Swami Ramdev Health Tips: एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस को कैसे करें रिवर्स? जानें स्वामी रामदेव से बीमारी का इलाज
Swami Ramdev Health Tips: एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) एक क्रॉनिक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो मुख्य रूप से शरीर की रीढ़ की हड्डी और कूल्हों के जोड़ों को प्रभावित करती है. इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है. इसके कारण जोड़ों में दर्द और बहुत लंबे समय तक सूजन होना हो सकता है. पतंजलि के संस्थापक और योगाचार्य स्वामी रामदेव ने इसे रिवर्स करने का क्या इलाज बताया है? जानिए.
यहां देखें लाइव वीडियो
स्वामी रामदेव ने बीमारी के बारे में क्या कहा?
अपने फेसबुक लाइव में स्वामी रामदेव ने दावा किया है कि यह बीमारी शरीर को जकड़ देती है, रीढ़ की हड्डी कठोर बना देती है और शारीरिक मूवमेंट को कम कर देती है. लाइव वीडियो में उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण दिया जो व्हीलचेयर पर आया था, लेकिन उनके अनुसार उपचार, योग और औषधियों से वह एक साल में चलने-दौड़ने लगा.
दरअसल, स्वामी रामदेव ने मुख्य रूप से एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस और अन्य ऑटोइम्यून रोगों के बारे में अपने विचार और उपचार पद्धति के बारे में बताया है. आइए जानते हैं उनका इलाज का तरीका.
कैसे होगा एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज?
स्वामी रामदेव ने अपने लाइव स्ट्रीम में बताया है कि इस बीमारी का इलाज पतंजलि में किया जा रहा है और बीमारी को रिवर्स भी किया जाता है. उनकी इलाज पद्धति में मालिश शामिल है, जिसमें तेल और पोटली मसाज मरीज को दी जाती है. साथ ही आयुर्वेदिक औषधियां जैसे अश्वगंधा, शतावरी, अश्वशिला और स्प्रीलुना आदि दी जाती है. इसके साथ मरीज को खाली पेट पिड़ानील गोल्ड, ऑर्थोग्रिड, इम्युनोग्रिड और न्यूरोग्रिड जैसी दवा दी जाती है. प्रतिदिन गोधन अर्क का सेवन करना अनिवार्य होता है.
स्वामी रामदेव ने बीमारी से पीड़ित लोगों को प्रतिदिन 2-2 घंटे योग और नियमित व्यायाम करने के लिए कहा है. इन लोगों को अपनी डाइट में बाजरे की रोटी और हरी सब्जियों को शामिल करना है.
क्यों होती है यह बीमारी?
लाइव वीडियो में स्वामी रामदेव ने बताया कि ऐसी बीमारियों के प्रमुख कारण होते हैं त्रिदोष सिद्धांत. इसमें उन्होंने कहा कि अधिकतर बीमारियां जैसे बीपी, शुगर, थायरॉइड, अस्थमा, कैंसर आदि वात-पित्त-कफ के असंतुलन से होती हैं यानी त्रिदोष. वे कहते हैं कि आयुर्वेद और योग से त्रिदोष संतुलित कर रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है.
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भारत की आर्थिक वृद्धि में निवेश और विस्तार के बड़े अवसर मौजूद : वित्त मंत्री
नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। यूरोपीय देश नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर गई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वहां के लीडर्स से कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि में निवेश और विस्तार के बड़े अवसर मौजूद हैं।
नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोलटेनबर्ग के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, विशेष रूप से सौर ऊर्जा, रेयर अर्थ प्रोसेसिंग, कार्बन कैप्चर और स्टोरेज में साथ मिलकर काम करने पर चर्चा की।
वित्त मंत्रालय के एक पोस्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) का लाभ उठाते हुए विशेष रूप से ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन इकोनॉमी के साथ-साथ सॉवेरन वेल्थ और पेंशन फंड के माध्यम से निवेश के क्षेत्रों में काम करने पर सहमति व्यक्त की।
स्टोल्टेनबर्ग ने विदेश मंत्री सीतारमण को बताया कि नॉर्वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस साल के अंत में होने वाली यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा है और उम्मीद जताई कि इससे भारत-नॉर्वे सहयोग और बढ़ेगा।
सीतारमण ने ओस्लो स्थित संसद (स्टोर्टिंग) में वित्त समिति की प्रमुख तुवा मोफ्लैग, ईएफटीए समिति की उप प्रमुख ट्राइन लिसे सुंडनेस और नॉर्वे की संसद में भारतीय-नॉर्वेजियन मैत्री समूह के प्रमुख हिमांशु गुलाटी से भी बातचीत की।
मंत्रालय ने कहा, समिति के सदस्यों को यह जानकर खुशी हुई कि प्रधानमंत्री मोदी इस वर्ष के अंत में नॉर्वे की यात्रा करेंगे और उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे द्विपक्षीय सहयोग में और वृद्धि होगी।
वित्त मंत्री ने समिति के सदस्यों को गिफ्ट-आईएफएससी का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया और बताया कि यह एक विश्व स्तरीय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वित्तीय केंद्र है जो वित्तीय संस्थानों के लिए बुनियादी ढांचा और सेवाएं प्रदान करता है, साथ ही आईएफएससी के अंतर्गत काम करने वाली संस्थाओं के लिए विभिन्न कर लाभ और उदारीकृत नियामक व्यवस्था भी प्रदान करता है।
उनका नॉर्वे के सीईओ और निवेशकों के साथ गोलमेज चर्चा करने और एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से मिलने का भी कार्यक्रम था।
इससे पहले, वित्त मंत्री सीतारमण ने जर्मनी दौरे के दौरान शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों से मुलाकात की और यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते के मद्देनजर द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर चर्चा की।
--आईएएनएस
एबीएस/
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