रहमान की कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को जगह, निताई रॉय चौधरी और दीपेन दीवान ने ली शपथ
ढाका, 17 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल करने वाले तारिक रहमान की कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को जगह दी गई है। 25 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें निताई रॉय चौधरी का नाम भी शामिल है। हालांकि पहले चर्चा थी कि चौधरी के समधी और अहम महकमों के मंत्री रह चुके गोयेश्वर चंद्र रॉय को जगह मिलेगी। वहीं दूसरे अल्पसंख्यक नेता का नाम दीपेन दीवान है।
रहमान की कैबिनेट में शामिल 25 नाम हैं: मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खोशरू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद, मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन, डॉ. खलीलुर रहमान, अब्दुल अव्वल मिंटू, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद, मिजानुर रहमान मीनू, निताई रॉय चौधरी (हिंदू नेता), खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, मोहम्मद अमीन उर रशीद, अफरोजा खानम रीटा, शाहिद उद्दीन चौधरी एनी, असदुल हबीब दुलु, मोहम्मद असदुज्जमां, जकारिया ताहिर, दीपेन दीवान (अल्पसंख्यक), एएनएम एहसानुल हक मिलन, सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन, फकीर महबूब अनम, और शेख रबीउल आलम।
तृतीयोमात्रा डॉट कॉम के मुताबिक, 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी एक बांग्लादेशी वकील, राजनीतिज्ञ, और पूर्व मंत्री हैं। निताई रॉय चौधरी, जो मगुरा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं, पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों में से एक हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के प्रत्याशी को सीधी टक्कर में मात दी।
12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव में उन्होंने मगुरा-2 संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की। निताई रॉय चौधरी को 147896 वोट मिले हैं। उन्होंने जमात उम्मीदवार मुस्तर्शीद बिल्लाह को 30,838 वोटों के अंतर से हराया है।
हालांकि चर्चा गोयेश्वर रॉय को लेकर थी, जो बांग्लादेश की राजनीति में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। खालिदा जिया सरकार में लगभग 30 साल पहले (1991-1996) वो राज्य मंत्री थे।
दूसरे अल्पसंख्यक नेता दीपेन दीवान, बौद्ध मेजोरिटी वाले चकमा एथनिक माइनॉरिटी ग्रुप से हैं। इन्होंने दक्षिण-पूर्व रंगमती जिले की एक सीट से जीत हासिल की। हालांकि उनकी धार्मिक पहचान साफ नहीं है और कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं। दीवान ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर एक निर्दलीय चकमा उम्मीदवार को हराया।
नव निर्वाचित सांसदों ने मंगलवार को ढाका में नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। इसके साथ ही बीएनपी अध्यक्ष रहमान ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को तगड़ा झटका दिया और बीएनपी सांसदों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के मेंबर के तौर पर शपथ नहीं ली।
12वीं संसद के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का पद खाली होने की वजह से चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह पार्लियामेंट सचिवालय सेक्रेटरी कनीज मौला ने करवाया।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत1.एआई का बड़ा ऐलान, बेंगलुरु में बनाएगी देश का पहला 'ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी'
बेंगलुरु, 17 फरवरी (आईएएनएस)। बेंगलुरु स्थित एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी भारत1.एआई ने मंगलवार को घोषणा की कि वह शहर में देश का पहला ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी स्थापित करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य मॉडल ट्रेनिंग, फाइन-ट्यूनिंग और इंफेरेंस के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म तैयार करना है। कंपनी का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक यहां 10,000 से अधिक एआई शोधकर्ता और नवाचारकर्ता काम करें।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यह पहल शहर स्तर पर रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है, जिसका मकसद वास्तविक परिस्थितियों में एडवांस एजेंटिक और फिजिकल एआई सिस्टम विकसित करना है।
इस योजना के तहत सरजापुर में 5 लाख वर्गफुट में फैला बी1 एआई सुपरपार्क बनाया जाएगा। यह एक आधुनिक एआई रिसर्च और इनोवेशन कैंपस होगा, जिसमें देश के प्रमुख संस्थान शुरुआती रिसर्च पार्टनर के रूप में जुड़ेंगे, जिनमें आईआईटी कानपुर की एयरावत रिसर्च फाउंडेशन, आईआईएससी का सेफ्टी, प्राइवेसी एंड एआई रिसर्च सेंटर (एसपीएआरसी), वधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स (आईआईटी कानपुर), बिट्स पिलानी, आईस्पिरिट फाउंडेशन और आईआईटी रोपड़ शामिल हैं।
परियोजना के पहले चरण में नियंत्रित और वास्तविक परिस्थितियों में बुनियादी एआई फ्रेमवर्क को विकसित और परखा जाएगा। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले मल्टीमॉडल डेटा की मदद से शहर स्तर के ओपन वर्ल्ड मॉडल तैयार किए जाएंगे। बड़े पैमाने पर तैनाती से पहले एजेंटिक और फिजिकल एआई सिस्टम के लिए मजबूत वैलिडेशन सिस्टम भी तैयार किया जाएगा।
इस कैंपस में 400 जीबीपीएस तक की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी होगी, जो प्रमुख एआई क्लाउड प्लेटफॉर्म से सब-मिलीसेकंड लेटेंसी के साथ जुड़ी होगी। इससे बड़े स्तर पर रिसर्च और परीक्षण के दौरान डेटा से जुड़ी रुकावटें नहीं आएंगी।
कंपनी के अनुसार, अगले 36 महीनों में यह परियोजना सुपरपार्क से आगे बढ़कर एक बड़े एआई सिटी टेस्टबेड में बदलेगी, जिससे भारतीय और वैश्विक संगठन शहरी स्तर पर एआई सिस्टम का परीक्षण और तैनाती कर सकेंगे।
भारत1.एआई के सह-संस्थापक और सीईओ उमाकांत सोनी ने कहा कि जटिल, वास्तविक दुनिया के परिवेश में परीक्षण किए बिना एआई सिस्टम को बड़े स्तर पर लागू करना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत1.एआई मानवता के लिए हमारा एक बड़ा उद्यम है, जिसका मकसद सुरक्षित, भरोसेमंद और मानव मूल्यों के अनुरूप एआई सिस्टम तैयार करना है।
इसी बीच, ग्लोबल साउथ के सबसे बड़े एआई सम्मेलनों में से एक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर गया। पांच दिवसीय यह सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि, 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और उपमंत्री तथा 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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