Kolkata में Durga Puja की भीड़ संभालने को 9 IPS अधिकारी तैनात, 11 सूत्री एडवाइजरी जारी
पश्चिम बंगाल सरकार ने रविवार को कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए नौ ऐसे आईपीएस अधिकारियों को तैनात करने का फैसला किया, जिन्हें दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन का अनुभव है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह कदम तब उठाया गया है जब एक दिन पहले दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण 19 लोगों की मौत हो गई।
इस हादसे के बाद भीड़ प्रबंधन, पुलिस की तैनाती और पूजा आयोजकों की कथित लापरवाही को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच कोलकाता पुलिस ने प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए अपने कर्मियों के वास्ते 11 सूत्री परामर्शिका जारी की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के नौ अधिकारियों - महानिरीक्षक (सीमा) सुमनजीत राय, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के महानिरीक्षक (आईजी) महमूद अख्तर, यातायात के आईजी मिराज खालिद, विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रूपेश कुमार, यातायात के डीआईजी शुभंकर भट्टाचार्य, अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के डीआईजी तरुण हलदर, प्रवर्तन शाखा (ईबी) के वरिष्ठ अधीक्षक (एसएस) सौम्य राय, यातायात के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रियब्रत राय और सीआईडी के एसएस दीपक सरकार को त्योहार के दौरान भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इन अधिकारियों को कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ को संभालने का अनुभव है।
भीड़ का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने और चोरबागान जैसी घटना दोबारा होने से रोकने में मदद के लिए उन्हें वापस बुलाया गया है।’’ कोलकाता पुलिस की 11 सूत्री परामर्शिका के बारे में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बारिश होने पर पंडालों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाने चाहिए और अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पंडालों के अंदर किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिसकर्मियों को आयोजन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।
अधिकारी ने विस्तार से बताया, ‘‘परामर्शिका में कहा गया है कि बारिश के दौरान भी पुलिसकर्मी अपनी निर्धारित ड्यूटी वाली जगह नहीं छोड़ेंगे। पंडालों में श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के प्रवेश को परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रित किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वीआईपी को ले जाने वाले वाहनों को पंडालों तक आने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें निर्धारित दूरी पर ही खड़ा करना होगा।’’ पुलिसकर्मियों को पूजा आयोजकों की ओर से की जाने वाली घोषणाओं पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि आगंतुकों के आने-जाने के रास्तों में अचानक बदलाव न किया जाए।
प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल को हर पूजा समिति के पांच से छह स्वयंसेवकों की टीम के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा। परामर्शिका में कोलकाता पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने और आपात स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त रस्सियां, अवरोधक रेलिंग और छोटे लाउडस्पीकर तैयार रखने का निर्देश दिया है।
Russia Sanctions पर 60 दिनों की मोहलत, वैश्विक प्रभाव का अध्ययन करेगा US
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 18 अक्टूबर अमेरिका ने रविवार को कहा कि रूस पर प्रतिबंध लगाने एवं भारत सहित अन्य देशों पर शुल्क लगाने से दी गई छूट 60 दिन के लिए है और यह इसलिए दी गई है ताकि इन कदमों के वैश्विक प्रभाव का आकलन किया जा सके। ट्रंप मंत्रिमंडल के सहयोगियों विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि लिंडसे ओ. ग्राहम का रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिनियम राष्ट्रपति को स्थिति का आकलन करने के लिए आवश्यक लचीलापन प्रदान करता है। बेसेंट ने एनबीसी के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में कहा, ‘‘शुक्रवार को कोई भी प्रतिबंध नहीं हटाया गया।” वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश का जिक्र कर रहे थे, जिसके तहत ग्राहम अधिनियम के अंतर्गत लगाए गए प्रतिबंधों से छूट दी गई थी।
इस अधिनियम को पिछले महीने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के भारी समर्थन के साथ पारित किया गया था। बेसेंट ने खुलासा किया कि अमेरिका ने अपने यूरोपीय सहयोगियों से रूस से तेल खरीदने के कारण चीन और भारत पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था, लेकिन यूरोपीय देशों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “तो फिर इसका बोझ अमेरिका ही क्यों उठाए?
राष्ट्रपति ट्रंप, शायद हमें अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ संपर्क करना चाहिए। अमेरिका अकेले ही यह कदम क्यों उठाए?’’ रुबियो ने उज्बेकिस्तान और भारत की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना होते समय शनिवार शाम वाशिंगटन के पास ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम या ग्राहम अधिनियम के तहत ट्रंप द्वारा दी गई छूट के बारे में पूछे जाने पर रुबियो ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राष्ट्रपति यह आकलन करने के लिए 60 दिन का समय चाहते हैं कि प्रतिबंध और शुल्क लगाने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।’’ ट्रंप ने शुक्रवार को ग्राहम अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों से छूट दे दी थी।
इस कानून के तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दंडात्मक शुल्क लगाने का प्रावधान है। छूट देने के ट्रंप के कदम से भारत को राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा शुक्रवार को हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश के अनुसार, यह छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक ट्रंप या विदेश मंत्री, जरूरत के अनुसार वित्त मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श करके यह तय नहीं कर लेते कि आगे कोई कार्रवाई करना उचित होगा।
ट्रंप ने मियामी के पास मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से कहा कि ग्राहम अधिनियम के तहत प्रतिबंधों से छूट देने का उनका फैसला अमेरिका के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने कहा, ‘‘आपमें से कई लोगों को अभी नहीं पता कि मेरा फैसला क्या है, लेकिन हम इसे समझ लेंगे और आपको भी पता चल जाएगा।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा फैसला है और यह देश के लिए फायदेमंद होगा। मुझे लगता है कि यह दुनिया के लिए भी अच्छा होगा क्योंकि हम वैश्विक स्तर पर वास्तव में अहम भूमिका निभा रहे हैं।’’ रुबियो ने कहा कि जब ग्राहम अधिनियम पारित किया गया था, तब छूट का प्रावधान इसलिए रखा गया था ताकि दुनिया भर में हो रही विभिन्न घटनाओं के प्रभाव का अध्ययन किया जा सके।
इन घटनाओं में ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव, सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमले और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि इन सभी बातों को ध्यान में रखकर इनके प्रभाव का तुलनात्मक आकलन करना जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत जैसे देश ऊर्जा के स्रोतों में विविधता लेकर आए हैं, लेकिन वे अब भी रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त कर रहे हैं क्योंकि ऊर्जा के स्रोत एक दिन में बदलना आसान नहीं है।’’ रुबियो ने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को इन सभी पहलुओं का अध्ययन करने और यह तय करने के लिए समय चाहिए कि कौन-सा कदम या किन उपायों का मेल सबसे उचित होगा।
रूस पर प्रतिबंधों से छूट देने के ट्रंप के फैसले की रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने आलोचना की है। दोनों दलों ने पिछले महीने मिलकर लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम को भारी बहुमत से पारित किया था। दक्षिण कैरोलाइना से रिपब्लिकन पार्टी की सीनेटर डार्लिन ग्राहम ने भी रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के ट्रंप के फैसले की आलोचना की।
इस कानून को उनके दिवंगत भाई लिंडसे ग्राहम ने आगे बढ़ाया था और उन्हीं के नाम पर इसका नाम रखा गया था।
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