मिश्रित वैश्विक संकेतों से सपाट खुला शेयर बाजार, फार्मा सेक्टर में खरीदारी
मुंबई, 16 फरवरी (आईएएनएस)। मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सोमवार को सपाट हुई है। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 21 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 82,605 और निफ्टी 2 अंक की बढ़त के साथ 25,473 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार को संभालने का काम फार्मा और हेल्थकेयर शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी पीएसई भी हरे निशान में थे।
दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी इंडिया डिफेंस लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, आईटीसी, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, एचसीएल टेक और भारती एयरटेल सबसे बढ़ने वाले शेयर थे। इन्फोसिस, एसबीआई, टेक महिंद्रा, एचयूएल, टाइटन, अल्ट्राटके सीमेंट, टीसीएस, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और ट्रेंट लाल निशान में थे।
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में लाल निशान में कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 203 अंक या 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 59,234 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 79 अंक या 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,953 पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो और बैंकॉक लाल निशान में थे, जबकि हांगकांग के बाजार लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को मिश्रित बंद हुए थे, जिसमें डाओ 0.10 प्रतिशत की तेजी के साथ और नैस्डैक 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
कमोडिटी में कच्चे तेल में तेजी बनी हुई है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 0.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 67.80 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 62.80 डॉलर प्रति औंस पर था।
वहीं, सोने और चांदी में गिरावट देखी गई है। सोना 0.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,002 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75.11 डॉलर प्रति औंस पर थी।
--आईएएनएस
एबीएस/
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उज्जैन के महाकाल मंदिर में आज दोपहर को होगी अनोखी भस्म आरती, साल में सिर्फ एक ही दिन मिलता है यह अवसर
Mahakal Bhasm Aarti: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों महाशिवरात्रि पर्व की भव्यता देखने लायक है. बीते 10 दिनों से मंदिर में विशेष आयोजन चल रहे हैं. बाबा महाकाल के दर्शन पिछले 44 घंटों से लगातार जारी हैं. अब तक लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं. लेकिन आज सुबह महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की भस्म आरती नहीं की गई. भस्म आरती होगी, मगर दोपहर 12 बजे.
दोपहर 12 बजे होगा भस्म आरती
सोमवार को मंदिर में सुबह होने वाली भस्म आरती नहीं की गई. आज एक विशेष परंपरा के तहत भस्म आरती दोपहर 12 बजे होगी. यह संयोग साल में केवल एक ही दिन बनता है, जो महाशिवरात्रि के अगले दिन आता है.
दूल्हा बने बाबा महाकाल
आज बाबा महाकाल को दूल्हा स्वरूप में सजाया गया. उन्हें 11 फीट ऊंचे पुष्प सेहरे से श्रृंगारित किया गया. मंदिर में चार प्रहर की पूजा संपन्न हुई. इसके बाद बाबा का महाभिषेक किया गया.
पूजन के दौरान बाबा को सप्तधान्य अर्पित किए गए. इनमें चावल, गेहूं, मूंग, उड़द, तिल और मसूर शामिल हैं. सेहरे में फूलों के साथ सोने-चांदी के आभूषण भी लगाए गए. मान्यता है कि इस पूजन से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है. दर्शन के बाद सेहरे की सामग्री श्रद्धालुओं में वितरित भी की जाती है.
#WATCH | Ujjain, Madhya Pradesh: On the occasion of Mahashivratri, the traditional night Maha Puja was performed at Mahakaleshwar Temple.
— ANI (@ANI) February 16, 2026
(Source: Shri Mahakaleshwar Temple) pic.twitter.com/QFCRgfHkOK
साल में सिर्फ एक बार क्यों होती है भस्म आरती?
महाकालेश्वर ज्योर्तिर्लिंग पर साल में सिर्फ एक बार दोपहर 12 बजे शिव नवरात्रि के आखिर में खास भस्म आरती होती है. इस दिन बाबा महाकाल का दूध दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया जाता है और उन्हें खास श्रृंगार से सजाया जाता है. मान्यता है कि इस दोपहर की भस्म आरती में शामिल होने से भक्तों को साल भर के दर्शन का फायदा मिलता है. महाकाल की इस अनोखी परंपरा को आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनोखा संगम माना जाता है. महाशिवरात्रि उत्सव बुधवार, 18 फरवरी को पंचमुखारविंदा (पांच रूपों का एक साथ) के दर्शन के साथ समाप्त होगा, जो साल में एक बार होता है.
श्रद्धालु बोले-ऐसे दर्शन पहले कभी नहीं किए
सेहरा स्वरूप में बाबा महाकाल के दर्शन कर श्रद्धालु भावुक हो उठे. भक्तों का कहना है कि साल में सिर्फ एक बार होने वाला यह श्रृंगार अद्भुत अनुभूति देता है. मंदिर परिसर में “जय श्री महाकाल” के जयकारे गूंजते रहे.
भस्म आरती के लिए विशेष व्यवस्था
दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे. नंदी हॉल, कार्तिक मंडपम और गणेश मंडपम में सीमित स्थान होने के कारण बैठकर दर्शन की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, चलायमान दर्शन व्यवस्था जारी रहेगी ताकि सभी भक्त बाबा के दर्शन कर सकें.
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