Ranji Trophy में शानदार प्रदर्शन के बाद भी Mohammed Shami बाहर, Akash Deep की Test में वापसी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे इंटरनेशनल (ODI) और टेस्ट सीरीज के लिए घोषित राष्ट्रीय टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर शामिल नहीं किया है। 36 वर्षीय शमी ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ICC चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खेला था। उस टूर्नामेंट में उन्होंने पांच पारियों में 25.88 की औसत से नौ विकेट लिए थे, जो भारत की जीत में अहम साबित हुए थे।
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उस मैच के बाद से, शमी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। 2026 दलीप ट्रॉफी में, उन्होंने तीन मैचों में 26.57 की औसत से सात विकेट लिए और ईस्ट ज़ोन को खिताब जिताने में मदद की। 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान, उन्होंने सात मैचों में 16.72 की औसत से 37 विकेट लिए। 2026-27 रणजी ट्रॉफी में अपने एकमात्र मैच में, शमी ने 4/30 और 1/29 के आंकड़े दर्ज किए। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शमी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है; 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए उन्होंने 9 मैचों में 6 विकेट लिए, और 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए 13 मैचों में 12 विकेट लिए।
घरेलू क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, उम्मीदें जगी थीं कि वे भारत की वनडे और टेस्ट टीम में वापसी करेंगे। इन उम्मीदों को तब और बल मिला, जब 36 वर्षीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली T20 इंटरनेशनल (T20I) सीरीज के लिए टीम में वापस बुलाया गया। यह सीरीज वनडे और टेस्ट मैचों से पहले खेली जाएगी। अगर कुमार को चुना जाता है, तो यह 2022 T20 वर्ल्ड कप में एडिलेड में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। IPL में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के साथ उनकी वापसी काफी सफल रही है; उन्होंने 31 मैचों में 22.55 की औसत और 8.52 की इकॉनमी रेट से 45 विकेट लिए हैं। उनके इस प्रदर्शन की मदद से RCB ने 2025 और 2026 में लगातार दो बार IPL का खिताब जीता।
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बंगाल में शमी के साथी खिलाड़ी आकाश दीप न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टेस्ट टीम में वापस आ गए हैं। उन्होंने अपना पिछला टेस्ट अगस्त 2025 में द ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। पीठ के निचले हिस्से में चोट के कारण वे लगभग आठ महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहे। अंशुल कंबोज को भी टीम में वापस बुलाया गया है, जिन्होंने 2025 के इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए एक टेस्ट खेला था, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। बीसीसीआई ने 17 अक्टूबर को टीमों की घोषणा की। 4 नवंबर से 15 नवंबर के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, जिसके बाद 19 नवंबर से दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होगी।
धामी सरकार के कार्यकाल में खुले 3 राजकीय नर्सिंग कॉलेज, 321 सीटों की हुई बढ़ोतरी
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा की मजबूती और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसी क्रम में जुलाई 2021 से प्रदेश में तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना हो चुकी है, जिससे प्रदेश को नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें मिली है. इसी के साथ राजकीय नर्सिंग कॉलेजों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़कर 879 हो चुकी हैं, इसके अलावा प्रदेश के निजी नर्सिंग संस्थानों में सीटों की संख्या 10,616 तक पहुंच चुकी है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चिकित्सा सेवाओं की मजबूती के लिए प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर खास फोकस किया गया है. जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें यानी कुल 321 सीटें बढ़ चुकी हैं. यहां एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं.
विदेशों में भी मिल रहा रोजगार
विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के साथ जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं में भी दक्ष बनाया जा रहा है. राज्य सरकार के प्रयासों से प्रशिक्षित युवा विदेशों में रोजगार पा रहे हैं. वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला है. जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला है.
निजी संस्थानों में 10 हजार से अधिक सीटें
प्रदेश में जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए और विभिन्न पाठ्यक्रमों में 5138 सीटों की मंजूरी दी गई. इसी के साथ नर्सिंग शिक्षा के सभी पाठ्यक्रमों में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 10,616 हो चुकी है. उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी उत्तराखंड के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं. इससे प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का दायरा बढ़ने के साथ निजी अस्पतालों और नर्सिंग संस्थानों में रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं.
कुशल फैकल्टी और शैक्षिक गुणवत्ता पर जोर
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर भी खास फोकस किया है. दिसंबर 2021 में 40 ट्यूटरों की नियुक्ति की गई. जून 2025 तक 26 और ट्यूटर नियुक्त किए गए, जिससे कुल नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई है. इसी प्रकार अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित कुल नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई. इसके अतिरिक्त ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पदों का सृजन किया गया. नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई.
जल्द होगी 16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय द्वारा 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है. बीते सितंबर माह में 30 ट्यूटरों का अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है.
प्रवेश के लिए युवाओं में बढ़ रहा रुझान
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विवि की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में प्रतिवर्ष लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं. यह नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाता है. सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखण्ड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.
नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है. सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आगे बढ़ें और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं.
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