भारत का चीनी निर्यात बढ़ा! फरवरी तक 2 लाख टन का आंकड़ा पार, UAE बना सबसे बड़ा खरीदार
भारत ने चालू विपणन वर्ष 2025-26 में चीनी निर्यात के मोर्चे पर ठोस बढ़त हासिल की है। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (AISTA) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी तक देश ने कुल 2,01,547 टन चीनी का निर्यात सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वैश्विक बाजार में भारतीय चीनी की मांग में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शीर्ष पर रहा है।
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अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) ने सोमवार को यह जानकारी दी। चीनी निर्यात पर सरकार का नियंत्रण बना हुआ है जिसके तहत मिल के बीच आनुपातिक रूप से ‘कोटा’ वितरित किया जाता है।
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केंद्र सरकार ने 2025-26 विपणन वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए कुल 20 लाख टन निर्यात को मंजूरी दी है जिसमें हाल ही में स्वीकृत अतिरिक्त पांच लाख टन भी शामिल है। एआईएसटीए ने बयान में कहा कि कुल निर्यात में सफेद चीनी की हिस्सेदारी 163,000 टन रही जबकि परिष्कृत चीनी की हिस्सेदारी 37,638 टन थी। संयुक्त अरब अमीरात को सबसे अधिक 47,006 टन चीनी निर्यात की गई। इसके बाद अफगानिस्तान को 46,163 टन, जिबूती को 30,147 टन और भूटान को 20,017 टन चीनी निर्यात हुई।
एआईएसटीए ने विपणन वर्ष के लिए अपने पहले अनुमान में कहा कि सितंबर में समाप्त होने वाले 2025-26 विपणन वर्ष में भारत का चीनी उत्पादन, एथनॉल के लिए चीनी के बदलाव को छोड़कर 13 प्रतिशत बढ़कर 2.96 करोड़ टन रहने का अनुमान है। उद्योग निकाय ने इच्छुक मिल को आनुपातिक आधार पर अतिरिक्त पांच लाख टन निर्यात की अनुमति देने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।
एआईएसटीए ने कहा कि शुरुआती 15 लाख टन के ‘कोटे’ (जिसे मिल के बीच आदान-प्रदान किया जा सकता था) के विपरीत नए आवंटन को बदला नहीं जा सकता है। एआईएसटीए के चेयरमैन प्रफुल विठलानी ने कहा, ‘‘ यह दो स्तरीय प्रणाली चीनी के निर्यात को कुछ हद तक सुगम बनाएगी। अब वास्तविक निर्यात करने वाली मिल को व्यापार योग्य ‘कोटे’ पर निष्क्रिय पड़ी मिल को कोई ‘प्रीमियम’ नहीं देना पड़ेगा।
Share Market में Rollercoaster Ride, कमजोर शुरुआत के बाद Sensex-Nifty में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजारों में मिले-जुले रुझान के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने सोमवार को कमजोर शुरुआत की हालांकि जल्द ही निवेशकों की मामूली खरीदारी से बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 349.81 अंक या 0.42 प्रतिशत टूटकर 82,276.95 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 98.4 अंक फिसलकर 25,372.70 अंक पर रहा।
निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला
बाद में, दोनों प्रमुख में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 30 शेयर वाला सेंसेक्स 136.04 अंक चढ़कर 82,762.80 अंक पर जबकि 50 शेयर वाला एनएसई निफ्टी 51.15 अंक की बढ़त के साथ 25,522.25 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मास्युटिकल्स, इटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील के शेयर मुनाफे में रहे।
दूसरी ओर इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर नुकसान में रहे। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि जापान का निक्की 225 स्थिर रहा। चीन और दक्षिण कोरिया में चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बाजार बंद रहे।
अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 67.78 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 7,395.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,553.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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