UP में Zero Tolerance नीति से दुष्ट शक्तियों का हुआ दमन, CM Yogi बोले- बना भयमुक्त माहौल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपराध के प्रति 'डबल इंजन' सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' (सख्त रुख) की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इससे "दुष्ट ताकतों" पर लगाम लगी है, कानून का शासन मजबूत हुआ है और पूरे राज्य में भयमुक्त माहौल बना है। 17 अक्टूबर को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने अपराध के खिलाफ अपने प्रशासन के रुख और महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए देवी कालरात्रि के दिव्य स्वरूप का उल्लेख किया।
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उन्होंने लिखा कि देवी कालरात्रि का दिव्य स्वरूप—जो दुष्ट शक्तियों, राक्षसों और ‘रक्तबीज’ (लगातार फैलने वाली बुराई का प्रतीक) जैसी ताकतों का विनाश करती हैं, धर्म की स्थापना करती हैं और अपने भक्तों को निर्भयता प्रदान करती हैं—एक गहरा संदेश देता है: अधर्म, अत्याचार और आतंक का समूल नाश ही वह आधार है, जिस पर न्याय, शांति और निर्भयता से युक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उस दौर को याद किया, जब राज्य में माफियाओं, दंगाइयों और अपराधियों के कारण भय और अव्यवस्था का माहौल था। इससे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। उन्होंने कहा कि पिछले 9.5 वर्षों में, ‘डबल-इंजन’ सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (सख्त बर्दाश्त न करने) की नीति ने इन दुष्ट शक्तियों को दबा दिया है, जिससे पूरे राज्य में कानून का शासन स्थापित हुआ है और भयमुक्त वातावरण बना है।
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मुख्यमंत्री ने ‘मिशन शक्ति’, एकीकृत 1090 हेल्पलाइन, महिलाओं पर केंद्रित ‘बीट पुलिसिंग’ और ‘सेफ सिटी’ परियोजना जैसी पहलों के प्रभाव पर प्रकाश डाला। इन प्रयासों ने महिलाओं के लिए उनके घरों से लेकर सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। उन्होंने पुलिस की प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) में आए बड़े सुधार का भी उल्लेख किया। 2016 में जो समय 65 मिनट हुआ करता था, वह अब घटकर केवल पांच मिनट रह गया है। यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की तत्परता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Surya Puja और स्नान दान से दूर होगा दोष, Tula Sankranti पर करें ये उपाय
आज यानी की 17 अक्तूबर 2026 को तुला संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। आज ग्रहों के राजा सूर्य देव तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान 05 घंटे 43 मिनट का पुण्यकाल होगा। वहीं महापुण्यकाल 1 घंटा 54 मिनट है। संक्रांति के मौके पर स्नान-दान और सूर्य पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इससे जातक के पापों का नाश होता है और कुंडली में सूर्य की स्थिति बेहतर होती है। तो आइए जानते हैं तुला संक्रांति की तिथि, पुण्यकाल का समय और महत्व आदि के बारे में...
तिथि और पुण्यकाल
वैदिक पंचांग के मुताबिक 17 अक्टूबर शनिवार को शाम में 07:57 मिनट पर सूर्य का तुला राशि में प्रवेश होगा। उस दौरान तुला संक्रांति का क्षण होगा और इस बार तुला संक्रांति पर पुण्य काल दोपहर 12:06 मिनट से लेकर शाम 05:50 मिनट तक रहेगा।
स्नान-दान विधि
संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विधान माना जाता है। इससे जातक के पाप मिटते हैं और पुण्य मिलता है। वहीं आप तुला संक्रांति के मौके पर पुण्यकाल में कभी भी पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं। लेकिन अगर नदी में स्नान करना संभव न हो, तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
क्या दान करें
इस दिन स्नान आदि करने के बाद यथासंभव दान करना चाहिए। तुला संक्रांति के मौके पर अन्न, वस्त्र, बर्तन, फल, बिस्तर और कंबल आदि का दान किया जाता है। यह दिन सूर्य से जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन सूर्य से जुड़ी वस्तुएं दान करना चाहिए।
तुला संक्रांति के मौके पर गेहूं, लाल या नारंगी कपड़े, केसर, तांबा या तांबे के बर्तन, घी, गुड़ और सोना आदि का दान किया जा सकता है। इससे लाभ मिलता है और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
इन उपायों को करने से सूर्य का प्रभाव बढ़ता है और करियर में नए मौके मिलते हैं। साथ ही पिता के साथ संबंध मजबूत होता है और उनका सहयोग प्राप्त होता है।
करें ये उपाय
इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य जरूर दें।
सूर्य मंत्रों का जाप करना चाहि।
आदित्य हृदय स्त्रोत का जाप करना चाहिए।
वहीं सूर्य चालीसा का पाठ करें।
इन उपायों को करने से सूर्य दोष दूर होता है।
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