एआई के क्षेत्र में बिहार के बच्चे दुनिया में बनाएंगे अलग पहचान : राजीव रंजन सिंह
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार के मंत्रियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते महत्व और इसके प्रशासनिक उपयोग पर बात की।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने कहा, आज दुनिया भर से लोग ज्ञान लेने के लिए यहां आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर खास ध्यान दिया है। आने वाले समय में भारत एआई का हब बनेगा। बिहार एक ऐसा राज्य है, जहां पूरा क्षेत्र खुला है, और एआई बिहार के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चे पूरी दुनिया में अपने मेरिट के बल पर स्थापित हैं और एआई के क्षेत्र में भी बिहार के बच्चे दुनिया में अलग पहचान बनाएंगे।
संजय झा ने कहा कि एआई का सबसे बड़ा फायदा खेती और हेल्थ में होगा, क्योंकि एआई को इन सभी एरिया में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एआई का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उनके अनुसार एआई का सबसे बड़ा लाभ कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में देखने को मिलेगा, जहां तकनीक के माध्यम से सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी साइन किए जा रहे हैं। डेटा और एआई से जुड़े इन प्रयासों के माध्यम से बिहार देश के अग्रणी राज्यों की बराबरी करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण पारदर्शी, स्वच्छ और ईमानदार प्रशासन पर केंद्रित है और इसमें एआई की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि आज दुनिया भर के विशेषज्ञ इस मंच पर एकत्र हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि भारत तकनीकी विकास की वैश्विक दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भले ही कुछ क्षेत्रों में भारत अभी और आगे बढ़ रहा है, लेकिन अब देश किसी से पीछे नहीं है और तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, एआई समिट पूरे देश में यह संदेश देता है कि भारत अब किसी से पीछे नहीं है। हम सेमीकंडक्टर और पंचायती राज जैसे क्षेत्रों में बिहार में एआई लाएंगे।
बिहार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा, यह सभी बिहारियों के लिए गर्व की बात है। बिहार में सबसे ज्यादा युवा आबादी है, इसलिए एआई से उन्हें बहुत फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत आईआईटी में रिसर्च पार्क स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इन प्रयासों से लगभग 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जबकि 50,000 से अधिक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
उपभोक्ताओं का सहारा बनी एनसीएच, दिलाया 52 करोड़ रुपए का रिफंड
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने बीते नौ महीनों में उपभोक्ताओं की 79 हजार से अधिक शिकायतों का निवारण करके 52 करोड़ रुपए से अधिक की धनवापसी (रिफंड) सुनिश्चित की है। यह जानकारी मंगलवार को उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से दी गई।
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बयान में कहा कि एनसीएच ने पिछले नौ महीनों (25 अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक) की अवधि के दौरान धनवापसी दावों से संबंधित 79,521 उपभोक्ता शिकायतों का समाधान करके 31 क्षेत्रों में 52 करोड़ रुपए की धनवापसी की सुविधा प्रदान की है। यह धनवापसी मुकदमेबाजी से पहले के चरण में ही सुनिश्चित की गई, जिससे उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोगों से संपर्क किए बिना समय पर राहत प्राप्त करने में मदद मिली।
मंत्रालय ने बताया कि विभाग की यह प्रमुख पहल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत प्रभावी, सुलभ और समयबद्ध शिकायत निवारण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन एक अभिसरण मॉडल के माध्यम से संचालित होता है जहां शिकायतों को कंपनियों को डिजिटल रूप से निर्धारित समयसीमा के अंदर समाधान के लिए भेजा जाता है, साथ ही निरंतर निगरानी और उपभोक्ता प्रतिक्रिया ट्रैकिंग भी की जाती है।
मंत्रालय ने बताया कि धनवापसी के सबसे अधिक मामले ई-कॉमर्स क्षेत्र से थे, जिनकी संख्या 47,743 थी, जिसके परिणामस्वरूप 36 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वापस की गई। इसके बाद यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र का स्थान रहा, जहां हेल्पलाइन के माध्यम से 4 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वापस की गई।
देश भर के महानगरों के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों से भी ई-कॉमर्स क्षेत्र में धनवापसी संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं जो अखिल भारतीय उपभोक्ता शिकायत मंच के रूप में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की व्यापक पहुंच और सुलभता को रेखांकित करती हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, 25 अप्रैल से 31 जनवरी 2026 की अवधि के दौरान 52 करोड़ रुपए की राशि की वापसी की सुविधा हेल्पलाइन की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती है और मुकदमेबाजी से पहले के चरण में उपभोक्ता संरक्षण के लिए एक विश्वसनीय साधन के रूप में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को मजबूत करती है।
देश भर के उपभोक्ताओं के लिए 17 भाषाओं में शिकायतें दर्ज करने के लिए एक एकल-बिंदु पहुंच प्लेटफार्म के रूप में कार्य करती है। इसमें टोल-फ्री नंबर 1915, इंग्राम पोर्टल, व्हाट्सएप / एसएमएस: 8800001915, एनसीएच मोबाइल ऐप, ईमेल, वेब प्लेटफॉर्म और उमंग ऐप शामिल हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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