बांग्लादेश: डेंगू का कहर जारी, 24 घंटे में 14 मामले आए सामने
ढाका, 17 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में डेंगू मरीजों की तादाद में एक ही रात में जबरदस्त इजाफा देखा गया है। मंगलवार को स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य कर्मियों के हवाले से बताया कि पिछले 24 घंटों में डेंगू के 14 नए मामले सामने आए हैं।
ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के एक प्रवक्ता ने कहा, आज सुबह 8 बजे तक, 24 घंटों में डेंगू के 14 नए मामले सामने आए हैं।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के एक बयान में कहा गया, 14 नए मामलों में से, नौ बारिसल डिवीजन में, चार खुलना डिवीजन में और एक राजशाही में रिपोर्ट हुआ। ये सभी अस्पताल में भर्ती हैं।
इस साल बांग्लादेश में डेंगू से अब तक चार लोगों की मौत हो गई है, और 1,361 लोग संक्रमित हुए हैं।
पिछले साल डेंगू ने देश में 413 लोगों की जान ले ली थी और 1,02,861 लोग इससे प्रभावित हुए थे। वहीं, 2024 में डेंगू ने 575 लोगों की जान ले ली थी और 1,01,214 लोगों को संक्रमित किया था।
बांग्लादेश के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मंत्रालय इसके प्रसार को रोकने की गरज से दिशानिर्देश जारी करता है। इनमें उन जरूरी उपायों का जिक्र होता है जिससे लोगों की मदद हो। इसमें सुझाव दिया जाता रहा है कि बुखार होने या डेंगू के लक्षण दिखने पर प्रशिक्षित चिकित्सक से संपर्क करें और उनकी सलाह पर दवाई लें।
डेंगू एक वायरल इन्फेक्शन है जो डेंगू वायरस (डीईएनवी) से होता है। ये एडीज मच्छरों के काटने से इंसानों में फैलता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, डेंगू दुनिया भर में उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले क्षेत्रों में फैलता है, ज्यादातर शहरी और कस्बाई इलाकों में इसके मच्छर पनपते हैं। डेंगू की रोकथाम और कंट्रोल वेक्टर कंट्रोल पर निर्भर करता है। डेंगू का कोई खास इलाज नहीं है, हालांकि, जल्दी पता चलने और सही मेडिकल केयर मिलने से मृत्यु दर पर लगाम लगाई जा सकती है।
--आईएएनएस
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हाथियों के हमले को रोकने के लिए हेमंत सोरेन सख्त, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
झारखंड में हाथियों के हमलों से मौतें हो रही हैं, जिस पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गंभीर है. उन्होंने शनिवार को वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमे मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जंगली हाथियों के हमले को किसी भी तरह से रोकने और जान माल की सुरक्षा का निर्देश दिया है.
वन विभाग के अधिकारियों से सीएम सोरेन ने कहा कि वन विभाग को ये सुनिश्चित करना होगा कि हाथियों के हमले से एक भी इंसान की मौत न हो. बता दें, पिछले कुछ माह में बोकारो, जमशेदपुर, गुमला, रामगढ़, चाईबासा, लोहरदगा और दुमका जैसे जिलों में हाथियों के हमले से 27 लोगों की मौत हो गई. इन मौतों को सीएम ने गंभीर बताया. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 12 दिनों में मुआवजा देने का निर्देश दिया है.
हाथी भगाने के लिए ग्रामीणों को सुविधा दे वन विभाग- सीएम
वन विभाग के अधिकारियों से सीएम ने कहा है कि ग्रामीणों को स्पेशल तकनीक प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए. ग्रामीण क्षेत्र से हाथियों को रोकने के तमाम उपाय किए जाएं. Cm ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मशाल जलाने के लिए ग्रामीणों को डीजल, केरोसिन, पुराने टायर, टोर्च और सोलर सायरन आदि समान उपलब्ध करवाए जाएं. इससे हाथियों को भगाने में सहूलियत मिलेगी.
एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग
पांच वर्षों में हुए मौत की संख्या और मुआवजा से संबंधित डेटा राज्य सरकार को उपलब्ध करवाने का निर्देश सीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को दिया. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के अंदर सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग की जाए.
बैठक में ये लोग मौजूद
मीटिंग में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पीसीसीएफ संजीव कुमार, सीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) एसआर नाटेश, पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) रवि रंजन और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
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