पालक से खजूर तक, रोजाना करें इन पौष्टिक चीजों का सेवन, शरीर में नहीं होगी खून की कमी
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। शरीर में खून की कमी (एनीमिया) से सुस्ती, थकान, चक्कर आना, कमजोरी और सांस फूलने जैसी परेशानियां होती हैं। इसे रोकने के लिए रोजाना आयरन युक्त चीजें खाना फायदेमंद होता है। पालक, चुकंदर, अनार, खजूर, गुड़, काले चने, राजमा और दालें समेत अन्य पौष्टिक चीजों के नियमित सेवन से एनर्जी बनी रहेगी और खून की कमी नहीं होगी।
नेशनल हेल्थ मिशन ने एनीमिया (खून की कमी) को खत्म करने के लिए देशव्यापी जागरुकता अभियान तेज किया है। इस अभियान का मुख्य संदेश है, एनीमिया को हराएं, स्वस्थ जीवन अपनाएं। एनीमिया एक ऐसी समस्या है जो खासकर महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में आम है। यह थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और बच्चों में विकास रुकने जैसी परेशानियां पैदा करती है, लेकिन सही आहार, नियमित जांच और जागरूकता से एनीमिया-मुक्त हुआ जा सकता है।
एनीमिया से बचने के लिए सबसे जरूरी है रोजाना आयरन, विटामिन सी और प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार लेना। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, जो खून में ऑक्सीजन पहुंचाता है। विटामिन सी आयरन को शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है, जबकि प्रोटीन शरीर की मरम्मत और विकास के लिए आवश्यक होता है।
आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ, चौलाई, चना, राजमा, सोयाबीन, काले चने, ज्वार, बाजरा, गुड़, चुकंदर, अनार, सेब, खजूर) के साथ ही विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां (आंवला, नींबू, संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी, टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च) के साथ ही प्रोटीन युक्त आहार जैसे मूंग, अरहर, मसूर, उड़द, दूध, दही, छाछ, पनीर, सोया चंक्स, राजमा, चना और बीज (बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट, तिल, चिया सीड्स, अलसी, कद्दू के बीज आदि) का सेवन फायदेमंद होता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन सी वाला फल या नींबू जरूर लें, ताकि आयरन अच्छे से सोखा जाए।
चाय-कॉफी भोजन के तुरंत बाद न पिएं, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण को रोकती हैं। हर 3-6 महीने में हीमोग्लोबिन जांच करवाएं। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट लेने चाहिए।
--आईएएनएस
एमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चक्रवात गेजानी से मेडागास्कर में मौतों का आंकड़ा 59 पहुंचा
अंतानानारिवो, 16 फरवरी (आईएएनएस)। मडागास्कर में आए चक्रवात गेजानी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 59 हो गई है, जबकि 804 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी सोमवार को राष्ट्रीय जोखिम और आपदा प्रबंधन कार्यालय ने जारी की।
मेडागास्कर की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, पूर्वी और मध्य मडागास्कर के पांच क्षेत्रों के 25 जिलों में 4.2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के कारण 49,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 25,000 से अधिक घर पूरी तरह तबाह हो गए।
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और प्रभावित आबादी को सहायता पहुंचाई जा रही है।
मलागासी सरकार ने 11 फरवरी को व्यापक तबाही के मद्देनजर ‘राष्ट्रीय आपदा की स्थिति’ घोषित कर दी थी। चक्रवात के कारण बुनियादी ढांचे, घरों और आजीविका को भारी नुकसान पहुंचा है। भीषण बाढ़ और आर्थिक क्षति ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।
सरकारी आदेश में जनहानि और समुदायों के विस्थापन को आपदा घोषित करने का मुख्य कारण बताया गया है। साथ ही कहा गया कि चक्रवात गेज़ानी ने पहले आए चक्रवात फितिया और लगातार हो रही भारी बारिश के बाद स्थिति को और भी भयावह बना दिया है।
पिछले गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने घोषणा की कि उसने आपात राहत के लिए मडागास्कर को 30 लाख अमेरिकी डॉलर आवंटित किए हैं।
मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष से दी गई यह सहायता 90,000 से अधिक लोगों की मदद करेगी। अन्य दाताओं से प्राप्त अतिरिक्त धनराशि से भी राहत कार्यों को गति मिली है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 2.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और लगभग 7,000 लोग विस्थापित हुए हैं। 65,000 से अधिक घरों में पानी भर गया या वे क्षतिग्रस्त/नष्ट हो गए हैं, जबकि करीब 600 कक्षाएं आंशिक या पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं रहीं।
ओसीएचए ने बताया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है और खोज एवं बचाव, निकासी, आश्रय तथा खाद्य सहायता अभियानों का नेतृत्व कर रही है। संयुक्त राष्ट्र और साझेदार संस्थाओं के सहयोग से लगभग 800 मीट्रिक टन चावल का वितरण भी किया जा रहा है।
--आईएएनएस
डीएससी
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