'हम अपने देश में एक अजीब समय से गुजर रहे हैं', राहुल गांधी ने RSS को लेकर कही ये बात
Rahul Gandhi on RSS: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को 'वाइको इन पार्टियामेंट' किताब के लॉन्चिंग कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर से राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) को लेकर कई बातें कहीं. इसके साथ कांग्रेस नेता ने पिछले महीने दिल्ली में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पेपर लीक के मामलों पर भी अपनी बात रखी. राहुल गांधी ने देश की शिक्षा प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए.
'हम अपने देश में एक अजीब समय से गुजर रहे हैं'
कांग्रेस सांसद ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम अपने देश में एक अजीब समय से गुजर रहे हैं. उन्होंने कहा, "छात्र सड़क पर हैं, बहुत दर्द में हैं, वे परीक्षाओं में निष्पक्षता मांग रहे हैं, वे एक ऐसी शिक्षा प्रणाली मांग रहे हैं जो काम करे. दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ कर रहे हैं. उन्हें यह विचार कहां से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ करने का हक है. राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं पता लेकिन वे यही करना चाहते हैं. प्रधानमंत्री की सोच और उनके साथियों, और खासकर आरएसएस की सोच के पीछे बहुत अलग विचार है.
#WATCH | Delhi: At the launch of the book "Vaiko in Parliament", Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "...Every state has the right to express itself. Every state has the right to its own culture, the right to its own history, the right to its own language. And here we have,… pic.twitter.com/jVcp12Exh6
— ANI (@ANI) August 4, 2026
हर राज्य को अपनी बात कहने का हक: राहुल गांधी
इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने कहा, "हर राज्य को अपनी बात कहने का हक है. हर राज्य को अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपनी भाषा का हक है. और यहां अचानक कुछ ऐसे नासमझ लोग आ गए हैं जो तमिल भाषा, तमिल लोगों, मराठी लोगों, बंगाली लोगों और केरल के लोगों को नहीं समझते और कहते हैं कि 'नहीं, इनमें से कोई भी इतिहास, कोई भी सोच या कोई भी भाषा मायने नहीं रखती." राहुल गांधी ने कहा कि भारत कभी भी अपनी किसी संस्कृति, भाषा या इतिहास को किसी के भी द्वारा कुचले जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा.
दिल्ली में SIR के समय में हुआ इजाफा, जानें अब कब आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम में बदलाव किया है. आयोग की ओर से जारी नए कार्यक्रम के अनुसार अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 27 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा.
चुनाव आयोग ने संशोधित शेड्यूल जारी करते हुए बताया कि मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया तय समय के अनुसार आगे बढ़ेगी. इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने का काम करेंगे.
17 अगस्त तक चलेगा घर-घर सत्यापन अभियान
संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, दिल्ली में BLO द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य 17 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा. इस दौरान अधिकारी मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि योग्य मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों.
वहीं, मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नामों की पहचान कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी. चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित हो.
The Election Commission of India has revised the schedule for the Special Intensive Revision (SIR) of the electoral roll in Delhi. House-to-house verification by BLOs will continue until August 17, 2026, and the final electoral roll will now be published on October 27, 2026. pic.twitter.com/VKzEwScdr1
— IANS (@ians_india) August 4, 2026
पोलिंग स्टेशनों के पुनर्गठन का काम भी होगा
चुनाव आयोग के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को ही पोलिंग स्टेशनों के रिअरेंजमेंट (पुनर्गठन) का काम भी किया जाएगा. इसके तहत मतदान केंद्रों की व्यवस्था, स्थान और अन्य संबंधित बदलावों की समीक्षा की जाएगी.
मतदान केंद्रों को इस तरह व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे मतदाताओं को मतदान के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
24 अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा. ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद आम नागरिक अपने नाम, पते या अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे.
यदि किसी मतदाता को सूची में किसी तरह की गलती नजर आती है या किसी नाम को लेकर आपत्ति है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.
24 अगस्त से 23 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावे और आपत्तियां
चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया है.
इस अवधि में मतदाता नए नाम जोड़ने, गलत जानकारी सुधारने या किसी नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं. आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
22 अक्टूबर तक होगा दावों का निपटारा
दावे और आपत्तियों की जांच के बाद उनके निपटारे की प्रक्रिया 24 अगस्त से शुरू होगी, जो 22 अक्टूबर 2026 तक चलेगी. इस दौरान संबंधित अधिकारी सभी आवेदनों की जांच करेंगे और नियमों के अनुसार निर्णय लेंगे.
इसके बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी.
27 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद यही सूची आगामी चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाएगी.
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे संशोधन प्रक्रिया के दौरान अपने नाम और विवरण की जांच जरूर करें, ताकि मतदान के अधिकार से जुड़ी किसी भी परेशानी से बचा जा सके.
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