंडीशंस का संकेत हो सकता है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- हीमोग्लोबिन का कम होना कितना खतरनाक हो सकता है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- हीमोग्लोबिन की जांच कैसे की जाती है? जवाब- शरीर में इसका लेवल मापने के लिए दो मुख्य तरीके हैं- CBC (कंप्लीट ब्लड काउंट) टेस्ट: इससे ब्लड में हीमोग्लोबिन और रेड ब्लड सेल्स की सटीक मात्रा का पता चलता है। हीमोग्लोबिन मीटर: आजकल क्लिनिक या कैंप में उंगली से एक बूंद ब्लड लेकर डिजिटल मशीन से तुरंत हीमोग्लोबिन चेक कर लिया जाता है। सवाल- हीमोग्लोबिन डेफिशिएंसी का इलाज क्या है? जवाब- इसका इलाज कारण के आधार पर किया जाता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी न हो इसके लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें? जवाब- शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल संतुलित रखने और इसकी कमी से बचने के लिए ये आसान उपाय अपनाएं- सवाल- हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए डाइट में कौन-सी चीजें शामिल करें? जवाब- इसके लिए डाइट में आयरन, विटामिन B-12 और फोलिक एसिड से भरपूर चीजें शामिल करें, जैसेकि- आयरन: हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी), अनार, चुकंदर, खजूर, किशमिश आदि। विटामिन C: आंवला, नींबू, संतरा, अमरूद और टमाटर जैसी चीजें आयरन के अवशोषण में मदद करती हैं। फोलेट: पालक, मेथी, ब्रोकली, दालें, चना और बीन्स आदि। विटामिन B12: अंडा, दूध-दही, मछली, चिकन और मीट आदि। प्रोटीन: दालें, दूध, अंडा, पनीर, मछली और मीट आदि। हीमोग्लोबिन से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन कितनी जल्दी बढ़ सकता है? जवाब- अगर सही डाइट और डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट्स लिए जाएं तो लगभग 1-2 महीने में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य हो सकता है। सवाल- क्या पीरियड्स के दौरान महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम होना सामान्य है? जवाब- हां, हैवी ब्लीडिंग के कारण महिलाओं में पीरियड्स के दौरान हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है। सवाल- क्या सिर्फ चुकंदर और अनार खाने से हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है? जवाब- यह एक आम धारणा है। हालांकि चुकंदर और अनार फायदेमंद हैं। लेकिन शरीर को पर्याप्त आयरन देने के साथ-साथ विटामिन B-12, फोलिक एसिड और प्रोटीन से भरपूर अन्य चीजें खाना भी उतना ही जरूरी है। ***************** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………………….. ये खबर भी पढ़ें फिजिकल हेल्थ- पेट दर्द को सिर्फ गैस न समझें:ये ‘पैंक्रियाटाइटिस’ हो सकता है, डॉक्टर से जानें इसका कारण, लक्षण, बचाव व सावधानियां पेट दर्द, मतली और उल्टी को लोग अक्सर गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार इसके पीछे ‘पैंक्रियाटाइटिस’ जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। यह पैंक्रियाज (अग्न्याशय) में होने वाली सूजन है। पैंक्रियाज भोजन को पचाने और ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाता है। पूरी खबर पढ़ें…

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जरूरत की खबर- सिर और बालों से आ रही बदबू:डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें इसके कारण, बरतें 10 सावधानियां, हेल्दी सिर और बालों के 12 टिप्स

बालों की खूबसूरती और सेहत का ध्यान तो लोग रखते हैं। लेकिन स्कैल्प यानी सिर की त्वचा की केयर को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि कई बार बाल धोने के कुछ समय बाद ही सिर से अजीब-सी स्मेल आने लगती है। इससे दूसरों के सामने असहज महसूस हो सकता है। पसीना, स्कैल्प पर जमा ऑयल, गंदगी, बैक्टीरिया और फंगस का असंतुलन इसकी मुख्य वजहें हैं। 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ट्राइकोलॉजी' के मुताबिक, दुनिया भर में 50% से ज्यादा वयस्क डैंड्रफ से प्रभावित हैं। कुछ मामलों में डैंड्रफ के कारण भी स्कैल्प से खराब स्मेल आ सकती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि स्कैल्प की सही केयर और कुछ जरूरी सावधानियों से इस समस्या को कम किया जा सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे कि स्कैल्प से खराब स्मेल क्यों आती है। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट– डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- स्कैल्प से खराब स्मेल आने के पीछे क्या संभावित कारण हो सकते हैं? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सभी संभावित कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- इस खराब स्मेल को दूर करने के लिए क्या करें? जवाब- इसके लिए स्कैल्प की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। साथ ही अगर स्मेल की वजह डैंड्रफ या फंगल-बैक्टीरियल इन्फेक्शन है तो इलाज कराना जरूरी है। स्कैल्प की स्मेल दूर करने के जरूरी टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर ऊपर दी सावधानियों के बावजूद स्मेल दूर न हो क्या कोई घरेलू उपाय भी कर सकते हैं? जवाब- कुछ घरेलू उपाय स्कैल्प की स्मेल कम करने में मदद कर सकते हैं, जैसेकि- आइए अब इन घरेलू उपायों के बारे में थोड़ा विस्तार से बात करते हैं- टी ट्री ऑयल इसमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो स्कैल्प की डीप क्लीनिंग करके डैंड्रफ और स्मेल की समस्या से राहत देने में मदद करते हैं। इस्तेमाल का तरीका एप्पल साइडर विनेगर (ACV) यह स्कैल्प के pH लेवल को संतुलित करता है। साथ ही स्मेल व फंगस फैलाने वाले बैक्टीरिया का सफाया करता है। इस्तेमाल का तरीका एलोवेरा जेल एलोवेरा में कूलिंग और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प को फ्रेश रखते हैं और इन्फेक्शन व स्मेल को रोकते हैं। इस्तेमाल का तरीका पुदीना का तेल इसमें स्ट्रॉन्ग एंटी-माइक्रोबियल और कूलिंग गुण होते हैं, जो स्कैल्प के बैक्टीरिया और फंगस को कम करते हैं। इसकी भीनी और फ्रेश खुशबू खराब स्मेल को तुरंत दूर कर स्कैल्प को लंबे समय तक तरोताजा रखती है। इस्तेमाल का तरीका नींबू का रस इसमें नेचुरल एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्कैल्प के एक्स्ट्रा ऑयल और बैड स्मेल पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं। इस्तेमाल का तरीका ध्यान रखें- किसी भी घरेलू उपाय को स्कैल्प पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जलन, खुजली या रेडनेस होने पर तुरंत धो दें। स्कैल्प पर घाव या संक्रमण होने पर इन्हें बिल्कुल न लगाएं। सवाल- क्या स्कैल्प की खराब स्मेल के पीछे कोई बीमारी या हेल्थ कंडीशन भी हो सकती है? जवाब- हां, स्कैल्प की खराब स्मेल के पीछे कुछ बीमारियां या हेल्थ कंडीशन भी हो सकती हैं, जैसेकि- सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस: इसमें स्कैल्प पर 'मैलासेजिया' प्रजाति के फंगस ज्यादा पनपने लगते हैं। साथ ही सीबम का प्रोडक्शन ज्यादा होता है। इससे खुजली होती है, पपड़ी निकलती है और स्मेल भी आने लगती है। स्कैल्प सोरायसिस: यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें स्कैल्प पर लाल चकत्ते और मोटी, पपड़ीदार परतें जम सकती हैं। पपड़ी ज्यादा जमा होने पर खराब स्मेल आ सकती है। स्कैल्प फॉलिकुलिटिस: इसमें बालों की जड़ों के आसपास सूजन हो जाती है। छोटे लाल दाने, खुजली और पस वाले दाने हो सकते हैं। संक्रमण होने पर बैड स्मेल भी आ सकती है। फंगल इन्फेक्शन: सिर में होने वाले दाद जैसे फंगल इन्फेक्शन के कारण खुजली, पपड़ीदार चकत्ते और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में इसके साथ खराब स्मेल भी आती है। हाइपरहाइड्रोसिस: इस स्थिति में जरूरत से ज्यादा पसीना आता है। स्कैल्प पर जमा पसीना, तेल और बैक्टीरिया मिलकर स्मेल पैदा कर सकते हैं। सवाल- इन हेल्थ कंडीशंस का इलाज क्या है? जवाब- सही इलाज के लिए पहले स्कैल्प की समस्या का कारण पता करना जरूरी है। डॉक्टर इसके आधार पर एंटी-डैंड्रफ शैंपू, एंटीफंगल या एंटीबैक्टीरियल दवाएं और सूजन कम करने वाले ट्रीटमेंट दे सकते हैं। हाइपरहाइड्रोसिस में पसीना कम करने के उपाय किए जाते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम या दवाओं का इस्तेमाल न करें। सवाल- स्कैल्प से खराब स्मेल आए तो क्या तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए? जवाब- खराब स्मेल आने पर तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना जरूरी नहीं है। लेकिन इन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह जरूर लें- सवाल- बालों की सही देखभाल कैसे करनी चाहिए? जवाब- बालों और स्कैल्प को हेल्दी रखने के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- स्कैल्प की स्मेल दूर होने में कितना समय लगता है? जवाब- यह स्मेल की वजह पर निर्भर करता है। अगर इसका कारण पसीना, तेल या गंदगी है तो रेगुलर सफाई से कुछ दिनों में राहत मिल सकती है। वहीं डैंड्रफ या इन्फेक्शन के कारण स्मेल आने पर सही इलाज में महीनों लग सकते हैं। ******************* ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- एनर्जी ड्रिंक यानी बीमारियों को दावत: शुगर से फैटी लिवर, किडनी डैमेज का रिस्क, पिएं ये 10 होममेड हेल्दी ड्रिंक्स साल 2019 में ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ’ में पब्लिश एक सिस्टमैटिक रिव्यू के मुताबिक, एनर्जी ड्रिंक में मौजूद हाई शुगर से फैटी लिवर का रिस्क बढ़ता है। पूरी खबर पढ़िए…

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Asian Para Games: 10 मीटर एयर राइफल में मोना ने जीता गोल्ड, अवनि को सिल्वर से करना पड़ा संतोष

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की मोना अग्रवाल ने कमाल कर दिया. मोना ने 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) प्रतियोगिता में दमदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल पर निशाना लगाया. फाइनल में मोना ने अपने हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर मेडल जीता. इस भारत ने 10 मीटर एयर राइफल में भारत को सोने का तमगा दिलाया. Mon, 19 Oct 2026 13:42:14 +0530

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