खंडवा के घासपुरा में जमीन विवाद को लेकर बढ़ा तनाव, दो दिन में 3 युवकों से मारपीट
मध्य प्रदेश के खंडवा के घासपुरा वार्ड के अंतर्गत आने वाले बांग्लादेश क्षेत्र में विवादित जमीन को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी तनाव चल रहा है। इसी विवाद के चलते पिछले दो दिनों के भीतर तीन अलग-अलग युवकों के साथ मारपीट की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं जिनकी शिकायतें पुलिस तक पहुंच चुकी हैं।
आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ दबंग लोग उस विवादित जमीन को जबरन खाली कराने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। इसी खींचतान के बीच कभी किसी युवक को रास्ते में रोककर पीटा जा रहा है, तो कभी किसी को चारपहिया गाड़ी में डालकर दूर ले जाकर मारा जा रहा है।
कब्रिस्तान के पास की विवादित जमीन पर है 50 परिवारों का कब्जा
यह पूरा मामला घासपुरा वार्ड के बांग्लादेश इलाके में स्थित कब्रिस्तान के पास की जमीन से जुड़ा हुआ है जिसको लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, इस जमीन पर पिछले काफी समय से करीब 50 गरीब परिवार कब्जा करके रह रहे हैं।
आरोप है कि इन्हीं परिवारों पर जमीन खाली करने का दबाव बनाने के लिए कुछ लोग मारपीट और गुंडागर्दी का रास्ता अपना रहे हैं। हालांकि पुलिस इन सभी हमलों के पीछे जमीन के विवाद की असल वजह की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।
दिव्यांग युवक सत्या को घर से उठाकर बड़ी नदी ले गए दबंग
मारपीट की इन घटनाओं में सबसे खतरनाक मामला गुरुवार रात का सामने आया, जब मोहम्मद हुसैन उर्फ सत्या नाम के एक दिव्यांग युवक को निशाना बनाया गया। आरोप है कि कुछ लोग उसे उसके घर से जबरन उठाकर चारपहिया वाहन में बैठाकर बड़ी नदी इलाके में ले गए। सत्या का एक पैर पहले से ही खराब और काम नहीं करता है, इसके बावजूद दबंगों ने उसके साथ जमकर बेरहमी की। गंभीर हालत में उसे वहीं छोड़कर आरोपी फरार हो गए, जिसके बाद आने-जाने वाले लोगों की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
फारूक शेख और इमरान पवार पर भी हुआ हमला
गुरुवार को ही फारूक शेख नाम के एक अन्य युवक के साथ भी मारपीट की घटना सामने आई थी। इसके अलावा मारपीट का तीसरा मामला गुलमोहर कॉलोनी से भी जुड़ा है, जहां इमरान पवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इमरान का आरोप है कि झब्बू और उसके परिवार वालों ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला करवाया है। इन सभी मामलों में कोतवाली पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन सभी घटनाओं के आपस में क्या तार जुड़े हैं।
बिहार: साल 2027 में सरकारी कर्मचारियों को कितनी मिलेंगी छुट्टियां, कब-कब बंद रहेंगे दफ्तर, यहां देखें अवकाश की पूरी लिस्ट
बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने साल 2027 के अवकाश कैलेंडर को मंजूरी दे दी है। इसमें सामान्य, ऐच्छिक और निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित छुट्टियों की अलग-अलग सूची बनाई गई है। ये अवकाश सभी संबंधित कार्यालयों में समान रूप से लागू होंगे।
जानकारी के मुताबिक, नए साल में कर्मचारियों को 12 सामान्य अवकाशों का लाभ मिलेगा। इनमें 3 छुट्टियां रविवार को पड़ रही है। इसके अलावा 22 दिन की ऐच्छिक लीव मिलेगी। इनमें से 2 छुट्टियां रविवार को पड़ेंगी। इन निर्धारित छुट्टियों पर संबंधित सरकारी दफ्तर और अदालतें बंद रहेंगी। कर्मचारी अपनी पसंद के अनुसार इस सूची में से अधिकतम तीन दिन की छुट्टी ले सकते हैं, हालांकि, इसके लिए उन्हें सरकार के तय नियमों और प्रक्रिया का पालन करना होगा।
सामान्य अवकाश की सूची में जयंती, शब-ए-बरात और महाशिवरात्रि शामिल हैं। ऐच्छिक और प्रतिबंधित अवकाश में मकर संक्रांति, कर्पूरी जयंती, ईद, होलिकादहन, बकरीद, मुहर्रम, हरितालिका तीज, अनंत चतुर्दशी, विश्वकर्मा पूजा,जीवितपुत्रिका व्रत और रक्षा बंधन जैसे अवसर शामिल हैं। इसके अलावा साल के आखिरी महीनों में दुर्गा पूजा, छठ पूजा, दिवाली और क्रिसमस ईव की छुट्टियां शामिल की गई हैं।
वहीं निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के तहत 24 सरकारी छुट्टियां भी घोषित की गई हैं। इनमें से दो छुट्टियां रविवार को पड़ेंगी। कैलेंडर में सरकार ने 1 अप्रैल 2027 को वित्तीय वर्ष के सालाना हिसाब-किताब के लिए भी छुट्टी निर्धारित की है। इस दिन बैंक और वित्तीय संस्थान अपने वार्षिक लेखा-जोखा से जुड़े काम पूरे करेंगे।
Bihar Government Employees Holiday Calendar 2027
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