चक्रवात गेजानी से मेडागास्कर में मौतों का आंकड़ा 59 पहुंचा
अंतानानारिवो, 16 फरवरी (आईएएनएस)। मडागास्कर में आए चक्रवात गेजानी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 59 हो गई है, जबकि 804 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी सोमवार को राष्ट्रीय जोखिम और आपदा प्रबंधन कार्यालय ने जारी की।
मेडागास्कर की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, पूर्वी और मध्य मडागास्कर के पांच क्षेत्रों के 25 जिलों में 4.2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के कारण 49,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए, जबकि 25,000 से अधिक घर पूरी तरह तबाह हो गए।
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और प्रभावित आबादी को सहायता पहुंचाई जा रही है।
मलागासी सरकार ने 11 फरवरी को व्यापक तबाही के मद्देनजर ‘राष्ट्रीय आपदा की स्थिति’ घोषित कर दी थी। चक्रवात के कारण बुनियादी ढांचे, घरों और आजीविका को भारी नुकसान पहुंचा है। भीषण बाढ़ और आर्थिक क्षति ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।
सरकारी आदेश में जनहानि और समुदायों के विस्थापन को आपदा घोषित करने का मुख्य कारण बताया गया है। साथ ही कहा गया कि चक्रवात गेज़ानी ने पहले आए चक्रवात फितिया और लगातार हो रही भारी बारिश के बाद स्थिति को और भी भयावह बना दिया है।
पिछले गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने घोषणा की कि उसने आपात राहत के लिए मडागास्कर को 30 लाख अमेरिकी डॉलर आवंटित किए हैं।
मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष से दी गई यह सहायता 90,000 से अधिक लोगों की मदद करेगी। अन्य दाताओं से प्राप्त अतिरिक्त धनराशि से भी राहत कार्यों को गति मिली है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, 2.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और लगभग 7,000 लोग विस्थापित हुए हैं। 65,000 से अधिक घरों में पानी भर गया या वे क्षतिग्रस्त/नष्ट हो गए हैं, जबकि करीब 600 कक्षाएं आंशिक या पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं रहीं।
ओसीएचए ने बताया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है और खोज एवं बचाव, निकासी, आश्रय तथा खाद्य सहायता अभियानों का नेतृत्व कर रही है। संयुक्त राष्ट्र और साझेदार संस्थाओं के सहयोग से लगभग 800 मीट्रिक टन चावल का वितरण भी किया जा रहा है।
--आईएएनएस
डीएससी
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Bihar News: बिहार में 12 लाख गरीबों को जल्द मिलेगा पक्के मकान का पैसा, नीतीश सरकार ने दिलाया भरोसा
Bihar News: बिहार में लाखों गरीब परिवार आज भी अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे हैं. विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर जोरदार चर्चा हुई. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि कोई भी पात्र परिवार आवास योजना से वंचित नहीं रहेगा.
RJD ने सदन में उठाया सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक सौरभ कुमार ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव से पहले 12 लाख घर बनाने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक करीब 2.80 लाख मकान ही बन पाए हैं. उन्होंने कहा कि नौ लाख से ज्यादा घरों का काम अभी भी बाकी है.
नहीं मिली दूसरी किस्त
सौरभ कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि कई लाभार्थियों को पहली किस्त मिल गई थी. पहली किस्त मिलने के बाद लोगों ने अपने पुराने कच्चे घर तोड़ दिए, लेकिन दूसरी किस्त नहीं मिलने से वे मुश्किल में फंस गए हैं. कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.
ग्रामीण विकास मंत्री ने दिया जवाब
इस पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने जवाब दिया कि योजना में थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन सरकार पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से 91 करोड़ रुपये की राशि मिल चुकी है और 31 मार्च से पहले अतिरिक्त फंड मिलने की उम्मीद है.
इसलिए धीमी हुई प्रक्रिया
मंत्री ने कहा कि यह कहना गलत है कि केंद्र सरकार पैसा नहीं दे रही है. योजना के तहत नया मॉडल तैयार करने में समय लगा, इसी वजह से प्रक्रिया धीमी हुई. अब अंतरिम राशि मिल चुकी है और बाकी धनराशि के लिए भी मांग की गई है.
जल्द जारी होगी राशि
मंत्री श्रवण कुमार ने आगे बताया कि इस योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देती है और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार का होता है. कुछ प्रक्रियात्मक दिक्कतों के कारण काम में देरी हुई, लेकिन अब सरकार तेजी से काम आगे बढ़ाने की तैयारी में है. सरकार का दावा है कि जल्द ही बाकी बचे घरों के लिए भी राशि जारी की जाएगी, ताकि गरीब परिवारों को जल्द अपना पक्का घर मिल सके.
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