भारत आगामी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट में विश्व के नेताओं, उद्योग जगत के अधिकारियों और अकादमिक विशेषज्ञों का स्वागत कर रहा है, जिसके चलते वह वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य एआई को जिम्मेदारीपूर्वक, समावेशी और व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त करना है।
एआई पारिस्थितिकी तंत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए, वैश्विक आईटी सेवा प्रदाता किंड्रिल के अध्यक्ष और सीईओ मार्टिन श्रोएटर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को आकार देने में देश की निर्णायक भूमिका पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भारत के मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ने व्यापक नवाचार के लिए एक ठोस आधार तैयार किया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है, जो डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की मजबूत नींव पर आधारित है और शुरुआत से ही व्यापक प्रभाव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारत के पास दुनिया भर की सरकारों और कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण सीख है कि कैसे प्रौद्योगिकी, जब सोच-समझकर डिज़ाइन की जाती है, तो अवसरों का विस्तार कर सकती है, व्यापक समावेश को बढ़ावा दे सकती है और दीर्घकालिक सतत विकास को सक्षम बना सकती है।
उन्होंने कहा कि यह पहल भारत सरकार की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि एआई का अगला अध्याय जिम्मेदारी, विश्वास और समावेश पर आधारित हो, जिससे वैश्विक दक्षिण और विश्व भर में साझा प्रगति को बढ़ावा मिले। श्रोएटर ने कहा मैं एआई इम्पैक्ट समिट में होने वाली उन चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं, जिनमें एआई को जिम्मेदारी से विस्तारित करने, लचीलापन बनाने, नवाचार को वास्तविक परिणामों में बदलने और समुदायों को मजबूत करने तथा रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाने के तरीकों पर बात होगी। इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए, बिजनेस सॉफ्टवेयर एलायंस (बीएसए) की सीईओ विक्टोरिया एस्पिनेल ने दुनिया भर में व्यवसायों, सरकारों और संगठनों के लिए एआई समाधान विकसित कर रही बीएसए सदस्य कंपनियों के नेताओं के साथ शिखर सम्मेलन में भाग लेने पर उत्साह व्यक्त किया।
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