UP के युवाओं के लिए भर्ती का मौका, योगी सरकार ने खोला नौकरियों का रास्ता
UP Jobs Announment: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से सरकारी सेवा में जाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों के लिए रोजगार का एक बड़ा द्वार खुला है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की कवायद तेज कर दी है. आयोग ने कुल 12 सरकारी विभागों में 1784 रिक्तियों को भरने का फैसला किया है. खास बात यह है कि यह पूरी भर्ती इंटरमीडिएट यानी 12वीं कक्षा पास युवाओं के लिए निकाली गई है. इस घोषणा के बाद से ही राज्य भर के प्रतियोगी छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है.
आवेदन की तिथियां और जरूरी प्रक्रिया
इस भर्ती अभियान में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से ही अपना आवेदन जमा करना होगा. आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू कर दी जाएगी. जो भी योग्य और इच्छुक उम्मीदवार इन पदों के लिए अपनी दावेदारी पेश करना चाहते हैं वे 1 दिसंबर तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं.
प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए आयोग ने आवेदन शुल्क बेहद कम रखा है. सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को केवल 25 रुपये का मामूली शुल्क देना होगा. आवेदन पत्र भरते समय यदि किसी उम्मीदवार से कोई गलती हो जाती है तो उसे ठीक करने का मौका भी मिलेगा. आयोग ने साफ किया है कि आवेदन पत्र में संशोधन करने के लिए 8 दिसंबर तक का समय दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा.
PET स्कोर के आधार पर होगा चयन
इस भर्ती प्रक्रिया में हर कोई सीधा आवेदन नहीं कर सकेगा. आयोग के कड़े नियमों के तहत केवल वही अभ्यर्थी इस चयन प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं जिन्होंने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी पीईटी 2025 में भाग लिया था. आयोग अभ्यर्थियों के पीईटी नॉर्मलाइज्ड स्कोर को आधार बनाकर एक मेरिट सूची तैयार करेगा. इसी मेरिट सूची के आधार पर तय अनुपात में उम्मीदवारों को मुख्य लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा. इसलिए जिन युवाओं का पीईटी स्कोर बेहतर रहेगा उनके मुख्य परीक्षा में बैठने की संभावना सबसे अधिक होगी.
प्रमुख विभागों में पदों का पूरा ब्योरा
इस भर्ती में सबसे ज्यादा आकर्षण ग्रामीण विकास और पंचायती राज से जुड़े पदों को लेकर है. गांव के विकास से सीधे जुड़े पदों पर बड़ी संख्या में नियुक्तियां की जा रही हैं. समाज कल्याण विभाग के तहत ग्राम विकास अधिकारी के 525 पदों पर बहाली होगी. वहीं पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी के 508 पद शामिल किए गए हैं. राजस्व और भूमि सुधार से जुड़े क्षेत्रों में भी युवाओं को बड़ा अवसर मिलेगा जिसमें वाणिज्य कर संग्रह अमीन के 235 पद और भूमि अर्जन अमीन के 187 पद शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त समाज कल्याण पर्यवेक्षक के 137 पदों और भंडारपाल एवं लिपिक के 118 पदों पर युवाओं की भर्ती की जाएगी. अन्य विभागों में भी विभिन्न स्तरों पर अवसर दिए गए हैं. इनमें सहकारी कृषि पर्यवेक्षक के 50 पद, सारणीयक के 14 पद और गृहमाता के पांच पद रखे गए हैं. विशेष चयन श्रेणी में भंडारपाल एवं लिपिक के दो पद, फार्म लिपिक के दो पद और बिक्रीकर्ता का एक पद भी इस पूरी भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है.
मुख्य परीक्षा का प्रारूप और अंक विभाजन
मुख्य परीक्षा का स्वरूप पूरी तरह से वस्तुनिष्ठ प्रकार का रखा गया है. परीक्षा कुल 100 अंकों की आयोजित की जाएगी जिसके लिए अभ्यर्थियों को पूरे दो घंटे का समय दिया जाएगा. परीक्षा कक्ष में समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि आयोग ने गलत उत्तरों पर अंक काटने का प्रावधान किया है. निगेटिव मार्किंग लागू होने के कारण अभ्यर्थियों को केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर देने की सलाह दी जाती है जिनके बारे में वे पूरी तरह आश्वस्त हों.
लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम काफी व्यापक रखा गया है ताकि योग्य उम्मीदवारों का ही अंतिम चयन हो सके. प्रश्न पत्र में भारतीय इतिहास, भारतीय संविधान, सामाजिक विकास, भारत एवं विश्व का भूगोल, सामान्य अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. इसके साथ ही समसामयिक सामाजिक घटनाओं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और डाटा इंटरप्रिटेशन पर आधारित प्रश्न भी शामिल रहेंगे. सामान्य हिंदी भाषा के ज्ञान की भी कड़ी परख की जाएगी.
डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी विषय को भी विशेष महत्व दिया गया है जिससे 15 अंकों के सवाल पूछे जाएंगे. इसके अलावा उत्तर प्रदेश की सामान्य जानकारी, इतिहास और संस्कृति से जुड़े 20 अंकों के सवाल मुख्य परीक्षा में निर्णायक साबित होंगे. अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले आयोग के पोर्टल पर जाकर मूल अधिसूचना की हर शर्त को अच्छी तरह पढ़कर ही अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें.
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Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिखाया बड़ा दिल, 6 साल के अनूप के इलाज के लिए दिए 10 लाख रुपये
Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपनी दिवंगत माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के लिए अपने पैतृक गांव नेमरा में हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी समस्याएं बताने के लिए बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री लोगों से मिलकर उनकी परेशानियां सुन रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान करने का निर्देश दे रहे हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने रामगढ़ जिले के एक परिवार को बड़ी राहत दी है. उन्होंने छह वर्षीय अनूप बेसरा के कान के इलाज के लिए 10 लाख रुपये का चेक दिया है. मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत यह आर्थिक सहायता दी गई है.
48 घंटे के अंदर मिली 10 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के बेराटांड़ के भरेच नगर निवासी रामकिशुन बेसरा के बेटे अनूप बेसरा के इलाज के लिए 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया. अनूप की उम्र करीब छह साल है और उसे कान से जुड़ी गंभीर समस्या है. उसके इलाज में काफी पैसे खर्च होने की बात सामने आई थी. परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल मदद के लिए जरूरी कदम उठाए. मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सभी जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने का निर्देश दिया. इसके बाद रामगढ़ जिला प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की. प्रशासन ने महज 48 घंटे के अंदर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लीं और अनूप के परिवार को 10 लाख रुपये का चेक सौंप दिया गया.
नेमरा में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया। pic.twitter.com/32P8ovkIj3
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) October 14, 2026
वेल्लौर में चल रहा है अनूप का इलाज
जानकारी के अनुसार, अनूप बेसरा का इलाज तमिलनाडु के वेल्लौर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके सुनने की क्षमता से जुड़े अंदरूनी कान के हिस्से को बदलने की सलाह दी है. इस इलाज में काफी खर्च आने की आशंका है. इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा था. इसी परेशानी को लेकर अनूप के पिता रामकिशुन बेसरा ने कुछ दिन पहले नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी. उन्होंने अपने बेटे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी थी. मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या सुनने के बाद मामले में जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया था.
आर्थिक मदद से परिवार को मिली राहत
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने तेजी से काम करते हुए परिवार को राहत पहुंचाई. 10 लाख रुपये की सहायता मिलने से अनूप के इलाज में आर्थिक मदद मिलेगी. अनूप के पिता रामकिशुन बेसरा ने सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस आर्थिक मदद से बेटे के इलाज में काफी सहयोग मिलेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और जरूरतमंदों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
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