भीड़ भरे अस्पताल में पति बना “इंसानी कुर्सी”, Pregnant पत्नी को दिया सहारा, वीडियो हुआ वायरल!
एक भावुक कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पति अपनी गर्भवती पत्नी के लिए “इंसानी कुर्सी” बनता नजर आता है. भीड़ भरे अस्पताल के कॉरिडोर में जब बैठने की कोई जगह नहीं मिली, तो पति खुद फर्श पर बैठ गया और अपनी पीठ को पत्नी के सहारे के रूप में पेश कर दिया, ताकि वह आराम कर सके. यह छोटा सा लेकिन बेहद संवेदनशील कदम लोगों के दिलों को छू गया. वीडियो में साफ दिखाई देता है कि पति ने अपनी असुविधा की परवाह किए बिना पत्नी की सुविधा को प्राथमिकता दी. सोशल मीडिया यूजर्स इस gesture को सच्चे जीवनसाथी की पहचान बता रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि प्यार बड़े-बड़े तोहफों या शब्दों से नहीं, बल्कि ऐसे छोटे-छोटे ख्याल रखने वाले पलों से साबित होता है. यह वीडियो खासतौर पर उन दंपतियों को बहुत पसंद आ रहा है जो प्रेग्नेंसी के दौरान आने वाली शारीरिक और मानसिक चुनौतियों को समझते हैं. यह घटना याद दिलाती है कि असली प्यार वही है, जहां एक-दूसरे का बोझ सच में उठाया जाता है—चाहे वह भावनात्मक हो या शारीरिक. Video Credit: Instagram-@tv1indialive
AI Impact: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डर से आईटी शेयरों में लगातार चौथे दिन गिरावट, निफ्टी IT 9% टूटा; आगे क्या?
AI Impact on IT Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती चिंता ने सोमवार को भारतीय IT शेयरों की धड़कनें फिर बढ़ा दीं। 16 फरवरी को कारोबार के दौरान आईटी कंपनियों के शेयरों में 2% तक की गिरावट दिखी और यह लगातार चौथा दिन रहा जब सेक्टर दबाव में रहा।
निफ्टी आईटी इंडेक्स सुबह के कारोबार में करीब 1% टूटकर 32360.35 पर आ गया। पिछले चार सत्रों में यह इंडेक्स 9% से ज्यादा गिर चुका। साल 2025 में करीब 13% गिरने के बाद 2026 में अब तक इसमें लगभग 15% की कमजोरी आ चुकी।
हेवीवेट इंफोसिस के शेयर 2% से ज्यादा टूटकर 1341 रुपये के आसपास आ गए। पिछले पांच दिनों में यह 10% से ज्यादा और एक महीने में 20% से अधिक गिर चुका है। टेक महिंद्रा में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही जबकि विप्रो और LTIMindtree भी करीब 1 फीसदी नीचे रहे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज लाल निशान में दिखे। हालांकि कोफोर्ज और पर्सिसटेंट सिस्टम्स में हल्की बढ़त देखी गई।
गिरावट की वजह क्या?
इस महीने की शुरुआत से ही सेक्टर में कमजोरी दिख रही है। वजह है एआई से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का डर। हाल ही में एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड चैटबॉट के लिए लीगल एआई टूल लॉन्च किया,जिससे सॉफ्टवेयर कंपनियों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल टेक सेक्टर की कमजोरी, रुपये में गिरावट और FPI आउटफ्लो ने भी सेंटीमेंट खराब किया है। उधर, अमेरिका में जनवरी में जॉब ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही और बेरोजगारी दर 4.3% पर आ गई। इससे संकेत मिलते हैं कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें कुछ समय स्थिर रख सकता है। हालांकि रोजगार वृद्धि मुख्य रूप से हेल्थ सेक्टर में केंद्रित रही।
आगे क्या? डर या मौका?
MULTYFI के सीओओ दर्शन राठौड़ मानते हैं कि बाजार की प्रतिक्रिया भावनात्मक ज्यादा है,तार्किक कम। उनके मुताबिक एआई एक प्रोडक्टिविटी टूल है, जो इंजीनियरों का काम तेज और बेहतर बना सकता है। बड़े और जटिल सिस्टम में मानव जिम्मेदारी की जरूरत खत्म नहीं होगी। यह फंडामेंटल कमजोरी नहीं, बल्कि सेंटीमेंट करेक्शन है। जिन IT कंपनियों की एआई रणनीति साफ है और जिनके पास मजबूत डील पाइपलाइन है, वे वापसी कर सकती हैं। फिलहाल साफ है कि IT सेक्टर ट्रांजिशन फेज में है- डर और मौके, दोनों साथ चल रहे हैं।
(प्रियंका कुमारी)
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