MP-UP और राजस्थान में तेज गर्मी, तापमान 30°C पार:आज से बारिश के आसार; उत्तराखंड में बर्फबारी, गुंजी-आदि कैलाश मोटर मार्ग में पारा माइनस 18°C
देश भर में सर्दी की असर लगभग खत्म हो गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जगहों पर सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार चला गया। इन राज्यों में मंगलवार से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम करवट लेगा। राजस्थान में आज दोपहर से बादल छाएंगे। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। यूपी के कुछ हिस्सों में 17 और 18 फरवरी को बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। मध्य प्रदेश में 18-19 फरवरी को बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। राज्य के 5 जिलों में 17 फरवरी से अगले 2 दिन तक बारिश और बर्फबारी होगी।गुंजी-आदि कैलाश मोटर मार्ग में सोमवार को तापमान -18°C दर्ज हुआ। इस हफ्ते राज्यों में मौसम का हाल 17 फरवरी से 19 फरवरी: उत्तराखंड में बारिश/बर्फबारी की संभावना। 18 फरवरी : हिमाचल प्रदेश में बारिश/बर्फबारी की संभावना। 17 से 18 फरवरी: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज, बिजली के साथ बारिश का अलर्ट। 21 और 22 फरवरी: तमिलनाडु, केरल और माहे में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना।
पंजाब का किल्ली चाहलां, जहां दिखती नई सरकार की हवा:मालवा-माझा, दोआबा का सेंटर पॉइंट, 1997 से अब तक 6 सरकारें दीं; AAP के बाद BJP की रैली
मोगा का गांव किल्ली चाहलां राजनीतिक रैलियों के लिए हरेक पार्टी की फेवरेट जगह बन गई है। अकाली दल तो इसे लक्की मानता है। 1996 में अकाली दल ने यहां से रैलियों की शुरूआत की। तब से लेकर हर पार्टी चुनाव से एक साल पहले ही यहां रैली करती है। माझा-मालवा और दोआबा के संगम मोगा में जुटने वाली भीड़ से पार्टियां अपनी हार-जीत का अनुमान लगाती हैं। 2027 के पंजाब विधानसभा इलेक्शन से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार (16 फरवरी) को यहां सरकारी कार्यक्रम करके यहां से अपना मैसेज साफ कर दिया है। मोगा से ही अब BJP की रैली तय है। फरवरी में होने वाली रैली की डेट मार्च तक खिसका दी गई है। किल्ली चाहलां से चुनावी रैलियों की शुरुआत करने वाले अकाली दल ने अभी तक यहां से किसी रैली का ऐलान नहीं किया है। कांग्रेस ने भी अभी कोई बड़ी रैली मोगा से करने की घोषणा नहीं की। मोगा के किल्ली चाहलां में पहली बार 1996 में अकाली दल ने रैली की। इस रैली में अकाली दल ने कट्टर छवि छोड़ डेमोक्रेटिक होने का इशारा किया। इसका लोगों में सबकी बात सुनने का मैसेज गया। यहीं से अकाली दल की कट्टर पंथक छवि डेमोक्रेटिक दल में बदली। अकाली दल ने यहां से 1997, 2007 और 2012 के चुनावों में सीएम की कुर्सी पाई। पंजाब की राजनीति में किल्ली चाहलां इंपोर्टेंट क्यों, कैसे यहां से चुनाव की हवा बनती है, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… CM कुर्सी-सरकार के लिए ये अहम क्यों? मोगा से कौन कब कर चुका रैलियां AAP की रैली से क्या पॉलिटिकल मैसेज कहावत से आप को चुनने का संदेश भगवंत मान ने सरकार के कार्यक्रम में कहावत से लोगों से आप को चुनने की अपील की। सीएम ने कहा कि यह पंजाब है ये तो पानी की बारी दूसरी नहीं आने देते, इनकी कहां से आने देंगे। इसके साथ भगवंत मान ने कहा कि जेल से बाहर आकर जो मूंछों पर ताव देते हैं वो भगवान की नजर से कैसे बचेंगे। वहां जाकर कोई नहीं पूछेगा। सीएम मान ने नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली के बोल- उत्थे अमलां दे होणे ने निबेड़े, किसे न तेरी जात पुच्छणी (भगवान के दर पर तुम्हारे किए काम देखे जाएंगे न कि तुम्हारा रूतबा या जाति देखी जाएगी) सुनाया। मान ने पिछली कांग्रेस और अकाली सरकार पर कहा कि उनके नेता दीवारों से कान लगाकर सुनते थे कि किसका बच्चा चिट्टे पर नहीं लगा, उसे चिट्टे पर लगाना है। मान ने पंजाब में नशे के लिए सीधे अकाली और कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। 10 लाख की बीमा योजना को दिमाग में डालना मोगा में कार्यक्रम के मंच से सीएम ने बार-बार सेहत बीमा योजना का जिक्र किया। इससे पहले आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, डॉ. बलबीर, डीजीपी गौरव यादव सहित सिसोदिया ने पंजाब में नशे और लोगों के इलाज के लिए 10 लाख की मुफ्त बीमा योजना का जिक्र किया। सीएम मान ने कहा कि विरोधी आपको बीमा योजना को लेकर भड़का रहे हैं। वो कह रहे हैं 1 लाख देंगे और बाकी पैसा आपको देना होगा। मान ने दावा किया कि आपके इलाज का 1-1 पैसा सरकार देगी। कार्ड बनवाने के लिए नौजवानों को पैसा कमाने का मौका मिलेगा। फार्म भरकर महीने के 25-30 हजार रुपए महीना कमा पाएंगे। VDC के बहाने वोट बैंक की माइक्रो मैनेजमेंट सीएम भगवंत मान ने विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) में 10 लोगों तक सीमित न रहने की बात कही। मान ने कहा कि ये 10 मैंबर की जगह पूरा गांव विलेज डिफेंस कमेटी का मेंबर होना चाहिए। अपने-अपने गांवों में जाकर लोगों को सेहत बीमा और युद्ध नशा विरुद्ध के बारे में बताओ।
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