Mayawati ने आकाश आनंद को चुनावी मैदान में उतारा, 28 अक्टूबर से शुरू होगा दौरा
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को दोबारा सक्रिय जिम्मेदारी देने के बाद अब चुनावी मैदान में उतार दिया है। मायावती ने 28 अक्टूबर से आकाश आनंद के चुनावी दौरे और जनसभाओं का कार्यक्रम जारी किया है।
इसके साथ ही मायावती ने साफ किया है कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। उन्होंने कहा है कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति में पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।
28 अक्टूबर से शुरू होगा आकाश आनंद का चुनावी दौरा
पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, आकाश आनंद आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और दूसरे राज्यों के कार्यक्रमों को देखते हुए रैलियों और विचार गोष्ठियों में शामिल होंगे।
उनका कार्यक्रम इस तरह है:
- 28 अक्टूबर: बुलंदशहर जिला
- 2 नवंबर: सहारनपुर जिला
- 20 नवंबर: अयोध्या जिला
- 22 नवंबर: आगरा जिला
- 26 नवंबर: पंजाब, संविधान दिवस के मौके पर विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि
- 29 नवंबर: कानपुर नगर जिला
- 6 दिसंबर: हरिद्वार, उत्तराखंड, डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर विचार संगोष्ठी और जनसभा
1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री आकाश आनन्द, अपने रिश्तेदार श्री अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लिये जाने के उपरान्त, अब बी.एस.पी. के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में काफी सूझबूझ व परिपक्वता (मैच्युरिटी) प्रदर्शित करते हुये बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट के कार्यों को, परिवार व रिश्ते-नाते आदि के ऊपर प्राथमिकता देते हुये, अपनी ज़िम्मेदारी को निभाने में काफी मेहनत व तेज़ी से लग गये हैं, जबकि ’बहुजन समाज’ के लोगों को उनसे पूरी अपेक्षा भी है। 2. इसी क्रम में श्री आकाश आनन्द आगामी दिनांक 28 अक्तूबर 2026 को ज़िला बुलन्दशहर में, 02 नवम्बर को जिला सहारनपुर में, 20 नवम्बर को ज़िला अयोध्या में, 22 नवम्बर को ज़िला आगरा में तथा दिनांक 29 नवम्बर 2026 को ज़िला कानपुर नगर में बी.एस.पी. द्वारा आयोजित जनसभा को सम्बोधित करेंगे। 3. साथ ही, आगामी 26 नवम्बर 2026 को ’संविधान दिवस’ के मौक़े पर पंजाब स्टेट में बी.एस.पी. द्वारा आयोजित ’विचार संगोष्ठी समारोह’ में वे मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसके बाद वे देश में दलितों, अति-पिछड़ों व अन्य उपेक्षित बहुजनों के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण (पुण्यतिथि) दिवस पर आगामी 06 दिसम्बर 2026 को उत्तराखण्ड राज्य के ज़िला हरिद्वार में आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह/जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे। 4. इस प्रकार से श्री आकाश आनन्द द्वारा बी.एस.पी. पार्टी व मूवमेन्ट के कार्यों में पूरे जी-जान से अब लग जाने से एक बार पुनः यह साबित होता है कि पिछले दिनों जो भी अप्रिय घटनाक्रम हुये है तो उसके लिये श्री आकाश आनन्द कम व उनके रिश्तेदार श्री अशोक सिद्धार्थ ज़्यादा ज़िम्मेवार हैं, तभी इनको पार्टी से बाहर करके राजनीति से भी सन्यास लेने की सलाह दी गयी। 5. किन्तु स्वार्थी तत्वों द्वारा लोगों को क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे अपनाकर वरग़लाने का काम अभी भी लगातार जारी है, जिससे पार्टी के सभी लोग ज़रूर सावधान व सतर्क रहें और श्री आकाश आनन्द को साैंपे गये सभी पार्टी कार्यक्रमों को पूरे तन, मन, धन से लग कर उन्हें जरुर सफल बनायें। 6. साथ ही, इन अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें कि श्री आकाश आनन्द की तरह श्री अशोक सिद्धार्थ को भी पूर्व की तरह पार्टी में पुनः वापस ले लिया जायेगा। ऐसी अफवाहों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है अर्थात् अब श्री अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति में व किसी भी क़ीमत पर फिर से पार्टी में पुनः वापिस नहीं लिया जायेगा। 7. यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि श्री आनन्द कुमार के छोटे बेटे श्री ईशान आनन्द, जो वकालत की अपनी पढ़ाई लंदन से पूरी कर चुके हैं, वे भी मेरे (पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के) दिशा-निर्देशन में, एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में बी.एस.पी. के दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय में ख़ासकर पार्टी के चुनाव व अन्य पेपरवर्क आदि से सम्बंधित कार्यों में भी सहयोग करेंगे।
— Mayawati (@Mayawati) October 18, 2026
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अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी नहीं होगी
मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को इस बारे में साफ निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद अपने रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद पार्टी और आंदोलन के काम को समझदारी, परिपक्वता और प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि पिछले दिनों हुए अप्रिय घटनाक्रम के लिए आकाश आनंद से ज्यादा उनके रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार थे। इसी वजह से उन्हें पार्टी से बाहर किया गया था।
मायावती ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने दो टूक कहा, "ऐसी अफवाहों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है, अब अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति में व किसी भी कीमत पर पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।"
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ईशान आनंद संभालेंगे दिल्ली कार्यालय का काम
संगठन में बदलाव के तहत मायावती ने यह भी बताया कि आनंद कुमार के छोटे बेटे और आकाश आनंद के भाई ईशान आनंद पार्टी सुप्रीमो के दिशा-निर्देशन में सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर बसपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में काम करेंगे। ईशान आनंद खास तौर पर पार्टी के चुनाव और दूसरे कागजी काम से जुड़े प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करेंगे।
कार्यकर्ताओं से आकाश आनंद के कार्यक्रम सफल बनाने की अपील
मायावती ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों और समर्थकों से अपील की है कि वे स्वार्थी लोगों की ओर से फैलाई जा रही गलत जानकारी से सावधान रहें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आकाश आनंद को सौंपे गए सभी कार्यक्रमों को पूरी ताकत से सफल बनाने की अपील की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए आकाश आनंद की चुनावी मैदान में वापसी से पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
Sirsa ग्रेनेड हमला मामले में NIA ने चार आरोपियों पर दायर की चार्जशीट
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने हरियाणा के सिरसा में पिछले साल 25 नवंबर को महिला थाने के पास हुए ग्रेनेड हमले के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राजबीर सिंह उर्फ फौजी, वेद प्रकाश उर्फ पम्मा, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ज्योति और चिराग ठकराल के नाम शनिवार को पंचकूला की एनआईए विशेष अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में शामिल हैं।
यह मामला मूल रूप से 26 नवंबर 2025 को सिरसा के सिविल लाइंस थाने में दर्ज किया गया था। बाद में, एनआईए ने 30 दिसंबर 2025 को इसे फिर से दर्ज किया। एनआईए ने इससे पहले 24 मई 2026 को पंचकूला की विशेष अदालत में इस मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
इनमें पाकिस्तानी नागरिक शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच के नाम भी शामिल थे। एनआईए की ओर से जारी बयान के अनुसार, पूरक आरोपपत्र में साजिश और चारों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका का ब्योरा देने के साथ जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं। बयान में कहा गया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), धारा 109 (हत्या का प्रयास) और धारा 238 (अपराध के साक्ष्य मिटाना या अपराधी को बचाने के लिए गलत जानकारी देना), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा पांच (संदिग्ध परिस्थितियों में विस्फोटक बनाने या रखने की सजा) और धारा छह (उकसाने के लिए सजा) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 18 (साजिश के लिए सजा), धारा 18बी (आतंकी कृत्य के लिए किसी व्यक्ति की भर्ती करने की सजा) और धारा 20 (आतंकी गिरोह या संगठन का सदस्य होने की सजा) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए ने बताया कि जांच में सामने आया कि सिंह भारत में, इस सीमा पार नेटवर्क के समन्वयक के रूप में काम कर रहा था। इसने कहा कि वह विदेश में बैठे लोगों के साथ मिलकर भारत में हथियारों या हथगोले और मादक पदार्थों की खेप जुटाने तथा उन्हें इधर-उधर भेजने का काम करता था। बयान के अनुसार, सिंह के निर्देश पर काम करते हुए ठकराल, ग्रेवाल और प्रकाश ने विस्फोटकों के परिवहन में अहम भूमिका निभाई।
एनआईए ने कहा कि यह हमला शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्यों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत किया था। इसका मकसद पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाने के साथ आम लोगों में आतंक और भय पैदा करना था।
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