Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिखाया बड़ा दिल, 6 साल के अनूप के इलाज के लिए दिए 10 लाख रुपये
Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपनी दिवंगत माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के लिए अपने पैतृक गांव नेमरा में हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी समस्याएं बताने के लिए बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री लोगों से मिलकर उनकी परेशानियां सुन रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान करने का निर्देश दे रहे हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने रामगढ़ जिले के एक परिवार को बड़ी राहत दी है. उन्होंने छह वर्षीय अनूप बेसरा के कान के इलाज के लिए 10 लाख रुपये का चेक दिया है. मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत यह आर्थिक सहायता दी गई है.
48 घंटे के अंदर मिली 10 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के बेराटांड़ के भरेच नगर निवासी रामकिशुन बेसरा के बेटे अनूप बेसरा के इलाज के लिए 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया. अनूप की उम्र करीब छह साल है और उसे कान से जुड़ी गंभीर समस्या है. उसके इलाज में काफी पैसे खर्च होने की बात सामने आई थी. परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल मदद के लिए जरूरी कदम उठाए. मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सभी जरूरी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने का निर्देश दिया. इसके बाद रामगढ़ जिला प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की. प्रशासन ने महज 48 घंटे के अंदर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लीं और अनूप के परिवार को 10 लाख रुपये का चेक सौंप दिया गया.
नेमरा में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया। pic.twitter.com/32P8ovkIj3
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) October 14, 2026
वेल्लौर में चल रहा है अनूप का इलाज
जानकारी के अनुसार, अनूप बेसरा का इलाज तमिलनाडु के वेल्लौर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके सुनने की क्षमता से जुड़े अंदरूनी कान के हिस्से को बदलने की सलाह दी है. इस इलाज में काफी खर्च आने की आशंका है. इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा था. इसी परेशानी को लेकर अनूप के पिता रामकिशुन बेसरा ने कुछ दिन पहले नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी. उन्होंने अपने बेटे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगी थी. मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या सुनने के बाद मामले में जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया था.
आर्थिक मदद से परिवार को मिली राहत
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने तेजी से काम करते हुए परिवार को राहत पहुंचाई. 10 लाख रुपये की सहायता मिलने से अनूप के इलाज में आर्थिक मदद मिलेगी. अनूप के पिता रामकिशुन बेसरा ने सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस आर्थिक मदद से बेटे के इलाज में काफी सहयोग मिलेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और जरूरतमंदों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
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CJP Protest: अभिजीत दीपके को मिली जमानत, SEM कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर किया रिहा
अभिजीत दीपके को जमानत मिल गई है. शनिवार दोपहर दिल्ली पुलिस ने उन्हें SEM कोर्ट ने पेश किया था, जहां उनको 50 हजार का पीस बॉन्ड भरवाकर सशर्त रिहा कर दिया गया. बता दें, एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और आज सुबह पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया.
8 दिन के अंदर अभिजीत दीपके के खिलाफ यह दूसरी कार्रवाई है. इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें सीधे फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था. अगले दिन पीस बॉन्ड भरकर वे रिहा हो गए थे.
एक दिन पहले लिया गया था हिरासत में
एक दिन पहले, CJP प्रमुख दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. वे जैसे ही प्रस्तावित तिरंगा मार्च के लिए घर से बाहर निकले थे, वैसे ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया था. अभिजीत ने पुलिस को बताया कि वह अभी कनॉट प्लेस नहीं जा रहे हैं तो उनको क्यों रोका जा रहा है. हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत ने कहा था कि वह अकेले हैं और अकेले ही जा रहे हैं. इस दौरान, वह लगातार पूछते रहे कि वह प्रदर्शन के लिए कहां जाएंगे. अभिजीत ने बार-बार पुलिस से पूछा कि मैंने आखिर किया क्या है?
VIDEO | Delhi: Police detain CJP founder Abhijeet Dipke as he leaves for the Tiranga march.
— Press Trust of India (@PTI_News) October 16, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/RuekstKTum
दिल्ली पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभिजीत को एहतियातन हिरासत में लिया था. पुलिस ने कल सुबह भी उनको दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत एक नोटिस भी थमाया था. बावजूद इसके अभिजीत सेंट्रल पार्क जाने पर अड़े हुए थे.
10 अक्टूबर को भी डिटेन किए गए थे अभिजीत
इससे पहले 10 अक्टूबर वाले प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए आए अभिजीत को दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट पर ही फ्लाइट के अंदर से हिरासत में ले लिया था. उस वक्त अभिजीत के साथ पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को भी फ्लाइट से ही डिटेन कर लिया था. कोर्ट ने 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर तीनों को अगले दिन रिहा कर दिया था. उन्होंने उस बॉन्ड पर भी हस्ताक्षर किया था कि वह एक साल तक अशांति नहीं फैलाएंगे.
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