ind tour of aus: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की बढ़ी ताकत, 4 महीने बाद धाकड़ खिलाड़ी की वापसी
ind tour of aus: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय महिला टीम को बड़ी राहत मिली है। युवा बल्लेबाज़ प्रतिका रावल को तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए टीम में शामिल कर लिया गया। वह अब 16वीं सदस्य के रूप में स्क्वॉड से जुड़ेंगी। यह वनडे सीरीज़ जारी टी20 सीरीज़ और एकमात्र टेस्ट मैच के बीच खेली जाएगी। फिलहाल भारत टी20 सीरीज़ में 1-0 से आगे है।
प्रतिका पिछली बार 26 अक्टूबर को मैदान पर दिखी थीं, जब नवी मुंबई में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे विश्व कप मुकाबले के दौरान फील्डिंग करते समय उनके घुटने और टखने में चोट लग गई थी। इसके बाद वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहीं। हालांकि उन्हें पहले टेस्ट टीम में शामिल किया गया था, लेकिन अब वह वनडे में ही अंतरराष्ट्रीय वापसी कर सकती हैं।
बीसीसीआई ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि प्रतिका ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना रिहैब पूरा कर लिया है और वह टखने की चोट से पूरी तरह उबर चुकी हैं।
प्रतिका ने दिसंबर 2024 में वनडे से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था और शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। अब तक 23 पारियों में उन्होंने 1110 रन बनाए हैं। उनका औसत 50.45 और स्ट्राइक रेट 82.83 रहा है। टॉप ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने दो शतक और सात अर्धशतक लगाए हैं।
वनडे विश्व कप में भी वह बेहतरीन लय में थीं। चोटिल होने से पहले उन्होंने 37, 31, 37, 6 और 122 रन की पारियां खेली थीं। उनकी निरंतरता का ही नतीजा था कि 9 फरवरी को घोषित बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में उन्हें ग्रेड-सी में जगह मिली। टीम में उनकी वापसी से बल्लेबाज़ी और मजबूत होगी। खासकर तब, जब ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर चुनौती हमेशा कठिन रहती है।
हरमनप्रीत कौर कप्तान होंगी जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान की भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा शेफाली वर्मा भी टीम में हैं, जिन्होंने विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 78 गेंदों पर 87 रन और दो विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता था। गेंदबाज़ी विभाग में रेणुका ठाकुर, स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा जैसे नाम शामिल हैं। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋचा घोष और उमा छेत्री संभालेंगी।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की नजर सीरीज़ जीतने के साथ-साथ बहु-प्रारूप (मल्टी-फॉर्मेट) अंक तालिका में बढ़त बनाने पर भी होगी। प्रतिका रावल की वापसी टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली खबर है और अब सबकी निगाहें उनके प्रदर्शन पर रहेंगी।
India women squad for ODIs in Australia: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, एन श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेट कीपर), उमा छेत्री (विकेट कीपर), काश्वी गौतम, अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल, प्रतीक रावल
Energy Sector की 'जटिलता' सुलझाएगा AI, सौर और पवन ऊर्जा के सटीक पूर्वानुमान से भारत को मिलेगी नई मजबूती
भारत की बिजली प्रणालियों में बढ़ती जटिलताओं और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की बढ़ती हिस्सेदारी को संभालने के लिए कृत्रिम मेधा (AI) एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के विशेषज्ञों ने स्वच्छ ऊर्जा बदलाव (Clean Energy Transition) में AI की अपरिहार्य भूमिका पर जोर दिया।
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अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के एक विशेषज्ञ ने यह बात कही। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में आईईए के ऊर्जा विशेषज्ञ सिद्धार्थ सिंह ने कहा, ‘‘ हम ऊर्जा क्षेत्र में खासकर बिजली प्रणालियों में, जटिलता के तेजी से बढ़ते रुझान देख रहे हैं। यह क्यों बढ़ रही है? पहला कारण यह है कि सामान्य तौर पर बिजलीकरण लगातार बढ़ रहा है।’’
‘स्वच्छ ऊर्जा बदलाव को गति देने में, ऊर्जा के लिए एआई’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में उन्होंने कहा कि अब ऊर्जा का अंतिम उपयोग अन्य ईंधनों की तुलना में अधिक बिजली पर निर्भर हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रणाली में अब परिवर्तनीय नवीकरणीय बिजली की मात्रा कहीं अधिक हो गई है, जो पहले कभी नहीं थी। पहले बिजली के अधिकतर स्रोत स्थिर होते थे लेकिन अब सौर एवं पवन ऊर्जा के कारण स्थिति बदल चुकी है।
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इस दशक के अंत तक परिवर्तनीय नवीकरणीय बिजली की हिस्सेदारी काफी बड़ी होने की उम्मीद है जो प्रणाली में एक बड़ा बदलाव है। इस अस्थिरता को संभालने के लिए बैटरी की जरूरत होती है, ताकि उतार-चढ़ाव को संतुलित किया जा सके और इसके साथ ही नए तरह के बाजार भी उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब हमारे पास दीर्घकालिक लक्ष्य हैं, जो पहले नहीं थे। अब ऐसी प्रणालियों की जरूरत है जो अधिक स्वचालित हों और यहीं कृत्रिम मेधा की भूमिका सामने आती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ भारत के संदर्भ में परिवर्तनीय बिजली उत्पादन का बेहतर पूर्वानुमान बेहद अहम है। सौर और पवन ऊर्जा के लिए हर मिनट निगरानी या किसी खास स्थान पर बादलों की स्थिति को समझना जरूरी है... इसी तरह के समाधान भारत के लिए सबसे अधिक उपयोगी साबित होंगे।
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