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Ramadan 2026: भारत में कब से शुरू होगें रमजान? जानें इस्लाम धर्म में क्यों खास से ये महीना

Ramadan 2026: इस्लाम धर्म में रमजान का महीना बेहद पाक और खास होता है. पूरे महीने इस्लाम धर्म अनुयायी रोजा रखते हैं और कुरान की तिलावत करते हैं. चांदी दिखने के बाद ही रमजान का महीना शुरू होता है. ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है कि भारत में इस साल रमजान का महीना कब से शुरू होगा और रमजान का चांद कब दिखाई देगा. क्योंकि दुनियाभर के सभी देशों में एक साथ रमजान का महीना शुरू नहीं होता बल्कि ये चांद के दिखाई देने पर निर्भर है.

ऐसे में लोगों के मन में कंफ्यूजन है कि इस बार इस  साल रमजान 18 फरवरी को शुरू होगा या 19 फरवरी को. बता दें कि रमजान के महीने में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए फर्ज माना गया है. रमजान के पवित्र महीने में इबादत, सब्र और नेकी करने पर विशेष जोर दिया जाता है. चलिए जानते हैं रमजान 2026 भारत में कब से शुरू होगा और किस दिन पहला रोजा रखा जाएगा. 

भारत में कब शुरू होगा रमजान का पवित्र महीना?

इस्लाम धर्म का पवित्र महीना रमजान इस बार 18 या 19 फरवरी को शुरू होगा. लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. चांद नजर आने के बाद इसका एलान किया जाएगा. अगर आज यानी मंगलवार (17 फरवरी) को चांद दिखाई दिया तो अगले दिन यानी बुधवार 18 फरवरी से रमजान का महीना शुरू हो जाएगा और उसी दिन से मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखना शुरू कर देंगे. अगर आज चांद नहीं दिखा तो रमजान का महीना गुरुवार यानी 19 फरवरी से शुरू होगा. हालांकि इस्मालिक अथॉरिटीज की घोषणा के बाद रमजान का महीना 18-19 फरवरी में से ही किसी एक दिन शुरू होगा. चांद के दिखाई देने की वजह से भारत और इस्लामिक देशों में रमजान के महीने में एक दिन का अंतर होता है.

चंद्रमा के चक्र पर आधारित होता है हिजरी कैलेंडर

बता दें कि इस्लाम धर्म के लोग हिजली कैलेंडर को फोलो करते हैं. रमजान का महीना हिजली कैलेंडर का नौवां महीना होता है. जिसे इबादत, सब्र और आत्मसंयम का महीना माना जाता है. हिजरी कैलेंडर चंद्रमा के चक्र पर आधारित होता है. चंद्र वर्ष, सौर वर्ष से लगभग 10 से 11 दिन छोटा होता है. यही वजह है कि रमजान हर साल अंग्रेजी कैलेंडर के मुकाबले 10 से 12 दिन पहले शुरू हो जाते हैं और ये हर तीन साल में एक महीने पहले शुरू हो जाते हैं. रमजान का महीने 29 या 30 दिनों का होता है. महीने के दिन भी चांद दिखने पर निर्भर करते हैं. अगर 29वें दिन चांद दिखाई देता है तो महीना 29 दिन का होगा, अगर चांद नहीं दिखा तो रमजान का महीना 30 दिन का होगा. महीने के आखिरी दिन चांद दिखाई देने पर अगले दिन ईद उद फितर मनाई जाती है.

सुबह सहरी और शाम को इफ्तार, ऐसे रखा जाता है रोजा

रमजान के महीने में रोजा रखने के लिए तड़के सुबह सहरी करना अनिवार्य होता है. उसके बाद फज्र की नमाज अदा की जाती है. रोजा रखने के दौरान खाने-पीने की चीजों  से परहेज किया जाता है. यानी पूरे दिन रोजेदार भूखे और प्यासे रहते हैं. शाम को सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है. रोजा खोलने के लिए आमतौर पर खजूर और पानी का इस्तेमाल किया जाता है.

भारत में रमजान के पहले दिन रोजा रखने का समय सुबह करीब 5:37 बजे से शाम 6:15 बजे तक हो सकता है. लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ते हैं, रोजे की अवधि भी बढ़ती जाती है और यह करीब 13 घंटे 25-26 मिनट तक हो सकती है. इसके साथ ही देश के अलग-अलग शहरों में रोजे का समय भी अलग-अलग होता है. बीमार, गर्भवती, बुजुर्ग, सफर पर रहने वाले या किसी मजबूरी में रोजा न रख पाने वाले लोगों को बाद में रोजे पूरे करने की छूट भी होती है.

जानें क्या है रमजान का इतिहास?

इस्लामी परंपरा के मुताबिक, 610 ईस्वी में रमजान के महीने में ही पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब पर कुरान की पहली आयत नाजिल हुई थी. माना जाता है कि उस समय मुहम्मद साबह मक्का के पास हिरा नाम की एक गुफा में ध्यान कर रहे थे. उस दौरान कुरान की आयतें नाजिल हुईं. इसके बाद मुसलमानों पर रोजा फर्ज किया गया. जो इस्लाम के पांच स्तंभों में शामिल है. रमजान में रोजा रखना सिर्फ भूखा-प्यास सहन करने का ही नाम नहीं है, बल्कि ये महीना आत्मशुद्धि और खुद को बेहतर बनाने और अल्लाह की इबादत में गुजराने का समय है.

इस्लाम में क्यों खास है रमजान का महीना?

रमजान के महीने को तकवा यानी अल्लाह की याद और डर को मजबूत करने का महीना माना जाता है. इस दौरान इस्लाम धर्म के अनुयायी पांच वक्त की नमाज अदा करते हैं रात में तरावीह पढ़ते और दिनभर कुरान की तिलावत करते हैं. ये महीना दूसरों के दुख-दर्द समझने का संदेश देता है. जब इंसान खुद भूख और प्यास महसूस करता है, उससे उसे गरीबों और जरूरतमंदों का दर्द समझ में आता है. इसी के चलते रमजान के महीने में जकात और दान देने का खास महत्व है. रमजान के बाद ईद-उल-फितर मनाई जाती है. जो रोजों के पूरा होने की खुशी का प्रतीक है.

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AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी को आकाश अंबानी ने दिखाया जियो का AI इकोसिस्टम, एक-एक चीज के बारे में समझाया

AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली दुनिया के सबसे बड़ा एआई समिट (AI Impact Summit 2026) हो रहा है, जिसमें देश-विदेश की कंपनियां शामिल हुईं हैं. एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट का उद्घाटन किया. दिल्ली के भारत मंडपम में समिट आयोजित हो रहा है. इस बीच, समिट के पहले दिन यानी सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र को रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (RJIL) के चेयरमैन आकाश अंबानी ने जियो का बड़ा AI इकोसिस्टम दिखाया. 

प्रधानमंत्री मोदी को वॉक थ्रू के दौरान, Jio Culture AI, Jio AI Stack, Jio Shiksha, Jio AI Home और Jio Arogya AI जैसी AI क्षमताओं को दिखाया गया. आकाश ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान Jio AI पवेलियन में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हेल्थकेयर, एजुकेशन, कल्चर और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस में कंपनी के AI-लेड ट्रांसफॉर्मेशन को भी दिखाया.

पांच दिनों तक होगा आयोजन

एआई का महाकुंभ पांच दिनों यानी 20 फरवरी तक चलेगा. कार्यक्रम में दुनिया भर के देशों के राष्ट्राध्यक्ष और दिग्गज एआई कंपनियों के सीईओ शामिल होंगे. समिट में 300 से अधिक एग्जीबिशन लगे हैं, जिसके बारे में एआई कंपनियों के सीईओ ने जानकारी दी. समिट का उद्देश्य एआई इकोसिस्टम पर चर्चा करना है, जिसमें उनके फायदों और खतरों के बारे में बताया जाएगा. 

20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष

समिट में लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे, जिसमें ग्रीस के प्रधानमंत्री क्यिरियाकोस मित्सोताकिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑर्पो, नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक स्कोफ, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक, कजाखस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच और यूएई के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आदि शामिल हैं.  

समिट के मुख्य स्पीकर 

  1. इमैनुएल मैक्रों, राष्ट्रपति, फ्रांस
  2. सुंदर पिचाई, CEO, गूगल
  3. मुकेश अंबानी, चेयरमैन एवं MD, रिलायंस इंडस्ट्रीज
  4. सैम ऑल्टमैन, CEO, ओपनएआई
  5. शांतनु नारायण, CEO, एडोबी
  6. क्रिस्टियानो एमोन, CEO, क्वालकॉम
  7. डारियो अमोडेई, CEO, एंथ्रॉपिक
  8. डेमिस हासाबिस, CEO, गूगल डीपमाइंड
  9. आर्थर मेंश, CEO, मिस्ट्रल AI
  10. अलेक्जेंडर वांग, चीफ AI ऑफिसर, मेटा
  11. प्रत्युष कुमार और विवेक राघवन, सह-संस्थापक, सर्वम AI
  12. विशाल सिक्का, संस्थापक एवं CEO, वियानाई

 

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T20 World Cup 2026: शाहीन अफरीदी को पाकिस्तान की टीम से किया गया बाहर, दुनिया का नंबर 3 खिलाड़ी भी OUT

पाकिस्तान की टीम ने बड़ा फैसला लेते हुए शाहीन अफरीदी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया. शाहीन ने टी20 वर्ल्ड कप में बेहद खराब प्रदर्शन किया है. उनके ससुर और पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी ने भी उन्हें बाहर करने की वकालत की थी. Wed, 18 Feb 2026 15:15:27 +0530

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