Lay's का नया अवतार! 100 साल के इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव; मार्च से नए 'लोगो' और पैकिंग में दिखेगा आपका पसंदीदा चिप्स
पेप्सिको का आलू चिप्स ब्रांड लेज़ अब भारत में अपनी नई ब्रांड पहचान यानी नई ‘पैकिंग’ में नजर आएगा। कंपनी बयान के अनुसार, नए ‘लोगो’ (पहचान चिह्न) वाले लेज़ के नए पैकेट मार्च के पहले सप्ताह से पूरे भारत में उपलब्ध होंगे। यह कंपनी के करीब 100 साल के इतिहास में सबसे बड़े वैश्विक ब्रांड नवीनीकरण अभियान का हिस्सा है।
इसे भी पढ़ें: India AI Summit 2026: Bharat Mandapam में किस Gate से मिलेगी Entry? ये है पूरा ट्रैफिक और पार्किंग गाइड
पेप्सिको इंडिया में खाद्य उत्पादों की मुख्य विपणन अधिकारी साक्षी वर्मा मेनन ने कहा, ‘‘खेत से पैकेट तक की हमारी यात्रा को अधिक स्पष्ट तरीके से दर्शाते हुए तथा पुनर्चक्रण योग्य ‘पैकेजिंग’ ढांचे को आगे बढ़ाकर, हम लेज़ के विकास में टिकाऊपन तथा गुणवत्ता को केंद्र में रख रहे हैं।
गुणवत्ता और टिकाऊपन केंद्र में
पेप्सिको इंडिया में खाद्य उत्पादों की मुख्य विपणन अधिकारी (CMO) साक्षी वर्मा मेनन ने इस बदलाव के पीछे का विजन साझा करते हुए कहा: "हम अपनी 'खेत से पैकेट' तक की यात्रा को अधिक स्पष्ट तरीके से पेश कर रहे हैं। इस नए बदलाव के माध्यम से हम लेज़ के विकास में गुणवत्ता और टिकाऊपन (Sustainability) को सबसे ऊपर रख रहे हैं।"
इसे भी पढ़ें: Ajit Pawar Plane Crash का गहराता रहस्य, संजय राउत का दावा- जल गया Black Box, हादसा या साजिश?
बाजार में उपलब्धता
कंपनी के बयान के अनुसार, लेज़ के ये नए डिज़ाइन वाले पैकेट मार्च 2026 के पहले सप्ताह से पूरे भारत में उपलब्ध होंगे। यह बदलाव न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर के बाजारों में एक साथ किया जा रहा है, ताकि ब्रांड की वैश्विक पहचान को एकरूपता दी जा सके।
अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे राउंड की वार्ता आज, ट्रंप ने कोशिशें नाकाम होने पर नतीजों की दी चेतावनी
वॉशिंगटन, 17 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच आज जिनेवा में दूसरे राउंड की बैठक होने वाली है। आज का दिन दोनों देशों के लिए बेहद खास है। बैठक से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह उन बातचीत में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे।
वैसे तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई है कि कोई बड़ी कामयाबी मिलेगी, लेकिन बातचीत विफल होने के बाद नतीजों की चेतावनी भी दे दी है। ट्रंप ने फ्लोरिडा से लौटते समय एयर फोर्स वन में विदेश में रिपोर्टरों से कहा, “आमतौर पर, ईरान बहुत सख्त बातचीत करने वाला है। मुझे उम्मीद है कि वे और ज्यादा समझदारी से काम लेंगे। वे एक समझौता करना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि वे डील न करने के नतीजे भुगतना चाहते हैं।”
ट्रंप ने हाल की सैन्य कार्रवाई की ओर भी इशारा करते हुए कहा, “उनके पास एक महीने के अंदर न्यूक्लियर हथियार होते। अगर ऐसा होता तो यह पूरी तरह से एक अलग समझौता होता।”
घरेलू मुद्दों को लेकर ट्रंप ने कहा, “आपने कम महंगाई देखी, बहुत कम महंगाई, कीमतें बहुत कम हैं। कई जगहों पर गैसोलीन 2 डॉलर प्रति गैलन से भी कम है, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी, लेकिन मैंने की, क्योंकि हम ड्रिल, बेबी ड्रिल के शुरुआती एक्सप्रेशन के हिसाब से चल रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “जैसे गैसोलीन, तेल और गैस की बात है, वैसे ही बाकी प्रोडक्ट्स भी जो. बाइडेन की वजह से महंगे थे। हमें विरासत में गड़बड़ी मिली थी और हमने अपने देश को बहुत ताकत के साथ वापस खड़ा किया है।”
इसके साथ ही ट्रंप ने क्राइम में रिकॉर्ड सुधार का दावा किया और कहा, “हमारे यहां 1900 के बाद से सबसे अच्छे मर्डर नंबर हैं, जो मेरे पिता के जन्म से पहले के हैं। हमने हजारों लोगों को बाहर निकाला है। कई क्रिमिनल्स जिन्हें लाया गया था, जिन्हें आने दिया गया था, उन्हें हटा दिया गया है।”
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के लिए फंडिंग को लेकर ट्रंप ने कहा कि वह इस हफ्ते डीएचएस फंडिंग पर डेमोक्रेट्स के साथ बैठेंगे। आंशिक शटडाउन के लिए उन्होंने डेमोक्रेट्स को दोषी ठहराया और कहा कि इसका रिपब्लिकन से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक डेमोक्रेट शटडाउन है।
वोटिंग कानूनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी की राय को लेकर उन्होंने कहा, “वे वोटर आईडी नहीं चाहते क्योंकि वे चुनावों में धोखा करना चाहते हैं। वे नागरिकता का सबूत नहीं देना चाहते। वे वोटर आईडी नहीं देना चाहते।”
जेफरी एपस्टीन मामले के बारे में सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। मुझे बरी कर दिया गया है। जेफरी एपस्टीन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।”
इसके अलावा क्यूबा को लेकर ट्रंप ने कहा, “क्यूबा अभी एक फेल देश है। मार्को रुबियो अभी क्यूबा से बात कर रहे हैं और उन्हें जरूर एक डील करनी चाहिए, क्योंकि यह इंसानियत का सवाल है। यह सच में एक मानवीय खतरा है।”
अगर बातचीत फेल हो जाती है तो क्या एक्शन हो सकता है, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं इसका जवाब नहीं देना चाहता। मैं इसका जवाब क्यों दूंगा? अगर मैं देता, तो यह बहुत मुश्किल ऑपरेशन नहीं होता।”
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हाल ही में हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने ताइवान का भी जिक्र किया। ताइवान को और हथियार भेजने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हमारी अच्छी बातचीत हुई और हम जल्द ही कोई फैसला करेंगे।”
इसके अलावा, ट्रंप ने फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा, “वह बहुत असरदार काम करती हैं। मुझे लगता है कि अंत में आप देखेंगे कि वह सचमुच महान प्रथम महिलाओं में से एक के रूप में जानी जाएंगी।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation




















