Jharkhand News: गरीब छात्रों के लिए खुशखबरी! पलामू के 3 अनुमंडलों में खुलेंगे लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर
Jharkhand News: झारखंड के पलामू जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है. जिला प्रशासन गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद के लिए नई योजना पर काम कर रहा है. इसके तहत जिले के तीन अनुमंडलों में लाइब्रेरी सह कोचिंग सेंटर खोले जाएंगे. यहां छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. इससे उन छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो आर्थिक परेशानी के कारण दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते हैं.
मेदिनीनगर, छतरपुर और हुसैनाबाद में खुलेंगे सेंटर
जिला प्रशासन की योजना के अनुसार, पहले चरण में मेदिनीनगर, छतरपुर और हुसैनाबाद अनुमंडल में लाइब्रेरी सह कोचिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे. शुरुआत में हर अनुमंडल में करीब 100 छात्रों को पढ़ाने की व्यवस्था होगी. इसके बाद छात्रों की उपस्थिति और जरूरत को देखते हुए उनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है. अगर अनुमंडल स्तर पर इस योजना को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो प्रशासन प्रखंड स्तर पर भी लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर खोलने पर विचार करेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को अपने घर के आसपास ही पढ़ाई करने की सुविधा मिल सकेगी.
बैंकिंग और रेलवे की परीक्षाओं की मिलेगी तैयारी
इन कोचिंग सेंटरों में छात्रों को बैंकिंग, रेलवे और कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी. इसके लिए विषयों के जानकार शिक्षकों की मदद ली जाएगी. विशेषज्ञ शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से छात्रों की कक्षाएं लेंगे. जिला प्रशासन छात्रों को पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें और स्टडी मटेरियल भी उपलब्ध कराएगा. इसके लिए अनुमंडल स्तर पर मौजूद सरकारी भवनों का इस्तेमाल किया जाएगा. प्रशासन इन भवनों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है. योजना को अगले कुछ दिनों में शुरू करने की तैयारी है.
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा फायदा
पलामू के ग्रामीण इलाकों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी नहीं हैं. ऐसे में कई छात्रों को पढ़ाई के लिए मेदिनीनगर या दूसरे शहरों में जाना पड़ता है. बाहर रहने और कोचिंग करने का खर्च अधिक होने के कारण गरीब परिवारों के छात्र पीछे रह जाते हैं. जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे छात्रों की मदद के लिए यह योजना शुरू की जा रही है, जो आर्थिक और दूसरी परेशानियों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते हैं. उन्हें बेहतर पढ़ाई के साथ जरूरी सामग्री और सुविधाएं भी दी जाएंगी.
ग्रामीण छात्रों ने फैसले का किया स्वागत
पलामू के बिश्रामपुर प्रखंड निवासी कौशल कुमार ने जिला प्रशासन की इस पहल को अच्छा कदम बताया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 12वीं तक की पढ़ाई करना आसान है, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं नहीं मिलतीं. ऐसे में लाइब्रेरी सह कोचिंग सेंटर खुलने से छात्रों को काफी मदद मिलेगी.
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अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना से उत्तराखण्ड के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय स्तर पर सृजित होंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की. इस दौरान विश्वप्रसिद्ध ब्रिटिश संगीत समूह ‘द बीटल्स’ (The Beatles) पर आधारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना की शूटिंग उत्तराखण्ड में किए जाने के संबंध में चर्चा हुई. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि ‘क्लोवर’ (CLOVER) नाम से प्रस्तावित फिल्म परियोजना की शूटिंग फरवरी 2027 में ऋषिकेश स्थित ऐतिहासिक चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) में की जानी प्रस्तावित है.
सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना प्रस्तावित
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना का निर्देशन ऑस्कर पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सर सैम मेंडेस कर रहे हैं. सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के लिए नील स्ट्रीट प्रोडक्शंस द्वारा एप्पल कॉर्प्स के सहयोग से बनाई जा रही इस परियोजना के अंतर्गत ‘द बीटल्स’ के चारों सदस्यों के जीवन और संगीत यात्रा पर आधारित चार अलग-अलग फिल्में बनाई जा रही हैं. इस फिल्म श्रृंखला का नाम ‘द बीटल्स-ए फोर-फिल्म सिनेमैटिक इवेंट’ है. इन फिल्मों को अप्रैल 2028 में विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना प्रस्तावित है.
व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ऋषिकेश में प्रस्तावित शूटिंग के दौरान 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय एवं लगभग 150 भारतीय क्रू सदस्यों के अतिरिक्त स्थानीय तकनीशियनों एवं अन्य सहयोगियों की सेवाएं भी ली जाएंगी. भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े कार्यों का समन्वय ‘ऑन द रोड इंडिया’ द्वारा किया जा रहा है. इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ ही होटल, परिवहन एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
अनुकूल वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी नैसर्गिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत तथा विविध शूटिंग लोकेशन के कारण देश के प्रमुख फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो चुका है. राज्य सरकार की फिल्म नीति-2024 के अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को अनुकूल वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखण्ड में देश-विदेश की अधिक से अधिक फिल्म परियोजनाओं को आकर्षित करना है, ताकि स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों एवं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश की विश्वभर में योग एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में विशिष्ट पहचान है. ‘द बीटल्स’ का भी ऋषिकेश से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है. यहां इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना की शूटिंग से उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी. साथ ही प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में बाफ्टा पुरस्कार के लिए नामित ब्रिटिश फिल्म निर्माता सुश्री एलेक्जेंड्रा डर्बीशायर, भारतीय फिल्म निर्माता श्री दिलीप सिंह राठौर तथा सुपरवाइजिंग लोकेशन मैनेजर सुश्री एम्मा पिल शामिल थीं.
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