कोटा में Delhi-Mumbai Expressway पर नाले में पलटी मिनी बस, 8 श्रद्धालुओं की मौत
राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह करीब छह बजे 23 यात्रियों को लेकर जा रही एक मिनी बस के 15 फुट गहरे नाले में गिरने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य यात्री घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घायलों में से आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, ऐसी आशंका है कि चालक को झपकी आ गई थी जिसके कारण वाहन आठ लेन वाली सड़क से नाले में गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही आपात कर्मियों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया लेकिन नाले में जमा कीचड़ और पानी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। पुलिस के मुताबिक, क्षतिग्रस्त मिनी बस को बाहर निकालने और उसमें फंसे यात्रियों को बचाने के लिए क्रेन की मदद ली गई।
कोटा (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि ज्यादातर यात्री मध्यप्रदेश के भोपाल और बैतूल जिलों के थे। उन्होंने बताया कि वे राजस्थान में चार से पांच दिन की तीर्थयात्रा पर आए थे। अधिकारी ने बताया कि यात्रा शुक्रवार शाम भोपाल से शुरू हुई थी।
बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वाहन में सवार लोग बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के घाटबिरोली गांव के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है और घायलों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मुलताई थाना प्रभारी विकास पटेल ने बताया कि उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हादसे की जानकारी दी है और परिजन जल्द ही शव लेने के लिए रवाना होंगे।
हादसे में घायल यात्री अंशिका ने बताया कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ यात्रा कर रही थी, जिनमें उसके चाचा, चाची और अन्य रिश्तेदार शामिल थे। उसने बताया कि वे शुक्रवार शाम सात बजे भोपाल से रवाना हुए थे और खाटू श्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे कि तभी यह हादसा हो गया। अंशिका के अनुसार, वाहन में करीब 23 यात्री सवार थे और हादसे के समय उनमें से ज्यादातर सो रहे थे।
उसने आशंका जताई कि चालक को झपकी आ गई होगी। घायलों को न्यू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनएमसीएच) और एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। एनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. निलेश जैन ने बताया कि घायलों का उपचार और सीटी स्कैन जैसी आवश्यक जांच तत्काल शुरू कर दी गईं।
एनएमसीएच के ‘सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक’ अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि अस्पताल में कुल 15 मरीज लाए गए, जिनमें से सात को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि घायल आठ अन्य मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर उनकी हालत स्थिर करने के प्रयास किए गए और उन्हें व्यापक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है और बाकी यात्रियों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारी घटनास्थल को साफ कराने और यात्रियों से संबंधित विवरणों की पुष्टि करने में जुटे हैं।
ओडिशा छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने 8 यूनिवर्सिटीज जीतीं, Amit Shah बोले युवा राष्ट्र प्रथम के साथ
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा में छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की जीत को ‘‘देश विरोधी ताकतों के लिए करारा जवाब’’ बताते हुए शनिवार को कहा कि यह जीत इस बात की पुष्टि करती है कि देश का युवा ‘‘राष्ट्र प्रथम’’ की विचारधारा का समर्थन करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अभाविप ने 15 अक्टूबर को हुए चुनाव में ओडिशा के 13 राज्य विश्वविद्यालयों में से आठ और कई महाविद्यालयों में जीत दर्ज की। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ओडिशा के छात्रसंघ चुनाव में मिली प्रचंड जीत के लिए अभाविप के कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई।
पहले पंजाब विश्वविद्यालय, फिर दिल्ली विश्वविद्यालय और अब ओडिशा के 13 विश्वविद्यालयों में अभाविप को मिली यह शानदार जीत स्पष्ट संदेश है कि देश की युवा शक्ति झूठ, भ्रम व अराजकता फैलाने वाली ताकतों के साथ नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ी है।’’ उन्होंने एसआईआर के खिलाफ जारी आंदोलन की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘परिषद की यह जीत देशविरोधी ताकतों को युवाओं का करारा जवाब है।’’ राज्य में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते, लेकिन राजनीतिक दल उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं। जहां राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा ने अभाविप प्रत्याशियों का समर्थन किया, वहीं विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने अपने छात्र संगठन बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) के उम्मीदवारों को और कांग्रेस ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रत्याशियों को मैदान में उतारा। अभाविप की ओडिशा इकाई ने दावा किया कि उसके उम्मीदवारों ने राज्य के 13 में से आठ विश्वविद्यालयों में जीत हासिल की, जिसमें अध्यक्ष पद के आठ, उपाध्यक्ष के आठ, सचिव के 10 और सहायक महासचिव के 11 पदों पर विजय मिली है।
अभाविप की राज्य सचिव दीप्तिमयी प्रतिहारी ने दावा किया कि संघ के छात्र संगठन ने उत्कल विश्वविद्यालय में पूरे पैनल को पछाड़ दिया और रेवेनशॉ विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद को छोड़कर बाकी सभी पदों पर जीत दर्ज की। दूसरी ओर, बीसीजेडी उम्मीदवारों ने पांच विश्वविद्यालयों में अध्यक्ष और एक में महासचिव पद पर जीत हासिल की। एनएसयूआई ने एक विश्वविद्यालय में महासचिव का पद जीता।
हालांकि, बीसीजेडी की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने कहा, ‘‘हमने प्रतिष्ठित रमा देवी महिला विश्वविद्यालय और रेवेनशॉ विश्वविद्यालय सहित राज्य भर के लगभग 55 से 60 प्रतिशत कॉलेज संघों में जीत हासिल की है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकतर महिला कॉलेजों में बीजद समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










