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किसी भी देश पर चीन से रिश्ता तोड़ने का दबाव नहीं बनाएगा अमेरिका: मार्को रुबियो

वॉशिंगटन, 17 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका अपने साझेदार देशों से वैचारिक निष्ठा की कोई शर्त नहीं रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका दुनिया के हर देश से यह अपेक्षा करता है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे। साथ ही, अमेरिका किसी भी देश से यह नहीं कह रहा है कि वह चीन सहित किसी अन्य देश से खुद को अलग-थलग कर ले।

मार्को रुबियो ने ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति को निर्देशात्मक के बजाय व्यावहारिक बताया, जबकि अमेरिका बीजिंग के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में भी बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए रुबियो ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप के तहत हमारी अपेक्षा है कि दुनिया का हर देश अपने राष्ट्रीय हित में काम करेगा।”

बुडापेस्ट में हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हम दुनिया के किसी भी देश से यह नहीं कह रहे हैं कि वह खुद को किसी से अलग-थलग कर ले।”

मार्को रुबियो ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए अमेरिका और चीन के रिश्तों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, यह पागलपन होगा बल्कि पूरी तरह से अव्यवहारिक होगा, अगर अमेरिका और चीन के बीच संबंध और संवाद न हों।” उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अप्रैल में चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं।

मार्को रुबियो का ये बयान उस समय आया, आईं जब बुडापेस्ट के दौरे पर थे, जहां अमेरिका और हंगरी ने हंगरी के असैन्य परमाणु कार्यक्रम में सहयोग को सुगम बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। रुबियो ने अपने इस दौरे पर चीन के साथ आर्थिक या राजनीतिक संबंध बनाए रखने वाले सहयोगियों और साझेदारों के प्रति अमेरिका के बदलते नजरिए का संकेत दिया।

नाटो और यूरोपीय यूनियन के सदस्य हंगरी ने हाल के सालों में चीनी निवेश को बढ़ाया है और रूसी ऊर्जा खरीदने के लिए छूट बनाए रखी। ऐसे में रूपियो से पूछा गया कि आखिर अमेरिका बुडापेस्ट के बीजिंग के साथ अपने जुड़ाव को कम करने पर गहरे सहयोग की शर्त क्यों नहीं लगा रहा है? इस पर अमेरिकी नेता ने कहा, हम समझते हैं कि दुनिया के हर देश को अपनी भौगोलिक, अपनी आर्थिक, अपने इतिहास और अपने भविष्य की चुनौतियों की सच्चाई से निपटना पड़ता है।

अमेरिकी विदेश सचिव ने कहा, यह दुनिया के लिए अच्छा नहीं है। यह किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। किसी भी चीज के लिए 90 फीसदी किसी एक देश या एक अर्थव्यवस्था पर निर्भर रहना, खासकर जरूरी सप्लाई चेन जैसी चीजों के लिए, ज्यादा निर्भरता जियोपॉलिटिकल अच्छाई के बजाय एक कमजोरी है।

रुबियो ने बार-बार राष्ट्रपति ट्रंप और ओर्बन के बीच बहुत करीबी व्यक्तिगत संबंध की ओर इशारा किया, जो एनर्जी से जुड़े छूट समेत दोनों देशों के फैसलों के पीछे एक बड़ी वजह थी। यह हमारे दोनों देशों के बीच के संबंध के लिए बहुत फायदेमंद रहा है।”

ओर्बन ने अमेरिकी विदेश सचिव का गर्मजोशी से स्वागत किया और मौजूदा समय को अमेरिका-हंगरी के संबंध में गोल्डन समय बताया। ओर्बन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया।

चीन के अलावा, दोनों नेताओं ने यूक्रेन में युद्ध पर भी बात की। रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन का मकसद सीधा था। अमेरिका का हित युद्ध को खत्म होते देखना है और हम इसे खत्म करने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, करना चाहते हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका दोनों पक्षों को बातचीत की टेबल पर लाने के लिए खास स्थिति में है और हाल ही में सैन्य अधिकारियों के बीच तकनीकी-स्तर की बातचीत फिर से शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, “हम किसी पर कोई समझौता थोपना नहीं चाहते हैं। हम बस उनकी मदद करना चाहते हैं।”

आज जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौरे की बैठक होने वाली है। ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत को रुबियो ने चुनौतीपूर्ण बताया, लेकिन कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा शांतिपूर्ण नतीजों को प्राथमिकता देते हैं।

--आईएएनएस

केके/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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चिंता में South Africa! Super 8 से पहले Dewald Brevis को फॉर्म में लाने का आखिरी मौका, UAE से भिड़ंत

 दक्षिण अफ्रीका टी20 विश्व कप के ग्रुप डी के अपने अंतिम और महत्तवहीन जैसे मुकाबले में बुधवार को यहां जब संघर्ष कर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खिलाफ उतरेगा तो उसकी निगाहें युवा विस्फोटक बल्लेबाज डेवॉल्ड ब्रेविस की फॉर्म पर टिकी होंगी। दक्षिण अफ्रीका तीन जीत के साथ पहले ही सुपर आठ में जगह बना चुका है।इसमें अफगानिस्तान के खिलाफ दो सुपर ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में जीत और न्यूजीलैंड पर सात विकेट की प्रभावशाली विजय शामिल है। यूएई के लिए यह मुकाबला मार्को यानसन, कागिसो रबाडा और लुंगी एनगिडी जैसे तेज गेंदबाजों के खिलाफ खुद को परखने का मौका होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें ऐसी आक्रमण पंक्ति का सामना कम ही करने को मिलता है, क्योंकि प्रोटियाज के अधिकांश खिलाड़ी एसए20 में खेलते हैं। एसए 20 का आयोजन यूएई की घरेलू टी20 लीग आईएलटी20 से टकराती है।

 ब्रेविस पर सबकी नजर

दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मैच अभ्यास जैसा होगा और टीम फिरोजशाह कोटला मैदान की सपाट पिच का पूरा फायदा उठाने के लिए पहले बल्लेबाजी करना चाहेगी। शीर्ष क्रम में क्विंटन डिकॉक, एडेन मार्करम और रयान रिकेल्टन तीन मैचों में कम से कम एक-एक अर्धशतक जड़ चुके हैं, लेकिन ब्रेविस (छह, 23 और 21) अभी तक अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। महान एबी डिविलियर्स से बल्लेबाजी शैली की समानता के कारण ‘बेबी एबी’ के नाम से मशहूर ब्रेविस के शानदार शॉट्स के बीच गैर-जिम्मेदाराना स्ट्रोक खेलने की प्रवृत्ति उनके अगले स्तर पर पहुंचने में बाधा बनी है। यही कारण है कि 22 वर्षीय ब्रेविस को अभी शुभमन गिल, हैरी ब्रूक और यशस्वी जायसवाल जैसे समकालीन युवा सितारों की श्रेणी में नहीं रखा जाता।

 यूएई के पास ज्यादा तेज रफ्तार वाले गेंदबाज नहीं हैं और कोटला की बल्लेबाजों के अनुकूल पिच ब्रेविस को अहमदाबाद में भारत के खिलाफ होने वाले सुपर आठ मुकाबले से पहले लय हासिल करने का अवसर दे सकती है। दक्षिण अफ्रीका अपनी बल्लेबाजी क्रम में शायद ही बदलाव करे लेकिन कप्तान मारक्रम मुख्य तेज गेंदबाज रबाडा और एनगिडी को आराम देकर एनरिक नॉर्किया और युवा क्वेना मफाका को मौका दे सकते हैं। यूएई के लिए रन बनाने की जिम्मेदारी जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व छात्र सोहैब खान पर होगी, जिन्होंने टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक जड़कर टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ की भूमिका निभाई है। कप्तान मोहम्मद वसीम और अलीशन शरफू से भी लालचंद राजपूत की कोचिंग वाली टीम को अहम योगदान की उम्मीद होगी।

 टीम इस प्रकार है

दक्षिण अफ्रीका: एडेन मारक्रम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवॉल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यानसन, केशव महाराज, जॉर्ज लिंडे, कागिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, कॉर्बिन बॉश, क्वेना मफाका, एनरिक नोर्कयाजे, डोनोवन फरेरा, डेविड मिलर।

यूएई: मुहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशन शराफू, सोहैब खान, सैयद हैदर (विकेटकीपर), आर्यांश शर्मा (विकेटकीपर), मयंक कुमार, हर्षित कौशिक, ध्रुव पराशर, मोहम्मद फारूक, हैदर अली, जुनैद सिद्दीकी, मोहम्मद जवादुल्लाह, मोहम्मद अरफान, मोहम्मद रोहिद, सिमरनजीत सिंह। 

Tue, 17 Feb 2026 14:15:12 +0530

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