हाइकोर्ट बोला-बंगाल सरकार जवानों से स्कूल खाली कराए:CISF को 18 कमरे मिले थे; आरीजी कर मेडिकल कॉलेज में रेप के बाद तैनात हुए थे
कलकत्ता हाइकोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में सुरक्षा में लगे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) जवानों को चीनी भाषा स्कूल में रहने के लिए दी गई जगह खाली कराई जाए। शहर के चाइना टाउन स्थित पेई मेई चाइनीज स्कूल में जवानों को रहने के लिए 18 कमरे दिए गए थे। CISF जवान यहां सितंबर 2024 से रहे हैं। 9 अगस्त 2024 को एक ऑन-ड्यूटी पोस्ट-ग्रेजुएट ट्रेनी के रेप और हत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जवानों को को तैनात किया गया था। कोर्ट से नियुक्त स्पेशल ऑफिसर ने जस्टिस कृष्ण राव को बताया कि स्कूल के कुल 18 कमरों में से आठ कमरे 17 फरवरी को चीनी नववर्ष मनाने के लिए एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के अधिकारियों को सौंप दिए गए थे। क्लास शुरू कराने के लिए स्कूल ने दी थी अर्जी कोलकाता के पेई मेई चीनी भाषा स्कूल के अधिकारियों ने हाइकोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें चाइना टाउन में उनकी प्रॉपर्टी में रह रहे CISF जवानों को क्लास फिर से शुरू करने के लिए जगह खाली करने का आदेश दिए जाने की मांग की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि चीनी न्यू ईयर पास आ रहा है और उसके लिए भी स्कूल की जगह खाली करानी होगी। 10 कमरों में 130 जवान रह रहे हैं, कुछ बरामदे में सो रहे भारत सरकार की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि 18 कमरों में रहे 130 CISF जवानों ने आठ कमरे खाली कर दिए हैं। उन्हें 10 कमरों में ठहराया गया है, जिससे उन्हें मुश्किल हो रही है और कुछ बरामदे में सो रहे हैं। उन्होंने कोर्ट से कहा कि चीनी न्यू ईयर का त्योहार खत्म होने के बाद और जब तक राज्य सरकार जरूरी इंतजाम नहीं कर लेती, तब तक CISF जवानों को नए साल के त्योहार के लिए खाली किए गए आठ कमरों में रहने दिया जाए। पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल अमल कुमार सेन ने कहा कि राज्य के अधिकारी 30 अप्रैल तक CISF जवानों को दूसरी जगह पर ठहराने के लिए कदम उठाएंगे और सेंट्रल फोर्स उस तारीख तक जगह खाली कर देगी। 2024 में दो महीने के लिए दी गई थी जगह आर जी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की सुरक्षा में लगे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवानों को सितंबर 2024 से पेई मेई चाइनीज स्कूल में रखा गया है, जब यह जगह दो महीने के लिए ली गई थी, मोनिका लियू, जिनका परिवार प्राइवेट स्कूल चलाता है, ने जनवरी में याचिका दायर होने के बाद कहा था। अब जानिए मामला क्या है… आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को अरेस्ट किया था। 20 जनवरी को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस घटना के बाद कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं।
भास्कर अपडेट्स:जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 209 करोड़ रुपये के ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम का पर्दाफाश किया, MBBS डॉक्टर समेत नौ लोग गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 209 करोड़ रुपए के एक ट्रांसनेशनल मल्टी-करोड़ ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम का पर्दाफाश किया है और नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सफापोरा गंदेरबल के रहने वाले फिरदौस अहमद मीर की शिकायत के आधार पर, गंदेरबल पुलिस स्टेशन में ऑनलाइन धोखेबाजों के एक गैंग पर चोरी और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज की गई थी। SSP गंदेरबल खलील अहमद पोसवाल ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई और टीम में संबंधित सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स को शामिल किया। संदिग्धों की गिरफ्तारी, घरों की तलाशी, बैंकों और दूसरे डिपार्टमेंट्स से रिकॉर्ड इकट्ठा करने के मामले में पुलिस की कड़ी कोशिशों से पता चला कि सोशल मीडिया पर ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट वेबसाइट्स हैं। ये लालच देकर आम जनता को धोखा देती हैं। पुलिस ने कहा, जब पीड़ित कॉइन ट्रेडिंग के नकली प्लेटफॉर्म पर इन्वेस्ट करना शुरू करते हैं, तो उनकी रकम बडगाम, श्रीनगर, गंदेरबल, बारामूला और कई दूसरी जगहों के लोगों के लोकल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है। पुलिस ने कहा कि ऐसे अकाउंट धोखेबाजों के कंट्रोल में थे, जो इन्वेस्ट की गई रकम को तुरंत जम्मू-कश्मीर के बाहर दूसरे अकाउंट में कई लेयरिंग के ज़रिए और देश के बाहर भी ट्रांसफर कर देते थे, ताकि पैसे के ट्रेल का पता न चल सके।
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