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हैदराबाद: MVSR इंजीनियरिंग कॉलेज के डांडिया इवेंट में हादसा, छात्रा की मौत, 14 घायल

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने छात्रा की मौत पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. साथ ही CM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं.

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वायुसेना का नया संचार कवच 'जीसैट-7सी':₹2563 करोड़ का सैटेलाइट, पूरी तरह स्वदेशी; रेडियो ठप होने पर भी फाइटर जेट तक पहुंचेंगे संदेश

भारतीय वायुसेना की संचार क्षमता मजबूत करने के लिए देश में जीसैट-7सी सैन्य उपग्रह लॉन्च किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ 2,563 करोड़ रुपए का करार किया। इसके तहत उपग्रह का डिजाइन, विकास और निर्माण किया जाएगा। इस उपग्रह की सबसे बड़ी खासियत दूर तक सुरक्षित संचार उपलब्ध कराने की क्षमता होगी। इससे लड़ाकू विमानों, निगरानी विमानों, मानवरहित विमानों और जमीन पर मौजूद सैन्य केंद्रों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी। सामान्य रेडियो संचार की पहुंच से बाहर होने पर भी उपग्रह के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा। भारतीय वायुसेना का यह दूसरा समर्पित संचार उपग्रह होगा। पहला उपग्रह जीसैट-7ए दिसंबर 2018 में प्रक्षेपित किया गया था। उसकी निर्धारित कार्य अवधि 8 साल थी और उसकी क्षमता का लगभग 30% हिस्सा सेना को भी आवंटित किया गया था। अंतरिक्ष में संचार केंद्र का काम करेगा सैटेलाइट जीसैट-7सी अंतरिक्ष में संचार केंद्र की तरह काम करेगा। यह विमानों और जमीन पर मौजूद सैन्य इकाइयों के बीच संपर्क बनाने में मदद करेगा। जब विमान सामान्य रेडियो की सीधी पहुंच से दूर होंगे, तब उपग्रह के जरिए संदेश एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाए जा सकेंगे। इससे लड़ाकू विमान, हवाई निगरानी और नियंत्रण विमान, मानवरहित विमान और जमीन पर मौजूद कंट्रोल सेंटर सूचनाएं साझा कर सकेंगे। भारतीय सेनाओं के लिए 52 सैटेलाइट दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने सैन्य अंतरिक्ष क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है। सरकार ने 26,968 करोड़ रुपए के अंतरिक्ष आधारित निगरानी कार्यक्रम (एसबीएस-3) को तेजी दी है। इसके तहत 52 सैन्य उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित करने की योजना है। इनके लॉन्च की तैयारी जारी है। सेना और नौसेना के पास भी अपने उपग्रह सेना के लिए जीसैट-7बी बनाने का 3,000 करोड़ रुपए का करार मार्च 2023 में हुआ था। नौसेना का जीसैट-7आर नवंबर 2025 में प्रक्षेपित किया गया था। ये परियोजनाएं तीनों सेनाओं की अलग-अलग संचार जरूरतों के लिए अंतरिक्ष आधारित क्षमता बढ़ाने की योजना का हिस्सा हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर के बाद ड्रोन वॉर की तैयारी तेज:सेना 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम और 10 लंबी दूरी के निगरानी ड्रोन खरीद रही ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ड्रोन से निगरानी के साथ हमला करने और दुश्मन के ड्रोन को नष्ट करने की क्षमता भी बढ़ा रही है। जुलाई से सितंबर के बीच जारी खरीद प्रस्तावों से पता चलता है कि सेना ड्रोन युद्ध से जुड़ी पूरी व्यवस्था मजबूत कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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उम्र नहीं फिटनेस और फॉर्म देखें, Sunil Gavaskar ने Team India के लिए की Krunal Pandya की वकालत

भारतीय क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर चर्चा तेज है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी की है, जिसके बाद अब दूसरे सीनियर खिलाड़ियों को भी दोबारा मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और पूरी तरह फिट है, तो उसकी उम्र को टीम में चयन के रास्ते में नहीं आने देना चाहिए।

भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर करीब 1,425 दिन बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनके चयन से यह संकेत मिला है कि चयनकर्ता अनुभवी खिलाड़ियों को फिर से मौका देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की संभावित वापसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सुनील गावस्कर ने इस चर्चा के बीच क्रुणाल पांड्या का नाम आगे रखा है, जो पिछले कुछ समय से अपने खेल से प्रभावित कर रहे हैं।

क्रुणाल ने 2026 के आईपीएल सत्र में गेंद और बल्ले दोनों से अहम योगदान दिया। उन्होंने 16 मैचों में 14 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनकी गेंदबाजी औसत 30.35 और रन देने की दर 8.45 रही। बल्लेबाजी में भी उन्होंने 226 रन बनाए। इसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई मैच जिताने वाली अर्धशतकीय पारी भी शामिल है। बता दें कि क्रुणाल अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पिछली 2 खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

जियोस्टार से बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने क्रुणाल की गेंदबाजी को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि क्रुणाल गेंद को बहुत ज्यादा घुमाने वाले गेंदबाज नहीं हैं, लेकिन वह अपनी लाइन और लेंथ में लगातार बदलाव करते हैं। वह बल्लेबाज के इरादे को समझकर गेंदबाजी करते हैं और कभी पैड की तरफ गेंद डालते हैं, तो कभी बाउंसर का इस्तेमाल करते हैं। उनका मकसद केवल विकेट लेना ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने से रोकना भी होता है।

गावस्कर के मुताबिक, क्रुणाल खेल को समझने वाले खिलाड़ी हैं और मैदान पर हमेशा कोई न कोई योजना बनाकर उतरते हैं। उन्होंने बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी क्रुणाल के योगदान की सराहना की। गावस्कर का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए टीम में उन खिलाड़ियों को शामिल करना जरूरी है, जो अपने प्रदर्शन से जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान ने साफ कहा कि टीम चुनते समय खिलाड़ियों की उम्र के बजाय उनके प्रदर्शन और फिटनेस को महत्व दिया जाना चाहिए। अगर कोई खिलाड़ी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेल रहा है और शारीरिक रूप से फिट है, तो उसे भारतीय टीम में मौका देने पर विचार होना चाहिए। उनके अनुसार, बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए चयन का आधार खिलाड़ी की उपयोगिता होनी चाहिए, न कि उसकी उम्र।

गौरतलब है कि क्रुणाल पांड्या ने आखिरी बार 2021 में श्रीलंका दौरे पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम में वापसी नहीं कर सके हैं। अब गावस्कर के समर्थन के बाद उनके दोबारा भारतीय टीम में चुने जाने की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनकी वापसी को लेकर चयनकर्ताओं की ओर से कोई फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका प्रदर्शन आगे की राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Sun, 18 Oct 2026 23:24:00 +0530

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