राहुल गांधी ने गिग वर्कर्स से मुलाकात की:BJP पर उनकी मुश्किलों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, बोले-उनके साथ जाति के आधार पर भेदभाव
कांग्रेस ने सोशल मीडियो X पर रविवार को राहुल गांधी की गिग वर्कर्स के डिलीगेशन से मुलाकात का वीडियो शेयर किया। राहुल ने कहा कि राज्यों और केंद्र में सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी(BJP) की सरकार गिग वर्कर्स के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि BJP की सरकारें इस अन्याय को नजरअंदाज कर रही हैं। गिग कंपनियों के लिए कोई मजबूत कानून नहीं हैं, कोई सोशल सिक्योरिटी नहीं है और कोई जवाबदेही नहीं है। राहुल के मुताबिक ये मुलाकात कुछ दिन पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले, मैं जन संसद में गिग वर्कर्स के एक डेलीगेशन से मिला। उन्होंने कहा कि गिग सेक्टर में वर्कफोर्स का एक बड़ा हिस्सा दलित और आदिवासी कम्युनिटी से है। इस सिस्टम में उनके साथ क्लास और जाति के आधार पर भेदभाव होता है। राहुल ने और क्या कहा… मुलाकात की 3 तस्वीरें… इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक 40% गिग वर्कर्स की कमाई ₹15 हजार से कम संसद में 29 जनवरी को पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे में गिग इकोनॉमी पर चिंता जताई गई है। सर्वे के मुताबिक, भारत में लगभग 40% गिग वर्कर्स यानी फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारियों की महीने की कमाई 15 हजार रुपए से भी कम है। रिपोर्ट में सरकार से सिफारिश की गई है कि गिग वर्कर्स के लिए प्रति घंटा या प्रति टास्क के आधार पर 'मिनिमम अर्निंग' तय की जानी चाहिए। इसके अलावा, काम के इंतजार के दौरान लगने वाले समय के लिए भी पेमेंट दिए जाने का सुझाव सर्वे में दिया गया है। आय में उतार-चढ़ाव सबसे बड़ी चुनौती, लोन मिलने में दिक्कत इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया है कि गिग वर्कर्स की फिक्स्ड इनकम न होने के कारण इन्हें बैंक से लोन मिलने या अन्य फाइनेंशियल सर्विस का फायदा उठाने में मुश्किल आती है। सरकार का मानना है कि पॉलिसी ऐसी होनी चाहिए कि लोग अपनी मर्जी से गिग वर्क चुनें, न कि मजबूरी में। एल्गोरिदम से बढ़ा वर्क प्रेशर, बर्नआउट का खतरा सर्वे में उन प्लेटफॉर्म्स की भी आलोचना की गई है जो एल्गोरिदम के जरिए काम बांटते हैं। ये एल्गोरिदम ही तय करते हैं कि किसे कितना काम मिलेगा, परफॉरमेंस कैसी है और कमाई कितनी होगी। इस कंट्रोल की वजह से वर्कर्स पर काम का दबाव बढ़ रहा है। वे थकान और तनाव का शिकार हो रहे हैं। 4 साल में 55% बढ़े वर्कर्स, 1.2 करोड़ हुई संख्या देश में गिग वर्कफोर्स बहुत तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2021 में गिग वर्कर्स की संख्या 77 लाख थी, जो वित्त वर्ष 2025 में 55% बढ़कर 1.2 करोड़ पहुंच गई है। फिलहाल कुल वर्कफोर्स में इनकी हिस्सेदारी 2% से ज्यादा है। अनुमान है कि साल 2029-30 तक नॉन-एग्रीकल्चर सेक्टर की कुल नौकरियों में गिग वर्क की हिस्सेदारी 6.7% हो जाएगी। कंपनियों को ट्रेनिंग और एसेट्स में निवेश करने की सलाह रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि डिलीवरी कंपनियों और अन्य प्लेटफॉर्म्स को अपने वर्कर्स की ट्रेनिंग और एसेट्स (जैसे वाहन या अन्य जरूरी उपकरण) में निवेश करना चाहिए। अक्सर पैसों की कमी और संसाधनों के अभाव में ये वर्कर्स स्किल्ड जॉब्स की तरफ नहीं बढ़ पाते। GDP में 2.35 लाख करोड़ का योगदान होगा आने वाले समय में गिग इकोनॉमी देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा होगी। 2030 तक इसका भारत की GDP में योगदान लगभग 2.35 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। बीते दिनों जोमैटो, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म के वर्कर्स ने बेहतर वेतन और वर्किंग कंडीशन को लेकर प्रदर्शन भी किए थे। इसे देखते हुए सर्वे की ये सिफारिशें महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… स्विगी-जोमैटो डिलीवरी बॉयज को भी मिलेगा बीमा, रजिस्ट्रेशन के लिए 90 दिन काम करना जरूरी; सोशल सिक्योरिटी के ड्राफ्ट रूल्स जारी देशभर के लाखों डिलीवरी बॉयज, कैब ड्राइवर्स को अब हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और एक्सीडेंट कवर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र सरकार ने 'सोशल सिक्योरिटी कोड 2020' के तहत नए ड्राफ्ट नियमों को नोटिफाई कर दिया है। फिलहाल सरकार ने ड्राफ्ट रूल्स पर फीडबैक मांगा है, जिसके बाद इसे फाइनल कर लागू कर दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली ट्रिपल-मर्डर केस- लड्डू में सल्फास, नींद की गोलियां मिलाईं:खाकर सो जाते थे लोग; तांत्रिक गेहूं में दवा के नाम पर मंगाता था गोली
दिल्ली के आउटर जिले के पश्चिम विहार ईस्ट इलाके में धनवर्षा कराने के नाम पर एक महिला समेत तीन लोगों की हत्या करने वाले तांत्रिक कमरुद्दीन ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को प्रसाद के रूप में खिलाने वाले लड्डू में एक सल्फाज और तीन नींद की गोलियां मिलकर देता था। पुलिस ने बताया कि लड्डू खाने के तुरंत बाद व्यक्ति गहरी नींद में चला जाता था। नींद में जहर आराम से अपना काम करता था। आरोपी नींद की गोलियों की मात्रा इसलिए अधिक रखता था, ताकि लड्डू खाने के बाद व्यक्ति जल्दी अचेत हो जाए और शरीर में कोई हलचल न रहे। पुलिस के मतुबाकि आरोपी खुद कभी भी मेडिकल स्टोर से सल्फास और नींद की गोलियां खरीदने नहीं जाता था। जिससे वह लोगों की नजर में न आए। वह यह कहकर गोलियां मंगवाता था कि गेहूं में दवा लगाने के लिए सल्फास की जरूरत है। गोलियां लेकर आने वालों को तलाश रही पुलिस पुलिस अब उन लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है जोकि उसके लिए गोलियां लेकर आते थे। पुलिस आरोपी के मोबाइल की सीडीआर डिटेल निकाल कर उन लोगों से भी संपर्क करने की कोशिश कर रही है, जोकि आरोपी के संपर्क में थे। आरोपी के पास से मिली कई लोगों की फोटो पुलिस ने बताया कि आरोपी के घर से कई लोगों की फोटो भी मिली हैं। जांच में पुलिस को पता चला कि यह उन लोगों की फोटो हैं, जिन पर आरोपी वशीकरण करने का दावा करता था। आरोपी जादू टोना, वशीकरण, कारोबारी में तरक्की व अन्य चीजें का भी समाधान करने का काम करता था। धनवर्षा का लालच देता था आरोपी 11 फरवरी को पुलिस ने इस मामले में तांत्रिक को गिरफ्तार किया था। वह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है और लोनी और फिरोजाबाद में तंत्र-मंत्र का सेंटर चलाता था। दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास 8 फरवरी को एक बंद कार के अंदर तीन लोगों के शव मिले थे। मृतकों की पहचान 76 साल के रणधीर, 47 साल के शिव नरेश सिंह और 40 साल की लक्ष्मी देवी के रूप में की गई। रणधीर ड्राइवर की सीट पर और बाकी दोनों पीछे की सीट पर बैठे थे। पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन करीब एक साल से तीनों मृतकों के संपर्क में था। CCTV फुटेज में उसे उसी दिन कार के बगल वाली सीट पर बैठे देखा गया था। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकेशन डेटा से भी घटना में उसके शामिल होने की पुष्टि हुई है। कार से शराब, कोल्ड ड्रिंक, कैश और दस्तावेज बरामद डीसीपी (आउटर) सचिन शर्मा ने बताया कि पश्चिम विहार ईस्ट थाने में 8 फरवरी को PCR कॉल आई थी। सूचना थी कि एक कार में एक महिला सहित तीन लोग बेहोश पड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो ड्राइविंग सीट पर एक बुजुर्ग बैठा मिला। एक 42 साल के व्यक्ति को राहगीरों ने कार से बाहर निकाला हुआ था। करीब 40 साल की महिला कार के अंदर पड़ी थी। तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार की तलाशी में शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, खाली गिलास, मोबाइल फोन, कैश, हेलमेट, जैकेट, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले। तीनों मृतक बापरौला, नगली डेयरी और जहांगीरपुरी के रहने वाले थे। परिजनों ने आत्महत्या से इनकार किया और मौत की परिस्थितियों पर शक जताया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मृतकों के संपर्क में था आरोपी, कॉल डिटेल से खुला राज पुलिस की तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि घटना से पहले तीनों की कमरुद्दीन से लगातार बातचीत हो रही थी। तीनों घटना से एक दिन पहले और घटना वाले दिन गाजियाबाद के लोनी गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि जब वे दिल्ली लौट रहे थे, तब कार में एक और व्यक्ति मौजूद था। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि वह व्यक्ति कमरुद्दीन था, जो लोनी से कार में बैठा और बाद में उसी जगह कार छोड़कर फरार हो गया, जहां तीनों बेहोश मिले। आरोपी ने पूजा के नाम पर 2 लाख मंगवाए पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब दो महीने पहले जहांगीरपुरी निवासी सलीम के जरिए लक्ष्मी की उससे पहचान हुई थी। बाद में लक्ष्मी ने शिव नरेश और रंधीर से उसकी मुलाकात कराई। कमरुद्दीन ने तीनों को धनवर्षा के लिए विशेष पूजा कराने का झांसा दिया। उसने उनसे 2 लाख रुपये कैश, शराब और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था करने को कहा। आरोपी पर पहले भी दो हत्या के मामले दर्ज डीसीपी के अनुसार, कमरुद्दीन आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ इसी तरह के दो हत्या के मामले पहले भी दर्ज हैं। साल 2014 में राजस्थान के धौलपुर जिले के राजा खेड़ा थाने में IPC की धारा 143, 363 और 302 के तहत मामला दर्ज हुआ था। वहीं, 2025 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के मक्खनपुर थाने में BNS की धारा 103(1) और 123 के तहत एक और FIR दर्ज है। पश्चिम विहार ईस्ट थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस संभावित साथियों की पहचान के लिए आगे की जांच कर रही है। ------------------------------ दिल्ली की ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली में युवक ने मां और भाई-बहन का मर्डर किया: लड्डू में धतूरे के बीज मिलाकर खिलाए, फिर मफलर से गला घोंटा; थाने में सरेंडर दिल्ली में पति के मर्डर की गवाह महिला की हत्या: हमलावरों ने सिर पर गोली मारी; 2023 में पति की भी गोली मारकर हत्या हुई थी
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