US Attack on Syria: अमेरिका का सीरिया में बड़ा हमला, ISIS के 30 से ज्यादा ठिकाने तबाह
US Attack on Syria: अमेरिका ने सीरिया में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है. अमेरिकी सेना ने पिछले 15 दिनों में कई हवाई हमले किए हैं, जिनमें आतंकियों के ठिकानों, हथियारों के गोदाम और संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया. इन हमलों से ISIS के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और कई आतंकियों के मारे जाने या पकड़े जाने की खबर है.
ऑपरेशन ‘हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत कार्रवाई
अमेरिकी सेना की क्षेत्रीय कमान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत की जा रही है. इस अभियान की शुरुआत 19 दिसंबर 2025 को हुई थी. इससे पहले 13 दिसंबर को सीरिया के पलमायरा शहर में एक हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक इंटरप्रेटर की मौत हो गई थी. अमेरिका ने कहा कि यह अभियान उसी हमले का जवाब है.
US army launches retaliatory strikes on dozens of ISIL targets in Syria https://t.co/zeGBhgBM3d pic.twitter.com/WWBmNXcZ87
— Al Jazeera English (@AJEnglish) February 14, 2026
30 से ज्यादा ठिकाने नष्ट
सेंटकॉम के अनुसार, 3 फरवरी से 12 फरवरी के बीच नए चरण में 10 सटीक हवाई हमले किए गए. इन हमलों में ISIS के 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें हथियारों के भंडार, रसद केंद्र और संचार प्रणाली शामिल थे, जो संगठन की गतिविधियों को चलाने में मदद कर रहे थे.
अमेरिका ने विमानों और ड्रोन से किया हमला
इस अभियान में अमेरिका ने कई आधुनिक लड़ाकू विमानों और ड्रोन का इस्तेमाल किया. इनमें एफ-15ई स्ट्राइक ईगल, ए-10 वार्थॉग, एसी-130जे घोस्टराइडर और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन शामिल हैं. इसके अलावा जॉर्डन के एफ-16 विमानों ने भी इस अभियान में सहयोग दिया. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 50 ISIS लड़ाके मारे गए हैं और कई गिरफ्तार किए गए हैं.
आतंकियों को कमजोर करने की कोशिश
अमेरिका ने साफ संदेश दिया है कि उसके सैनिकों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. सेंटकॉम ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीरिया की जेलों में बंद 5,700 से ज्यादा ISIS संदिग्धों को इराक भेजा गया है. अमेरिका का कहना है कि उसका लक्ष्य ISIS को फिर से मजबूत होने से रोकना और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है.
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महाशिवरात्रि 2026: घर बैठे करें 12 ज्योतिर्लिंगों के LIVE दर्शन, महाकाल में 44 घंटे पूजन
देशभर में आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। आधी रात से ही देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई हैं। विशेष रूप से महाकालेश्वर मंदिर में आज करीब 10 लाख भक्तों के पहुंचने का अनुमान है।
मंदिर के पट रात 2:30 बजे से खोल दिए गए हैं और यहां लगातार 44 घंटे तक दर्शन-पूजन होगा। इस दौरान शयन आरती नहीं होगी। 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे साल में एक बार होने वाली विशेष भस्म आरती भी आयोजित की जाएगी।
महाकाल का दूल्हे के रूप में भव्य श्रृंगार किया जा रहा है। इसके लिए 3 क्विंटल फूल मंगाए गए हैं। 100 किलो आंकड़े के फूल, सवा लाख बेल पत्र और 200 किलो देसी फूलों से 11 फुट का सेहरा तैयार किया गया है।
नीचे जानिए देश के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों के बारे में, जहां से भक्त LIVE दर्शन कर सकते हैं।
1. सोमनाथ मंदिर (गुजरात)
सौराष्ट्र, गुजरात में स्थित सोमनाथ पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। अरब सागर के किनारे स्थित यह मंदिर भव्यता और आस्था का प्रतीक है।
2. मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर (आंध्र प्रदेश)
श्रीशैलम में स्थित यह ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत का प्रमुख तीर्थ है। इसे शिव और पार्वती का संयुक्त स्वरूप माना जाता है।
3. महाकालेश्वर मंदिर (मध्य प्रदेश)
उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष सजावट और अखंड पूजन होता है।
4. ओंकारेश्वर मंदिर (मध्य प्रदेश)
नर्मदा नदी के द्वीप पर स्थित यह मंदिर ओम आकार में बसे क्षेत्र में स्थित है, जो इसे विशेष बनाता है।
5. केदारनाथ मंदिर (उत्तराखंड)
हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ धाम कठिन यात्रा के बावजूद अत्यंत पवित्र माना जाता है।
6. भीमाशंकर मंदिर (महाराष्ट्र)
पुणे के पास स्थित यह ज्योतिर्लिंग सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में बसा है।
7. काशी विश्वनाथ मंदिर (उत्तर प्रदेश)
वाराणसी में स्थित यह ज्योतिर्लिंग मोक्षदायिनी गंगा के तट पर है और शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
8. त्र्यंबकेश्वर मंदिर (महाराष्ट्र)
नासिक में स्थित यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के पास है।
9. बैद्यनाथ धाम (झारखंड)
देवघर स्थित यह ज्योतिर्लिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
10. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
द्वारका के निकट स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग समुद्र तट के पास स्थित है।
11. रामेश्वरम मंदिर (तमिलनाडु)
रामेश्वरम में स्थित यह ज्योतिर्लिंग उत्तर और दक्षिण भारत की आस्था को जोड़ता है।
12. घृष्णेश्वर मंदिर (महाराष्ट्र)
औरंगाबाद के पास स्थित यह बारहवां ज्योतिर्लिंग है, जिसे घृष्णेश्वर या घुश्मेश्वर भी कहा जाता है।
महाशिवरात्रि का महत्व
महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और रात्रि जागरण का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के साथ-साथ ऑनलाइन LIVE दर्शन का लाभ भी ले रहे हैं।
इस पावन अवसर पर श्रद्धालु “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष के साथ भगवान शिव से सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं।
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